बुखार उतारने के लिए तांत्रिक ने पार की वहशीपन की हद, बच्ची की मौत
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बुखार उतारने के नाम एक तांत्रिक ने वहशीपन की हद पार कर दी और बच्ची की मौत हो गई। अदालत ने छह साल की बच्ची की गैर इरादतन हत्या के मामले में तांत्रिक को चार साल के कारावास की सजा सुनाई है।
आरोपी ने बुखार उतारने के नाम पर बच्ची को गर्म चिमटों से दागा, जिससे उसकी मौत हो गई थी। कोर्ट ने सजा के अलावा जुर्माने में से 10 हजार रुपये की रकम पीड़ित परिवार को मुआवजे के रुप में देने के आदेश दिए हैं।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक रायपुर निवासी सत्यवान ने 27 अप्रैल 2012 को मुकदमा दर्ज कराया था कि उसकी पत्नी सावित्री छह साल की बेटी कंचन को बुखार होने के कारण डॉक्टर के यहां ले जा रही थी।
मासूम कंचन को गर्म चिमटों से दाग दिया
रास्ते में उन्हें तांत्रिक राजकुमार लामा निवासी नेपाल मिल गया। राजकुमार ने झांसा दिया कि वह तंत्र क्रिया से कंचन का बुखार उतार देगा। झांसे में आई सावित्री उसके साथ ब्राहमणवाला खाला के एक मंदिर में चली गई, जहां पर मां को बाहर खड़ा कर तांत्रिक कंचन को अंदर ले गया।
आरोप है कि तांत्रिक ने बुखार उतारने के नाम पर मासूम कंचन को गर्म चिमटों से दाग दिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। आरोपी उसे छोड़कर निकल गया। बाद में मासूम कंचन ने अस्पताल ले जाते हुए दम तोड़ दिया। मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश एनएस धनिक की अदालत में इस मामले की सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष ने आठ गवाह पेश किए। अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर तांत्रिक को दोषी मानते हुए चार साल के कारावास के साथ 15 हजार रुपये के आर्थिक दंड की सजा सुनाई है।