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देहरादून : यूनियन बैंक से करीब 20 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला, आठ पर सीबीआई ने दर्ज किया केस 

Mon, 23 Nov 2020 10:42 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 23 Nov 2020 10:42 AM IST
सार

  • गाजियाबाद स्थित यूनियन बैंक से करीब 20 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला 
  • आरोपियों में दिल्ली के किराना कारोबारी समेत सरकारी अधिकारी व कर्मचारी भी शामिल 
  • बैंक की रीजनल हेड की शिकायत पर देहरादून सीबीआई शाखा ने दर्ज किया केस 

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Dehradun: CBI files case on eight people of fraud of around Rs 20 crore from Union Bank,
सांकेतिक चित्र - फोटो : Social Media

विस्तार

सीबीआई की स्थानीय शाखा ने बैंक से धोखाधड़ी के आरोप में दिल्ली के किराना कारोबारी समेत आठ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामला यूनियन बैंक से करीब 20 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का है। आरोपियों में किराना फर्म, फर्म का मालिक, गारंटर और कुछ अज्ञात सरकारी कर्मचारी भी शामिल हैं। 

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सीबीआई की देहरादून शाखा से मिली जानकारी के अनुसार यूनियन बैंक की रीजनल मैनेजर सरोज दास ने ज्वाइंट डायरेक्टर (सीबीआई) लखनऊ से शिकायत की थी। शिकायत के अनुसार दिल्ली के गोविंदा इंटरनेशनल फर्म ने 2017 में गाजियाबाद के कौशांबी स्थित यूनियन बैंक से क्रेडिट लिमिट (संपत्ति के सापेक्ष बैंक उधार यानी लोन) के लिए आवेदन किया था। इस आवेदन पर कमेटी ने विचार करते हुए 31 मार्च 2017 को 15 करोड़ रुपये का लोन स्वीकृत कर दिया। इसके एवज में बैंक ने गोविंदा इंटरनेशनल का स्टॉक और कुछ संपत्तियों को बंधक रखा। 
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शिकायत के अनुसार इस पूरी लिमिट को इस्तेमाल भी कर लिया, लेकिन समय पर लोन चुकाया नहीं गया। इसके बाद बैंक ने जब भौतिक सत्यापन किया तो पता चला कि उन्होंने सारा स्टॉक बेच दिया। यही नहीं अन्य संपत्तियां भी खुर्द-बुर्द कर दी। जबकि नियमानुसार जितना स्टॉक बंधक रखा होता है उतना 90 दिनों के अंतराल पर बैंक को दिखाना होता है।
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इस मामले में सरोज दास की ओर से डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल (डीआरटी) में भी केस फाइल कर दिया है। इसके अलावा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से भी शिकायत की है। लखनऊ ज्वाइंट डायरेक्टर के निर्देश पर सीबीआई ने धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। 

कई तरह के फर्जी दस्तावेज भी किए बैंक में जमा 

बैंक ने सीबीआई को बताया कि गोविंदा इंटरनेशनल फर्म ने कई तरह के फर्जी दस्तावेज भी जमा किए थे। बैंक ने जब इनकी तस्दीक की तो सच्चाई सामने आई। बैंक के अनुसार बंधक प्रापर्टी में से भी बहुत सा हिस्सा उन्होंने बेच दिया। 

इनके खिलाफ दर्ज किया गया मुकदमा 

- गोविंदा इंटरनेशनल, शॉप नंबर 1062, गांधी गली, फतेहपुरी दिल्ली, ईस्ट दिल्ली। 
- केशव जोशी मालिक गोविंदा इंटरनेशनल निवासी चरखी वाला चौक, चावड़ी बाजार चांदनी चौक, दिल्ली। 
- पवन कुमार शर्मा, गारंटर, गली गांधी चांदनी चौक, दिल्ली। 
- मैसर्स एगसन ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड, दिल्ली। 
- मैसर्स एएसएम ट्रैक्सिम प्राइवेट लिमिटेड, दिल्ली। 
- मैसर्स आरएम एंड एसोसिएट्स, मंगलम ग्रीन पार्क हसनपुर दिल्ली रोड, सहारनपुर। 
- ग्लोबल वैल्यूस एंड एसोसिएट्स, करुणा कुंज सेक्टर तीन, द्वारका, नई दिल्ली। 
- अज्ञात सरकारी अधिकारी व कर्मचारी। 

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया गाजियाबाद के साथ हुई धोखाधड़ी के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में जांच की जा रही है। 
- पीके पानीग्रही, एसपी, सीबीआई, देहरादून 

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