देहरादूनः प्यार से किया इनकार तो सिरफिरे ने दी बेरहम मौत
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देहरादून की पॉश कॉलोनी पाम सिटी में सिरफिरे युवक ने दो साथियों के साथ मिलकर एक छात्रा की बेरहमी से हत्या कर दी।
मुख्य आरोपी रवि राजपूत छात्रा शालू को अपने साथ जबरन हरियाणा ले जाना चाहता था। विरोध करते हुए शालू ने रवि को थप्पड़ मार दिया। इस पर भड़के आरोपियों ने सिर पटक-पटककर शालू की हत्या कर दी।
तमंचे की बट से भी हमला किया गया। इससे उसकी एक आंख बाहर निकल आई। शालू जीएमएस रोड स्थित ओलंपस हाईस्कूल में इंटर की छात्रा थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी रवि और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक रवि शालू से एकतरफा प्यार करता था। 19 जून को बात करने के बाद वह जीएमएस रोड स्थित होटल में चला गया था। शनिवार देर रात लगभग डेढ़ बजे रवि साथी सुनील और प्रताप के साथ पाम सिटी आया।
बातचीत के बहाने बाहर बुलाकर इन युवकों ने शालू को अपने साथ हरियाणा ले जाने का प्रयास किया। विरोध किया तो आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी। आरोपियों के पास से एक तमंचा भी बरामद किया गया है।
सोने की बात कहकर अपने कमरे में चली गई थी शालू
प्रॉपर्टी डीलर केके अरोड़ा पत्नी लक्ष्मी अरोड़ा, शालिनी और बेटे राकेश के साथ पाम सिटी में रहते हैं। शालू उनकी बड़ी बेटी थी। लक्ष्मी रात में 12 बजे के करीब बेटी शालू (17) को सोने की बात कहकर अपने कमरे में चली गई थी।
सुबह छह बजे लक्ष्मी उठी तो शालू कमरे में नहीं मिली। आवाज लगाते हुए वह बाहर की तरफ आ गईं। कोठी की गैलरी में खून देख लक्ष्मी का माथा ठनका। झांककर देखा तो मुंह से चीख निकल गई। गैलरी में शालू का खून से लथपथ शव पड़ा था।
हत्या की सूचना फैलते ही वहां लोगों का जमावड़ा लग गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पुष्पक ज्योति, पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह पुलिसकर्मियों के साथ पहुंचे। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम ने बारीकी से जांच पड़ताल कर घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पास में खून से सना पेचकस और स्कार्फ भी मिला है।
कुछ देर बाद ही हत्या में पड़ोस में रहने वाले युवक रवि राजपूत का नाम आ गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि रवि लगातार शालू पर दोस्ती करने का दबाव बना रहा था। पुलिस रवि की तलाश में उसके कमरे पर भी गई, लेकिन वहां ताला लगा था। रवि का भाई भी घटना का पता लगते ही कहीं निकल गया।
पुलिस ने लक्ष्मी की तरफ से रवि और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पुष्पक ज्योति ने देर रात हत्याकांड का खुलासा करते हुए करनाल, हरियाणा निवासी रवि राजपूत और सुनील राना व प्रताप, निवासी मुश्कीपुर बड़गांव, सहारनपुर को गिरफ्तार करने का दावा किया।
देर रात पकड़े गए हत्या आरोपी
रविवार सुबह शालू का शव गैलरी में मिलने के बाद हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई। जानकारी मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी के जवानों के साथ मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल शुरू कर दी।
हालांकि, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पुष्पक ज्योति ने देर रात हत्याकांड का खुलासा करते हुए करनाल निवासी रवि राजपूत, सुनील राना निवासी संभाली करनाल, हरियाणा और प्रताप, निवासी मुश्कीपुर बड़गांव, सहारनपुर को गिरफ्तार करने का दावा किया।
सुबह पुलिस जब जांच पड़ताल कर रही थी तभी हत्या में शालू के पड़ोस में रहने वाले युवक रवि राजपूत का नाम आ गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि रवि लगातार शालू पर दोस्ती करने का दबाव बना रहा था। इनकार की वजह से रवि ने शालू की हत्या कर दी। इसके बाद पुलिस तेजी से सक्रिय हो गई।
पुलिस रवि की तलाश में उसके कमरे पर गई, लेकिन वहां ताला लगा था। रवि का भाई भी घटना का पता लगते ही निकल गया। पटेलनगर इंस्पेक्टर पंकज गैरोला के नेतृत्व में कई टीमें देर रात तक दबिश देती रहीं। पुलिस ने लक्ष्मी की तरफ से रवि के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया।
एक तरफा प्यार करता था रवि
रवि शालू से एक तरफा प्यार करता था। 19 जून को बात करने के बाद वह जीएमएस रोड स्थित एक होटल में चला गया था। शनिवार देर रात डेढ़ बजे के करीब रवि साथी सुनील और प्रताप के साथ पाम सिटी आया था।
बातचीत के बहाने बाहर बुलाकर आरोपियों ने शालू को अपने साथ हरियाणा ले जाने का प्रयास किया। युवती ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसका कत्ल कर दिया। आरोपियों के पास से एक तमंचा मिला है।
पापा को बता देती तो बच जाती शालू की जान
बड़ी बहन शालू की हत्या के बाद से छोटी बहन शालिनी का रो-रोकर बुरा हाल है। सुबकते हुए बोली, यदि समय रहते वह पड़ोसी युवक रवि राजपूत की करतूत पापा को बता देती तो यह अनहोनी नहीं होती। शालिनी ने बताया कि रवि लगातार शालू पर दोस्ती करने के लिए दबाव बना रहा था।
बहन के मना करने पर रवि खुदकुशी करने की धमकी देने लगा था। एक दिन तो डराने के लिए गले में फंदा डालने की एक फोटो भी भेजी थी। लगातार मैसेज भेजकर शालू को मानसिक रूप से ब्लैकमेल करने का प्रयास कर रहा था।
बहन ने उसकी करतूत उसे बताई थी, लेकिन वह चुप रही। पापा को सब कुछ बता देती तो यह सब नहीं होता। पिता केके अरोड़ा की आंखों में भी आंसू थे। बोले, बेटी जरा भी इशारा कर देती तो यह मनहूस दिन नहीं देखना पड़ता।
अति विश्वास में गई शालू की जान!
हत्या की वजह क्या रही, यह तो पुलिस विवेचना में ही साफ हो पाएगी, लेकिन यह तय है कि शालू का हत्यारा जो कोई भी है, उस पर वह अटूट विश्वास करती थी। उसके बुलावे पर देर रात वह कोठी के अंदर से दरवाजा खोलकर गैलरी में आई। यदि उसे जरा भी अंदेशा होता, तो वह बाहर ही नहीं आती। इसी बात का पूरा फायदा हत्यारे ने उठाया।
मोबाइल में छिपे हैं कई राज
कत्ल कर दी गई शालू के मोबाइल से पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। मोबाइल का लॉक तुड़वाने के साथ घंटों उसे खंगाला गया। व्हाट्स-एप के एसएमएस का बारीकी से अवलोकन किया गया है। आखिरी कॉल किस शख्स द्वारा की गई थी, उसका भी पता लगा लिया गया है।