खुलासा: हजार रुपये के लिए महिला को उतारा मौत के घाट
- सेक्स के बदले रकम मांगने को लेकर हुआ था विवाद
- दो गैस वेंडरों को गिरफ्तार कर पुलिस ने किया खुलासा
- चक शाह नगर में महिला का शव मिलने का मामला
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विस्तार
बुधवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. सदानंद दाते ने बताया कि एक जुलाई को दीप नगर रेलवे पुल के पास झाड़ियों में एक महिला का शव बरामद हुआ। उसकी गला दबाकर हत्या की गई थी। पहले तो रेसकोर्स के होमगार्ड राजू कन्नौजिया ने शव को पत्नी सुनीता देवी के रूप में पहचानने की साजिश रची।
पंचायतनामा भी सुनीता के रूप में भरा गया, लेकिन परिजनों ने सुनीता का शव होने से इनकार कर दिया था। पुलिस ने शव की पहचान के लिए समाचार पत्रों में विज्ञापन जारी कराने के साथ इश्तहार भी लगवाए थे। विज्ञापन के आधार पर मंगलवार रात रहीस आदि ने थाने आकर शव को पहचाना था। पहचान होते ही पुलिस ने हत्या के कारणों की जांच पड़ताल शुरू की।
तीनों से सेक्स के बदले मांगे थे 4500
शक के आधार पर रतन निवासी एलमपुरा थाना चंदौस (अलीगढ़) और अजय निवासी सिंगरी थाना ठरिहा (कन्नौज) को हिरासत में लेकर पूछताछ हुई तो हत्याकांड से राज उठता चला गया। एसएसपी ने बताया कि तीस जून की रात रतन ने फोन कर महिला को बुकिंग पर बुलाया था।
महिला कारगी चौक तक ऑटो आई। वहां से रतन और अजय उसे बाइक पर ले गए थे। तीसरा साथी दूसरी बाइक पर था, बीच रास्ते से कुछ काम बताकर वापस चला गया। अजय और रतन महिला को लेकर रेलवे पटरी किनारे पहुंच गए। महिला ने तीनों से सेक्स के बदले 4500 रुपये की डिमांड की थी, जिस पर आरोपी पक्ष ने हामी भर दी थी। लेकिन तीसरे साथी के बीच में ही जाने के कारण खेल बिगड़ गया।
महिला ने सेक्स से पहले एक हजार रुपये की डिमांड की, लेकिन उन्होंने रकम देने में आनाकानी की। इसी बात पर हुए विवाद में महिला ने एक को थप्पड़ मार दिया। बात इतनी बढ़ी कि महिला की गला दबाकर हत्या कर दी गई। बाद में शव को झाड़ियों में फेंककर आरोपी फरार हो गए।
आरोपी पहले भी बुला चुका था महिला को
आरोपियों का कहना था कि महिला उन्हें बदनाम करने की भी धमकी दे रही थी। रतन पहले भी महिला को बुला चुका था। महिला का पहले दो पतियों से तलाक हो चुका था। वह अपने पीछे दो बच्चों को बिलखता छोड़ गई है। पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह भी इस दौरान मौजूद थे।
कॉल डिटेल से खुला राज
एसपी सिटी अजय सिंह ने बताया कि महिला का मोबाइल तो हत्यारों ने जंगल में फेंक दिया था। लेकिन नंबर की कॉल डिटेल निकाली गई तो आखिरी कई कॉल रतन की पाई गई। रतन को थाने लाकर पूछताछ की गई। पहले तो वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन बाद में टूट गया।
पुलिस टीम पुरस्कृत
एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने टीम में शामिल एसओ नेहरू कालोनी विनोद गुर्साइं, उप निरीक्षक नरोत्तम सिंह बिष्ट, शिशुपाल सिंह राणा, कांस्टेबल सुनील राणा, प्रतीक कुमार, दरदयाल पंवार, पुष्कर राणा, एसओजी के आशीष और प्रमोद कुमार को पुरस्कृत करने की घोणा की।