मूक-बधिर स्कूल में छात्रों के धर्मांतरण की कोशिश!
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उत्तराखंड के रुड़की स्थित एक मूक-बधिर स्कूल में विदेशी संस्था के लोगों द्वारा छात्रों के धर्मांतरण की कोशिश का आरोप लगा है। मूक-बधिर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप अरोड़ा ने रुड़की स्थित मूक बधिर बच्चों के स्कूल अनुश्रुति विद्यालय में छात्र-छात्राओं के कथित धर्मांतरण की कोशिश का आरोप लगाया है।
चंद्राचार्य चौक के पास एक होटल में प्रेस वार्ता में एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप ने आरोप लगाया कि कुछ विदेशी लोगों ने स्कूल में बच्चों को दूसरा धर्म अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
संदीप ने आरोप लगाते हुए कहा कि बच्चों को यह समझाने की कोशिश की गई कि दूसरा धर्म अपनाने से उनकी विकलांगता दूर हो जाएगी। आरोप है कि प्रदेश के ऊधमसिंह नगर, देहरादून में भी इस तरह की गतिविधियां चल रही है।
स्कूल प्रशासन का आरोपों से इनकार
कहा कि बच्चों को धर्म जाति के संबंध में कुछ पता नहीं होता है। ऐसे में उन्हें कट्टरपंथी बनाने की दिशा में धकेलने का यह प्रयास किया जा रहा है।
सामाजिक जागरूकता मंच की संरक्षक सोनिया अरोड़ा ने आरोप लगाया कि मूक बधिर बच्चों को पढ़ाई लिखाई की बजाय धर्मांतरण का पाठ पढ़ाया जा रहा है।
प्रधानाचार्य का कहना
मैं इस तरह की बातों का पूरी तरह से खंडन करती हूं। हमारे यहां हर समुदाय के बच्चे पढ़ते हैं। बहुत अच्छे माहौल में पढ़ाई होती है। इस तरह की अफवाहें पूरी तरह से झूठी हैं। यदि कोई धर्मांतरण जैसा आरोप लगा रहा है तो वह हमारे सामने आकर बताए किसके साथ ऐसा किया गया है। ऐसी बातें पूरी तरह निराधार हैं।
-पार्वती पांडे, प्रधानाचार्य अनुश्रुति विद्यालय रुड़की।