नानकमत्ता मर्डरः हत्या से पहले युवती के बाल काटे
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ऊधमसिंह नगर पुलिस ने मंगलवार को बेरहमी से कत्ल किए गए युवक-युवती के सिर घटनास्थल से चार किमी दूर खकरा नाले से बरामद किए हैं। दोनों के सिर काले रंग की दो पालीथिन में फेंके गए थे।
युवती का मुंडन किया गया है और नाक-कान काटे गए हैं। इससे ऐसा लगता है कि युवती का काफी यातनाएं दी गईं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कातिल हाइवे से आए या फिर सीमांत क्षेत्र के मार्गों से।
सोमवार सुबह करीब 8:30 बजे नानकसागर डैम के किनारे हाथ-पैर और सिर कटी युवक-युवती की लाश मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। डीआईजी अनंत राम चौहान और एसएसपी रिद्धिम अग्रवाल ने घटनास्थल का मुआयना कर खुलासे के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें गठित कर सीओ जेआर जोशी को लाशों के कटे सिरों की तलाश के निर्देश दिए थे।
मंगलवार को पुलिस ने डैम में नाव से सिरों की खोज की। शाम करीब पांच बजे विडौरा-मझोला गांव में चरवाहा जगीर सिंह पुत्र बूटा सिंह ने खकरा नाले के किनारे कुत्ते को नदी से काली पालीथिन खींचते देखा, जिसमें से तेज दुर्गंध आ रही थी।
मुंडन कर काटे गए हैं युवती के नाक-कान
उसने गांव के प्रधान बलवंत सिंह को इसकी सूचना दी। बलवंत सिंह ने पुलिस को घटना से अवगत कराया। सीओ जेआर जोशी और थानाध्यक्ष अरुण कुमार मय फोर्स मौके पर पहुंचे। पुलिस ने खकरा पुल से पांच सौ मीटर की दूरी पर काले रंग की पालीथिन में पड़े युवती के सिर को बरामद किया और फिर नाले में दूसरे सिर की तलाश की।
खकरा पुल से दो सौ मीटर दूरी पर युवक का सिर भी बरामद हो गया। युवती का सिर मुंडा हुआ था तथा उसके नाक-कान काटे गए थे। पुलिस ने उसी पालीथिन से युवती के मुंडे हुए बाल भी बरामद किए हैं। युवक के चेहरे पर चोट के निशान हैं।
नानकसागर डैम से खकरा पुल की दूरी चार किमी होने से माना जा रहा है कि कातिलों ने पहचान छिपाने के लिए खकरा पुल में युगल के सिर फेंक दिए और फिर उसके बाद डैम में उनके धड़ों तथा हाथ-पैर को ठिकाने लगा दिया।
लाशों को ठिकाने लगाने में दो घटनास्थलों की दूरी को देखते हुए लग रहा है कि घटना में चार पहिया वाहन का प्रयोग किया गया होगा। फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं पर बारीकी से जांच कर रही है।
दोनों घटनास्थल टनकपुर-पानीपात राष्ट्रीय मार्ग के किनारे होने से अंदेशा है कि कातिल यदि उत्तर प्रदेश से आए हैं तो अमरिया-पीलीभीत मुख्य मार्ग या फिर बिज्टी-मझोला संपर्क मार्ग से वाया सितारगंज होकर गुजरे होंगे और यदि बरेली के बहेड़ी क्षेत्र से आए हैं तो पुलभट्टा चौकी होते हुए सितारगंज से डैम तक पहुंचे होंगे।
यूपी में खाक छान रही पुलिस
युवक-युवती की दूसरे दिन भी शिनाख्त नहीं हो पाई है। लापता लोगों का डाटा कलेक्ट करने के लिए एसओजी समेत चार पुलिस टीमें उत्तर प्रदेश के बरेली और पीलीभीत जनपद की खाक छान रही हैं। नानकमत्ता में किराए पर रहने वाले सिडकुल के श्रमिकों से भी पुलिस पूछताछ कर रही है।
