भूरा की फरारी में दब गई रुड़की विस्फोट की जांच
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कुख्यात भूरा की फरारी के मामले में रुड़की बम धमाके की जांच दब गई है। पुलिस इस मामले को छोड़ अब भूरा की तलाश में लगी है। किरकिरी से बचने के लिए पुलिस हर कीमत पर भूरा को तलाश करने में जुटी है। जबकि बम धमाके की जांच अब जांच एजेसियों के भरोसे ही नजर आ रही है।
रुड़की में नेहरु कॉलोनी की सकरी गली में छह दिसंबर की दोपहर को बम धमाका हुआ था जिसमें कृष्णानगर निवासी जीआईसी के छात्र तुषार की मौके पर ही मौत हो गई थी।
धमाके के बाद एनआईए टीम के अलावा दिल्ली पुलिस की स्पेशल सैल, मध्य प्रदेश, यूपी समेत छह राज्यों की जांच एजेंसियों ने घटनास्थल से विस्फोट के अवशेष जुटाए थे। लेकिन हाल ही में बागपत से कुख्यात भूरा की फरारी के बाद पुलिस का ध्यान बम धमाके की जांच से हटता दिख रहा है।
पुलिस के अधिकारी अब बम धमाके की जांच के बजाए फरार भूरा की तलाश में जुटे है। पुलिस के आलाधिकारी से लेकर स्थानीय पुलिस भी बागपत के अलावा यूपी में अन्य जगहों पर डेरा डाले हुए है। ऐसा लग रहा है कि पुलिस अधिकारियों ने बम धमाके की जांच जांच एजेंसियों के भरोसे ही छोड़ दी है। भूरा की गिरफ्तारी ही पुलिस की प्राथमिकता में दिख रहा है। हालांकि पुलिस अधिकारी बम धमाके की जांच चलने का भी दावा कर रहे है।
जेल में जुटाई भूरा के ठिकाने की जानकारी
भूरा की फरारी के मामले में पुलिस और जांच एजेंसियों ने रुड़की जेल में पहुंचकर कई बंदी कैदियों से पूछताछ की। इसके अलावा जांच अधिकारियों ने जेल कर्मियों से कई जानकारी जुटाई। जेल परिसर में हुए गैंगवार के बाद भूरा कुछ दिनों तक उपकारागार में बंद रहा था।
बागपत से भूरा की फरारी के बाद रुड़की पुलिस और अन्य एजेंसियां उसकी तलाश में जोरशोर से जुटी है। पुलिस इस सवाल का जवाब तलाशने में जुटी हैं कि भूरा की फरारी की योजना आखिर कहां तैयार हुई थी और इस समय उसका ठिकाना कहां है।
बृहस्पतिवार को रुड़की जेल में पहुंचे जांच दल के सदस्यों ने कई अपराधियों से भूरा के बारे में लंबी पूछताछ की। 5 अगस्त को हुए गैंगवार के बाद भूरा को 9 अगस्त को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे सितंबर माह में देहरादून की जेल में शिफ्ट किया गया था।