शर्मनाक आरोप लगे तो प्रिंसिपल को आया हार्ट अटैक
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उत्तराखंड के बागेश्वर क्षेत्र के एक गांव में अभिभावकों ने एक निजी स्कूल प्रबंधन पर बच्ची की वीडियो क्लीपिंग बनाने का आरोप लगाया है। शनिवार को 10 अभिभावकों ने स्कूल से अपने बच्चों के नाम कटवा लिए।
कथित तौर पर जान से मारने की धमकी और आरोपों से आहत स्कूल की प्रधानाध्यापिका को हार्ट अटैक पड़ गया और उन्हें रानीखेत के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जिस बच्ची के साथ पूर्व में दुराचार की शिकायत की गई थी, उसी की अब वीडियो क्लीपिंग बनाने की बात सामने आ रही है।
प्रधानाध्यापिका की तहरीर पर राजस्व पुलिस ने दो अभिभावकों के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया है।
इनमें से एक ग्राम प्रधान का पति है। दूसरे पक्ष की ओर से भी नायब तहसीलदार को स्कूल प्रबंधन के खिलाफ तहरीर दी गई है।
डीएम से की थी दुराचार की शिकायत
11 नवंबर को नागरिक मंच बागेश्वर ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर गरुड़ के एक गांव में आठ साल की बच्ची से दुराचार की शिकायत की थी।
डीएम बीएस मनराल के निर्देश पर उपजिलाधिकारी चंद्र सिंह डोभाल और तहसीलदार खुशबू आर्या ने जांच की तो दुराचार की शिकायत झूठी पाई गई।
इधर, जिस गांव की बच्ची से दुराचार की शिकायत हुई थी, उसी गांव के एक निजी स्कूल प्रबंधन पर कक्षा दो में पढ़ने वाली बच्ची की वीडियो क्लीपिंग बनाने का आरोप लगाते हुए शनिवार को कुछ अभिभावक स्कूल पहुंच गए।
नायब तहसीलदार मोहन सिंह नयाल ने बताया कि स्कूल प्रबंधन पर लगे आरोपों के तहत 10 बच्चों की टीसी काटने की बात सामने आ रही है।
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका ने गांव के दो अभिभावकों किशन सिंह और नारायण सिंह पर स्कूल में आकर जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
क्लिपिंग बनाने की शिकायत प्रशासन को नहीं मिली
तहरीर में यह भी लिखा है कि अभिभावकों की ओर से लगाए आरोपों के बाद उन्हें गहरा सदमा पहुंचा है। राजस्व पुलिस ने दोनों के खिलाफ धारा-506 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
नायब तहसीलदार ने बताया कि किशन सिंह और नारायण सिंह की ओर से प्रधानाध्यापिका के पति/स्कूल के प्रबंधक के खिलाफ शिकायती पत्र दिया गया है।
पत्र में स्कूल में बच्ची की क्लीपिंग बनाने, स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के साथ गलत व्यवहार करने और अभिभावकों की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया है। अभी दूसरे पक्ष की रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है।
उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और उसके बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी। हालांकि बच्ची के अभिभावक की ओर से दुराचार या वीडियो क्लिपिंग बनाने की कोई शिकायत प्रशासन को नहीं मिली है।
एक निजी स्कूल की प्रधानाध्यापिका की ओर से एफआईआर कराने की जानकारी मिली है। पूर्व में दुराचार की शिकायत की जांच करवाई गई थी, मगर ऐसा मामला सामने नहीं आया। अब फिर से राजस्व पुलिस और संबंधित तहसील के एसडीएम को पूरे प्रकरण की पड़ताल करने के लिए कहा गया है। जांच के बाद ही सच सामने आएगा।
- बीएस मनराल, डीएम, बागेश्वर