रामदेव पर लगा एक और संगीन आरोप
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बाबा रामदेव के पतंजलि भारतीय आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान की एंबुलेंस में रखे शव को लेकर हरिद्वार में सोमवार को दिनभर हंगामा होता रहा।
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं ने शंकराचार्य चौक के पास एंबुलेंस घेर रामदेव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उन पर मानव तस्करी का आरोप लगाया।
उन्होंने कार्रवाई की मांग को लेकर तहरीर दी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर एंबुलेंस सीज कर दी।
कांग्रेसियों और आप कार्यकर्ताओं को मिली सूचना
दोपहर करीब 12 बजे कांग्रेसियों और आप कार्यकर्ताओं को सूचना मिली की खड़खड़ी श्मशान घाट से पतंजलि संस्थान की एंबुलेंस शव लेकर जा रही है।
तरुण व्यास, नीरव साहू, आशीष रावत, सुनील दत्ता आदि ने एंबुलेंस को शंकराचार्य चौक पर रोक लिया और कर्मियों से शव लाने की अनुमति संबंधित कागजात दिखाने को कहा। लेकिन कर्मी कोई कागजात नहीं दिखा पाए।
सूचना पर पहुंची कनखल पुलिस एंबुलेंस को लेकर थाने पहुंची। नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष उपेंद्र कुमार के नेतृत्व में पहुंचे कांग्रेसियों ने पतंजलि पर मानव तस्करी का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया।
प्रक्रिया पूरी किए बिना ले जा रहे थे मुर्दा
इसी बीच पतंजलि से भी कुछ कर्मी मौके पर पहुंच गए। लेकिन वह भी कागजातों के संबंध में कोई जवाब नहीं दे पाए।
इसके बाद कांग्रेसियों ने प्रकरण की जांच कर कार्रवाई की मांग को लेकर तहरीर दी।
सीओ कनखल विमल आचार्य ने बताया कि करीब 65 वर्षीय महिला के शव का लावारिस में पंचनामा भर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। जबकि एंबुलेंस सीज कर दी गई है।
एसएसपी सदानंद दाते ने कहा कि पतंजलि एवं सेवा समिति को प्रक्रिया पूरी न करने के संबंध में नोटिस जारी किया जा रहा है।
हालांकि मुर्दा शोध के लिए ही ले जाया जा रहा था। एसएसपी ने मानव तस्करी के आरोप को खारिज कर दिया।
शव लेने की लिखित अनुमति: बालकृष्ण
पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि भारतीय आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान के लिए 10 लावारिस शव देने की अनुमति हरिद्वार एसएसपी से मांगी थी।
दिसंबर 2013 में एसएसपी ने दो शव देने की अनुमति प्रदान की थी। एक वर्ष के भीतर ये शव कभी भी हासिल किए जा सकते थे।
आज जब शव लेकर वाहन आ रहा था तब कुछ लोगों ने बेवजह हंगामा खड़ा कर दिया। जनवरी 2014 में लावारिस शवों को प्राप्त करने वाली सेवा समिति को पत्र भेजकर शव देने का आग्रह किया गया था।
सेवा समिति के प्रबंधक रामपाल ने बताया कि लावारिस शव उपलब्ध हैं और उसे ले जाएं। उसी आधार पर पतंजलि का वाहन सेवा समिति से शव लेकर लौट रहा था कि शत्रुता निभा रहे कुछ लोगों ने बेवजह तमाशा कर दिया।
आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि प्रशासन को अनुमति पत्र सौंप दिए गए हैं। उधर, सेवा समिति की ओर से कहा गया है कि पतंजलि आयुर्वेद महाविद्यालय की सूचना पर सेवा समिति ने ही नियमानुसार शव सुपुर्द किया था।
इसमें कुछ भी गलत नहीं हैं। अन्य मेडिकल कॉलेजों को भी आवश्यकता पड़ने पर लावारिसों के शव इस हिदायत के साथ दिए जाते हैं कि वे तीन दिनों तक शव को सुरक्षित रखें।
बाबा योग तक सिमटे, वाणी पर भी संयम
चुनाव आयोग की ओर से बाबा रामदेव के योग शिविरों पर निगहबानी और नोटिसों की वजह से पतंजलि में कसमसाहट साफ देखी जा सकती है।
हालांकि पतंजलि के सूत्रों का कहना है कि नरेंद्र मोदी के समर्थन में स्वामी रामदेव द्वारा लगाए जा रहे शिविर 10 मई तक जारी रहेंगे। लेकिन कई शिविर स्थलों से प्रचारकों की वापसी शुरू हो गयी है।
मुख्य संयोजकों के साथ बाबा प्रतिदिन शिविरों में भाग लेंगे। आयोग के कड़े रुख के बाद बाबा अपने शिविरों कोे न सिर्फ योग तक सीमित रख रहे बल्कि वाणी पर भी संयम बरत रहे हैं।
बाबा के साथ मंच पर बैठने वाले विशिष्ट अतिथियों की संख्या भी लगभग नगण्य कर दी गयी है। बाबा राष्ट्रीय स्वाभिमान और कालेधन की वापसी के साथ-साथ बगैर किसी का नाम लिए भ्रष्टाचार पर बरस रहे हैं।