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विश्वविद्यालय की लेटलतीफी से छात्रवृत्ति पर संकट: अग्रवाल
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एसोसिएशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस इंस्टीट्यूट उत्तराखंड के अध्यक्ष डॉ. सुनील अग्रवाल ने कहा कि हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय गढ़वाल विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली से इस वर्ष भी छात्रों की छात्रवृत्ति पर संकट रहेगा।
हाथीबड़कला स्थित अपने कार्यालय में सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में डॉ. अग्रवाल ने कहा कि विद्यार्थी जब छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन फॉर्म जमा करते हैं, उसके बाद समाज कल्याण विभाग द्वारा उनके कॉलेज का वर्तमान सत्र की संबद्धता का प्रमाणपत्र मांगा जाता है। पिछले तीन वर्षों से हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि द्वारा कॉलेजों को प्रमाणपत्र जारी नहीं किए गए। जबकि ये सभी कॉलेज केंद्रीय विवि बनने के पूर्व से संबद्ध है। विवि एक्ट में व्यवस्था है कि जो कॉलेज विवि से संबद्ध है उनकी संबद्धता बरकरार रहेगी। गत 17 सितंबर को विश्वविद्यालय द्वारा संबद्ध कॉलेजों को जारी पत्र में सत्र 2020-21 की संबद्धता विस्तारण के लिए ऑनलाइन आवेदन के लिए कहा गया है। छात्रों को समाज कल्याण विभाग में 2021-22 की संबद्धता के प्रमाण की आवश्यकता होगी। इस जटिल और धीमी प्रक्रिया से विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिलने में दिक्कत आएगी। मा.सि.रि.
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हाथीबड़कला स्थित अपने कार्यालय में सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में डॉ. अग्रवाल ने कहा कि विद्यार्थी जब छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन फॉर्म जमा करते हैं, उसके बाद समाज कल्याण विभाग द्वारा उनके कॉलेज का वर्तमान सत्र की संबद्धता का प्रमाणपत्र मांगा जाता है। पिछले तीन वर्षों से हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि द्वारा कॉलेजों को प्रमाणपत्र जारी नहीं किए गए। जबकि ये सभी कॉलेज केंद्रीय विवि बनने के पूर्व से संबद्ध है। विवि एक्ट में व्यवस्था है कि जो कॉलेज विवि से संबद्ध है उनकी संबद्धता बरकरार रहेगी। गत 17 सितंबर को विश्वविद्यालय द्वारा संबद्ध कॉलेजों को जारी पत्र में सत्र 2020-21 की संबद्धता विस्तारण के लिए ऑनलाइन आवेदन के लिए कहा गया है। छात्रों को समाज कल्याण विभाग में 2021-22 की संबद्धता के प्रमाण की आवश्यकता होगी। इस जटिल और धीमी प्रक्रिया से विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिलने में दिक्कत आएगी। मा.सि.रि.
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