बेटी की मौत पर मायके वालों ने ससुरालियों को धुना
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हरिद्वार में विवाहिता की संदिग्ध मौत के बाद गुपचुप दाह संस्कार करने पर सहारनपुर से पहुंचे मायके वालों ने ससुरालियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। पुलिस ने जैसे-तैसे ससुरालियों को बचाया।
मृतका के भाई की तहरीर पर पति, जेठ, देवर, जेठानी एवं देवरानी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामला ज्वालापुर के मोहल्ले धीरवाली की है। मोहल्ला मालियान में सचिन बंसल की किराना की दुकान है।
शनिवार को सचिन के भाइयों ने भेल के एक स्कूल में कक्षा दस में अध्यनरत भतीजी नैंसी को मां रीतू गोयल की तबियत खराब होने की बात कहकर घर बुला लिया। आरोप है कि बेटी के पहुंचते ही आनन-फानन में परिवार वाले महिला को लेकर एक निजी अस्पताल पहुंचे।
हालत बिगड़ने पर फिर वहां से कनखल के एक धर्मार्थ अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां रीतू को मृत घोषित कर दिया गया। आरोप है कि ससुराल पक्ष ने मायके पक्ष को सूचना दिए बिना कनखल के श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया।
देर शाम बेटी ने अपने मामा अमित को मां की मौत और दाह संस्कार की सूचना दी। बताया कि जब वह स्कूल से घर आई तब मां को देखने भी नहीं दिया। रविवार दोपहर जोशीवाड़ा (देवबंद, सहारनपुर) से पहुंचे मायके पक्ष के लोगों ने यहां पहुंचकर हंगामा कर दिया।
मृतका की थी दूसरी शादी
पड़ोसी भी मायके पक्ष के लोगों के समर्थन में उतर गए। गुस्साए मायके पक्ष के लोगों ने पति, जेठ, देवर, जेठानी, देवरानी एवं सास को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। ससुरालियों को छुड़ाने में पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी।
पुलिस पति, जेठ, देवरानी, जेठानी, सास को हिरासत में लेकर कोतवाली ले आई। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ हत्या एवं साक्ष्य नष्ट करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है। नामजद आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
रीतू की शादी चार वर्ष पहले सचिन से हुई थी। वह तलाकशुदा थी और पहले पति से रीतू को बेटी हुई। अब वह दसवीं की छात्रा है। मौजूदा पति से उसकी कोई संतान नहीं है।
भारत आश्रय सेवा समिति भी आगे आई
मायके पक्ष की मदद को भारत आश्रय सेवा समिति भी आगे आई। संस्था ने पुलिस को मृतका की एक वीडियो रिकार्डिंग एवं उसी का लिखा हुआ एक पत्र भी सौंपा है।
इनमें मृतका के जेठ पर गंभीर आरोप हैं। आरोप लगाया कि दहेज की खातिर उसका उत्पीड़न हो रहा है और उसे मारापीटा है। अपनी जान को भी मृतका ने खतरा बताया था। संस्था पदाधिकारी श्याम एवं मोहनराजा ने बताया कि पुलिस से मृतका शिकायत कर चुकी थी। लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।