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विजिलेंस छापा: 20 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ क्लर्क गिरफ्तार

Thu, 25 Jun 2015 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Thu, 25 Jun 2015 12:02 AM IST
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vigilance team arrested clerk with bribe.

खाद्य सुरक्षा एवं ड्रग विभाग के प्रभारी लिपिक इंतजार अहमद को विजिलेंस टीम ने 20 हजार रुपये रिश्वत लेते विभागीय कार्यालय से रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। लिपिक ने फूड लाइसेंस बनाने के लिए रिश्वत मांगी थी।

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दोपहर सवा दो बजे जब विजिलेंस के अधिकारी विभागीय दफ्तर पहुंचे तो अधिकारी और कर्मचारी अपनी सीटें छोड़कर भाग खड़े हुए। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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पुलिस अधीक्षक विजिलेंस वीकेएस कार्की ने बताया कि सिद्धार्थ सैनी निवासी रामनगर रुड़की द्वारा 22 जून को दिए शिकायती पत्र में बताया कि फूड प्रोडक्ट तैयार करने के लिए उसके द्वारा लाइसेंस के लिए मार्च में खाद्य निरीक्षक रुड़की को आवेदन किया था। तीन माह बाद भी खाद्य निरीक्षक ने रिपोर्ट लगाकर नहीं दी।

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ऐसे ब‌िछाया गया पकड़ने का जाल, पढ़‌िए

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इसके बाद वह रुड़की प्रभारी दिलीप जैन से मिला। आरोप है कि दिलीप जैन ने लाइसेंस के एवज में 40 हजार रुपये की मांग की। खाद्य आपूर्ति विभाग से भी लाइसेंस बनवाकर दिलाने का वादा किया। दिलीप जैन ने सिद्धार्थ सैनी से 20 हजार रुपये पहले और शेष लाइसेंस बनने के बाद देने की बात कही।

इसके लिए दिलीप जैन 24 जून की तारीख निर्धारित की और 20 हजार रुपये विभाग में कार्यरत इंतजार अहमद को देने की बात कही। इंस्पेक्टर भास्कर लाल शाह की जांच पड़ताल में शिकायत पत्र में लिखे आरोप सही पाए गए।

उसके बाद इंस्पेक्टर हेमेंद्र सिंह नेगी एवं भास्कर लाल शाह के निर्देशन में गठित टीम ने आरोपी को दबोचने की योजना बनाई और कार्यालय पहुंचे।

रुपये लेते रंगे हाथ ‌चढ़ा विजिलेंस के हत्थे

vigilance team arrested clerk with bribe.

पहले से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सिद्धार्थ सैनी जैसे ही कार्यालय में इंतजार अहमद को 20 हजार रुपये देने लगे टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया। डीजी विजिलेंस अशोक कुमार ने टीम को दस हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है।

मैं किसी सिद्धार्थ सैनी को नहीं जानता। द्वेषभाव से मेरा नाम लिया गया है। कोई लाइसेंस बनवाने के लिए आया होगा तो उसे जिला कार्यालय से लाइसेंस बनवाने के लिए भेज दिया होगा। मुझ पर लगे आरोप गलत हैं।
-दिलीप जैन, रुड़की प्रभारी, जिला खाद्य सुरक्षा विभाग।

मैने इंतजार अहमद की शिकायत सीएमओ से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यदि लिपिकों ने रुपये मांगे थे तो शिकायत करनी चाहिए थी। जिस समय कार्रवाई हुई मैं विभाग में नहीं था। किसने शिकायत की और क्या कार्रवाई हुई इस संबंध में मीडिया से पता चल रहा है।
-महिमानंद जोशी, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी।

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