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रुड़की में चाचा-भतीजे के मर्डर का खुलासा, सामने आई रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी

Wed, 20 Sep 2017 06:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की Updated Wed, 20 Sep 2017 06:20 PM IST
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Uncle and nephew murder mystery open by roorkee police

डेढ़ माह पहले बेलड़ी गांव के पास स्थित पाइप के गोदाम में हुई चौकीदार चाचा-भतीजे की हत्या का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा कर दिया। दोनों की हत्या बेलड़ी गांव के ग्राम प्रधान पति ने डेढ़ लाख रुपये की सुपारी देकर तीन युवकों से करवाई थी।

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मास्टर माइंड का मकसद था कि दोनों चौकीदारों की हत्या कर इसका आरोप गोदाम मालिक के सिर पर लग जाएगा। उसके बाद गोदाम खाली करवाकर वह उसमें अपना कारोबार करेगा, लेकिन वह अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हुआ। पुलिस ने तीनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि हत्या का मास्टर माइंड ग्राम प्रधान पति फरार है। 
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पांच अगस्त को ढंढेरी ख्वाजगीपुर गांव में गोदाम की चौकीदारी कर रहे खेलपुर निवासी इंद्र पाल सिंह और मेघराज की धारदार हथियार से बदमाशों ने हत्या कर दी थी। इस पर इंद्र पाल सिंह के बेटे इनक राम ने अज्ञात हत्यारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। 

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नशीली दवाई ख‌िलाने के बाद क‌िया था मर्डर

Uncle and nephew murder mystery open by roorkee police

डेढ़ माह की भागदौड़ के बाद मंगलवार को पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को केल्हनपुर और ढंढेरी ख्वाजगीपुर गांव से दबोच लिया। एसपी देहात मणिकांत मिश्र ने बताया कि चाचा-भतीजे की हत्या बेलड़ी निवासी ग्राम प्रधान पति ललित रोड़ ने डेढ़ लाख रुपये की सुपारी देकर धर्मेंद्र (निवासी केल्हनपुर), अनुज व मोहन (उर्फ आयुष, निवासीगण ढंढेरी ख्वाजगीपुर) से करवाई। वारदात वाले दिन तीनों आरोपी गोदाम में पहुंचे।

आरोपी मोहन ने आवाज लगाकर गोदाम का मुख्य गेट खुलवाया और अंदर चला गया। पहले उसने मेघराज और इंद्र को नशीला पदार्थ मिलाई मिठाई खिलवाई। मिठाई खाते ही दोनों चाचा-भतीजे अचेत हो गए। उसके बाद बाहर खड़े दोनों हत्यारोपी भीतर आए और तीनों ने इंद्र पाल सिंह की हत्या कर दी। नशीली मिठाई खाने से मेघराज हल्का सा होश में था।

उसने तीनों हत्यारोें का विरोध भी किया, लेकिन नशे में होने की वजह से वह कुछ खास नहीं कर पाया और तीनों ने मिलकर उसकी भी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों गोदाम से फरार हो गए और गांव में जाकर सो गए। सुबह जब दोहरे हत्याकांड को लेकर हंगामा मचा और ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हुई तो तीनों आरोपी भी भीड़ में शामिल हुए और हत्याकांड के विरोध में हंगामा करने लगे।

एसपी देहात मणिकांत मिश्र ने बताया कि मुख्य हत्यारोपी ललित रोड़ गोदाम को खाली कराकर कारोबार करना चाहता था। हत्यारों की मंशा थी कि चाचा-भतीजे की हत्या के बाद गोदाम मालिक पर हत्या का आरोप मढ़ जाएगा, लेकिन वह अपनी योजना में कामयाब नहीं हुए। एसपी देहात ने बताया कि मुख्य हत्यारोपी ग्राम प्रधान पति फरार है, जिसकी धरपकड़ के लिए दबिश दी जा रही है। 

पुलिस से मिलकर मदद का देता रहा आश्वासन

Uncle and nephew murder mystery open by roorkee police

मुख्य हत्यारोपी ग्राम प्रधान ललित रोड़ एसपी देहात और सीओ से मिलकर वारदात के खुलासे में मदद करने का भी लगातार आश्वासन देता रहा। उसके बार-बार पुलिस से मिलने पर पुलिस अधिकारियों को उसकी करतूत पर शक हुआ। उसके बाद पुलिस ने उसका मोबाइल सर्विलांस पर लगाया तो राज से पर्दा हट गया। 

एक हत्यारोपी आईटीआई का छात्र 
एसपी देहात के मुताबिक हत्यारों में शामिल मोहन आईटीआई का छात्र है। मोहन ने मृतकों के साथ विश्वास घात भी किया। मृतक मेघराज का मोहन दोस्त था। उसने मोहन के कहने पर ही गोदाम का दरवाजा खोला था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया तो उसे अपने किए पर पछतावा हो रहा है। 

ग्राम प्रधान पति का लाइसेेंस होगा निरस्त 
एसपी देहात के मुताबिक मुख्य हत्यारोपी ग्राम प्रधान पति ललित रोड़ के पास लाइसेंस बंदूक है। इसके निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा मुख्यात्यारोपी बाइक चोरी के मामले में भी जेल जा चुका है। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि मुख्य हत्यारोपी ललित रोड़ के यूपी और उत्तराखंड के बदमाशों से भी संबंध हैं।

डीडीआर को गंगनहर में फेंका 
पुलिस के मुताबिक वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारे गोदाम में लगे सीसीटीवी का डीवीआर भी अपने साथ लूट ले गए थे, जिसे उन्होंने गंगनहर में फेंक दिया था। पुलिस गंगनहर में फेंके गए डीवीआर की तलाश कर रही है।  

पुलिस टीम में यह रहे शामिल 
प्रभारी निरीक्षक ऐश्वर्य पाल, प्रदीप तोमर, उपनिरीक्षक प्रदीप सिंह, योगेंद्र भंडारी, रवींद्र, पंकज कुमार, लइक, एसआईटी के प्रभारी निरीक्षक साधना त्यागी, सीआईयू प्रभारी ओमकांत भूषण, देवेंद्र भारती, एहसान अली, अशोक कुमार, जाकिर हुसैन, राजेंद्र देवरानी, महिपाल, चंद्रशेखर, सुरेश रमोला, रवींद्र खत्री, नितिन कुमार, राकेश कुमार, कुलदीप सिंह शामिल रहे। 

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