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चैरिटी होम में पंखे से लटकी मिली छात्रा की लाश
अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 21 Jan 2014 09:53 AM IST
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राजधानी देहरादून के एक चैरिटी होम में 10वीं की छात्रा की लाश पंखे से लटकी मिली। चैरिटी होम वालों का कहना है कि संभवत: इस अनाथ बच्ची ने पढ़ाई के दबाव में खुदकुशी की है।
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पुलिस अपने स्तर से कर रही मामले की पड़ताल
हालांकि पुलिस अपने स्तर से मामले की पड़ताल कर रही है। 17 वर्षीय लक्ष्मी वर्ष 2010 में लखनऊ के चैरिटी होम से डंगवाल मार्ग स्थित मिशनरीज ऑफ चैरिटी (मदर टरेसा) स्नेहा सदन आई थी।
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तब छात्रा का एडमीशन छठी कक्षा में सेंट एगनेंस स्कूल, इंद्राकॉलोनी में कराया गया। रविवार रात लक्ष्मी पढ़ाई करने के लिए स्टडी रूम में बैठी थी। बाकी छात्राएं अपने कमरों में चली गईं। स्टडी रूम के अंदर ड्रेसिंग रूम भी है।
सुबह छात्राओं ने ड्रेसिंग रूम में जाने के लिए दरवाजा खटखटाया तो जवाब नहीं मिला। इस पर चैरिटी होम के स्वयंसेवियों ने धक्का देकर दरवाजा तोड़ा। स्टडी रूम में लक्ष्मी का लाश चुन्नी के फंदे से पंखे से लटकी मिली। सूचना पर शहर कोतवाली पुलिस चैरिटी होम पहुंची और लाश को उतारा।
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कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुस्तकें और कापियां कमरे में बिखरी पड़ी थी। पास ही कुर्सी, मेज और एक लंबा स्टूल पलटा हुआ था। अंदेशा है कि छात्रा ने इसी स्टूल पर चढ़कर पंखे से फंदा लगाया होगा।
चैरिटी होम की हेड सिस्टर रेनॉल्ड ने बताया कि लक्ष्मी ने कभी कोई परेशानी वाली बात उन्हें नहीं बताई। अंग्रेजी में वह कुछ कमजोर जरूर थी और इसे लेकर चिंतित रहती थी।
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बताया जा रहा है कि दो दिन पहले कुछ छात्राओं को मसूरी टूर पर भी ले जाया गया था। जिसमें लक्ष्मी समेत अन्य कई छात्राएं नहीं जा पाए थे।
उठ रहे सवाल
चैरिटी होम में इस वक्त 14 अनाथ छात्राएं रहती हैं, स्टडी रूम में लक्ष्मी को अकेला क्यों छोड़ा गया? पूरी रात एक छात्रा शयन कक्ष से गायब रही, मगर चैरिटी होम वालों ने उसके बारे में पता लगाना मुनासिब क्यों नहीं समझा?
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अगर लक्ष्मी अंग्रेजी को लेकर चिंतित रहती थी तो उसकी गतिविधियों पर ज्यादा नजर रखी जानी जरूरी थी। कहीं मसूरी टूर पर नहीं ले जाने से तो अवसाद में नहीं थी छात्रा?