नानकमत्ता थानाध्यक्ष अरुण कुमार ने बताया कि युवक-युवती की शिनाख्त के बाद ही घटना के बादे में कुछ कहा जा सकता है। दोनों की पहचान के लिए पुलिस छानबीन कर रही है। चार टीमों को यूपी में पड़ताल के लिए भेजा गया है। स्थानीय पुलिस नानकमत्ता क्षेत्र में किराए पर रहने वाले बाहरी श्रमिकों से पूछताछ कर रही है।
उन्होंने बताया कि मार्च से अब तक सिर्फ एक गुमशुदगी दर्ज हुई है। जुलाई में गिधौर निवासी युवक और कैथुलिया निवासी युवती फरार हुए थे जिनकी लोकेशन पंजाब में मिली है।
ब्लाइंड मर्डर के खुलासे के लिए कई टीमें लगी हुई हैं। क्षेत्र के गुमशुदा लोगों की थानावार पड़ताल लगभग पूरी कर ली गई है। युवक-युवती के दूसरे प्रदेश के होने की आशंका है। शीघ्र ही शिनाख्त करा आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
- अनंत राम चौहान, डीआईजी
पोस्टमार्टम हुआ, रिपोर्ट का खुलासा नहीं
मंगलवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के तीन सदस्यीय दल ने किया। इनमें सितारगंज सीएचसी के चिकित्साधिकारी डॉ. हर्ष सिंह ऐरी, खटीमा रतूड़ी अस्पताल की डॉ. सुनीता रतूड़ी, सीएचसी खटीमा के डॉ. आईए खान शामिल थे। नानकमत्ता के थानाध्यक्ष अरुण कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी नहीं मिली है।
रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण पता चल सकेगा। उन्होंने बताया कि शवों को 72 घंटे के लिए शवों को मोर्चरी में रखवाया गया है। शिनाख्त नहीं हो पाई तो 72 घंटे बाद शवों का दाह संस्कार कर दिया जाएगा। वहीं, मृतक के कपड़े, चप्पल आदि सामान भी सुरक्षित रखे गए हैं। यह भी बताया कि डीएनए जांच के लिए सैंपल ले लिए गए हैं।
फिलहाल दो एंगल पर पुलिस का फोकस
युवक-युवती की नृशंस हत्या कर डैम में फेंकी गई लाशों की वारदात की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस कई एंगल पर बारीकी से जांच कर रही है। इनमें दो एंगल महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
नेपाली, थारु या फिर पहाड़ी युवक तो नहीं!
नानकमत्ता के विडौरा-मझौला गांव में हाईवे किनारे खकरा नाले से बरामद सिर को देखने से युवक थारु जनजाति या पहाड़ी या फिर नेपाल मूल का लग रहा है। युवक के चेहरे पर मूंछ हैं। वहीं, युवती की जीभ मुंह से बाहर निकली है। आशंका जताई जा रही है कि युवक किसी के घर नौकर होगा।
घर के मालिक ने उसे आपत्तिजनक स्थिति में देख उसकी पहले गला घोंटकर नृशंस हत्या कर दी हो। फिर युवती का गला घोंटा हो और बाद में दोनों के हाथ-पैर और सिर को धारदार हथियार से काट दिया होगा। इस आधार पर पुलिस छानबीन कर आसपास के इलाकों में लापता हुए लोगों का पता लगा रही है।
नाकाम आशिक तो नहीं कातिल?
युवक-युवती की नृशंस हत्या करने वाला कहीं नाकाम आशिक तो नहीं था? इस आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता। हो सकता है नाकाम आशिक ने युवती को सबक सिखाने के लिए बदले की भावना से वारदात को अंजाम दिया हो।
आत्मसम्मान के लिए परिजनों द्वारा ऑनर किलिंग की घटना को अंजाम देना तो सुना है। लेकिन, किसी भी घटना में युवती के साथ इतनी दर्दनाक करतूत न कभी सुनी और न देखी।
युवती का मुंडन करना, नाक-कान काट देना और सबसे बड़ी बात युवती को नग्नावस्था में देखकर, किसी नाकाम आशिक के कातिल होने की भी संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता।