महिला और दो बच्चों को बेचने की फिराक में था परिवार, अंदर का नजारा देखकर पुलिस की नजरें भी झुक गई
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पुलिस ने जब एक घर में छापेमारी की, तो अंदर का नजारा देखकर पुलिस भी शरमा गई। महिला और उसके दो बच्चों को बेचने की फिराक में था पूरा परिवार। जानिए, पूरा मामला...
प्राचीन अवधूत मंडल आश्रम परिसर में पत्रकारों से वार्ता करते हुए एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने बताया कि सूचना पर मानव तस्करी निरोधक दस्ते की प्रभारी साधना त्यागी की अगुवाई में टीम ने रानीपुर कोतवाली क्षेत्र की टिहरी विस्थापित कालोनी में एक घर में छापा मारा।
टीम ने मौके से मानव तस्करी गैंग की सरगना सीता पत्नी सुर्जन निवासी भटवाड़ी बथना जिला सीतामढ़ी बिहार, उसके भाई रामदास पुत्र अनूपदास, भाभी जनारसी, पुत्रवधू आशा और नौकर वारिस उर्फ बाबू पुत्र साबिद अली निवासी नदाईल महसबन जिला बदायूं यूपी को दबोच लिया।
बिहार के रेलवे स्टेशन से बहला फुसलाकर लाए महिला को
सीता का पुत्र नंदपाल और कथित पति मांगेराम हत्थे नहीं चढ़ पाए। एसएसपी ने बताया कि मौके से बंधक बनाई गई बिहार के गांव पिरारी थाना जलालपुर जिला अशोक नगर, उसके दो मासूम बच्चे और हरिद्वार के ही गांव मानकपुर भगवानपुर की बीस वर्षीय युवती मुक्त कराई गई है।
बिहार की महिला को बिहार के ही रेलवे स्टेशन से बहला फुसलाकर लाया गया था। ठीक इसी तरह युवती को भी सहारनपुर रेलवे स्टेशन से लाया गया था, वह वहां भीख मांगकर गुजर बसर करती थी। अब इन्हें भी बेचने की तैयारी कर ली गई थी।
एसएसपी ने बताया कि गैंग ने कई महिलाओं और बच्चों को बेचने की बात कबूली है, जिनकी बरामदगी के प्रयास कर रहे है। इस दौरान एसपी सिटी ममता वोहरा, एसपी क्राइम प्रकाश आर्य, कोतवाली प्रभारी प्रदीप बिष्ट मौजूद रहे।