{"_id":"583fa4584f1c1b2d1ede7181","slug":"woman-lost-one-million-rupees-in-greed","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेढ़ करोड़ की चाह में गंवा दिए 10 लाख","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
डेढ़ करोड़ की चाह में गंवा दिए 10 लाख
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 01 Dec 2016 09:47 AM IST
विज्ञापन
Fraud
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विदेश से पौंड के रूप में आए डेढ़ करोड़ रुपये पाने के लालच में एक महिला ने दस लाख रुपये गंवा दिए। जब तक महिला को ठगी का पता लगा, तब तक काफी देर हो चुकी थी। प्रेमनगर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
विज्ञापन
प्रेमनगर के श्यामपुर निवासी संजीता राणा को चार माह पहले फोन आया था कि विदेश से दिल्ली एयरपोर्ट पर पार्सल आया है, जिसमें पौंड के रूप में डेढ़ करोड़ रुपये हैं। महिला लालच में आ गई और किसी से इस बाबत बात नहीं की। एयरपोर्ट से पार्सल छुड़वाने के लिए पहले 80 हजार रुपये की मांग की गई। महिला ने यह राशि जमा करा दी।
विज्ञापन
इसके बाद विभिन्न बहानों से राहुल वर्मा के नाम से आईसीआईसीआई बैंक शाहदरा ब्रांच नई दिल्ली और आहिल खान के खाते में करीब 10 लाख रुपये की रकम ट्रांसफर करवा ली गई। मोबाइल नंबर बंद हुए तो संजीता का माथा ठनका और उन्होंने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने मामले की जांच साइबर थाने को सौंपी है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर बुधवार को प्रेमनगर थाने में केस दर्ज किया गया।
विज्ञापन
ठगी के अजब-गजब तरीके
विदेश में किसी अमीर वृद्ध का निधन हो गया है, उसकी लाखों की संपत्ति को कैश करवाने के लिए आपकी मदद चाहिए, एक विदेशी फर्म से चेक कैश करवाना है, आप फर्जी ठेकेदार बन जाइए और आधा माल आपका। एक अमीर विधवा वृद्धा मृत्यु के करीब है। वह अपना पैसा चैरिटी में देना चाहती है। आपको मिल सकता है। इस तरह की कॉल करने के बाद ठग का अगला वाक्य होता है कि बस पहले आपको कुछ पैसे संबंधित खाते में ट्रांसफर करने होंगे, यह ठगी की रकम अपकी उत्सुकता के आधार पर तय होती है।
अमर उजाला अलर्ट
अगर कोई इस तरह से ऑफर देता है तो फौरन फोन काट दें या उसे हड़का दें।
आप ठगों के फंदे में फंस गए हैं तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाएं।
आपके फोन पर आई कॉल या ईमेल अड्रेस जैसी ठगो की हर डिटेल पुलिस को मुहैया कराएं।
किसी को भी बैंक से संबंधित जानकारी न दें। बैंक किसी से खाता संख्या, एटीएम कोड नहीं पूंछते हैं।