एक्सक्लूसिव: बोर्डिंग स्कूल सामूहिक दुष्कर्म मामला, सरकार ने स्कूल को दोबारा दे दी एनओसी
- अब उसी पुराने नाम से सीबीएसई से मान्यता लेने की फिराक में स्कूल प्रबंधन
- दुष्कर्म की घटना के बाद 2018 में रद्द हो गई थी स्कूल की एनओसी
- सीबीएसई ने भी खत्म कर दी थी स्कूल की मान्यता, शिफ्ट कर दिए थे बच्चे
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दुष्कर्म की सनसनीखेज घटना और उस पर फैले आक्रोश के बाद उत्तराखंड सरकार ने जिस भाऊवाला स्थित बोर्डिंग स्कूल की एनओसी रद्द कर दी थी, अब उसे दोबारा उसी नाम पर एनओसी दे दी गई है। अब स्कूल प्रबंधन सीबीएसई से मान्यता लेने की तैयारी में है।
भाऊवाला स्थित बोर्डिंग स्कूल में सितंबर 2018 में नाबालिग छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म और इसके बाद गर्भपात कराने का मामला सामने आया था। मामले से हड़कंप मच गया। महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने भी इस पर सख्त नाराजगी जताते हुए सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग रखी थी।
25 सितंबर 2018 को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस मामले में अधिकारियों को स्कूल की एनओसी रद्द करने का आदेश दिया था। इसके बाद शासन ने स्कूल की एनओसी रद्द कर दी थी।
सीबीएसई से मान्यता लेने की प्रक्रिया शुरू
इसके साथ ही तत्कालीन शिक्षा सचिव भूपेंद्र कौर औलख ने सीबीएसई चेयरमैन को स्कूल की मान्यता रद्द करने का पत्र भेज दिया था। चूंकि सीबीएसई में मान्यता खत्म करने की प्रक्रिया पहले से चल रही थी।
इसलिए 25 सितंबर 2018 को सीबीएसई ने स्कूल की मान्यता खत्म कर दी थी। सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में राज्य सरकार ने दोबारा बोर्डिंग स्कूल को मान्यता के लिए एनओसी जारी कर दी है। अब स्कूल प्रबंधन की ओर से सीबीएसई से मान्यता लेने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।
सीबीएसई की ओर से दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आते ही मान्यता खत्म करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। करीब दस दिन के भीतर नियमानुसार मान्यता खत्म कर दी गई थी। अभी स्कूल की मान्यता की फाइल बोर्ड के पास नहीं आई है। अगर आई तो नियमानुसार कार्रवाई होगी।
-रणबीर सिंह, रीजनल ऑफिसर, सीबीएसई