छत से धक्का देकर दोस्तों ने की कांवड़िये की हत्या
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हरिद्वार में धोबीघाट पार्किंग में लावारिस मिले कांवड़िये की उसी के दोस्तों ने बरेली वाली धर्मशाला की छत से गिराकर हत्या की थी।
सोमवार को दिल्ली पुलिस और कांवड़िये के पिता के हरिद्वार पहुंचने पर प्रकरण का परत दर परत खुलासा हुआ। दिल्ली पुलिस ने दो आरोपी दिल्ली निवासी दोस्तों को हरिद्वार पुलिस के सुपुर्द कर दिया है।
मृतक कांवड़िये के पिता की तहरीर पर दोस्तों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया है। हत्या क्यों की गई पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
बैकिंग की कोचिंग कर रहा था मृतक
सोमवार को दिल्ली के थाना मंडावली पुलिस के साथ शहर कोतवाली पहुंचे गांव मोहरिया मल्लाह ऊंचापुल, हल्द्वानी, नैनीताल निवासी पूरण सिंह देउपा ने 25 जुलाई को धोबीधाट पर मिले अज्ञात शव की पहचान अपने पुत्र प्रतीक देउपा के रूप में की।
दिल्ली पुलिस ने हरिद्वार पुलिस को जानकारी दी कि दिल्ली में रहकर बैकिंग की कोचिंग कर रहा प्रतीक अपने 13 दोस्तों के साथ कांवड़ लेने हरिद्वार आया था।
हरकी पैड़ी के पास बरेली वाली धर्मशाला में ठहरे सभी दोस्तों ने प्रतीक को छत से धक्का दे दिया था। घायल होने पर उसे जिला अस्पताल ले जाया गया।
लेकिन कुछ घंटों बाद ही प्रतीक को अस्पताल से ले गए और रोड़ीबेलवाला में मरणासन्न अवस्था में छोड़कर फरार हो गए।
मोबाइल, एटीएम कार्ड, कपडे़ एवं आईडी साथ ले गए
इतना ही नहीं प्रतीत का एक दोस्त उसका मोबाइल, एटीएम कार्ड, कपडे़ एवं आईडी भी अपने साथ ले गया।
दिल्ली पुलिस ने प्रतीक की हत्या में शामिल आरोपी जतिन (पुत्र सतीश निवासी लक्ष्मीनगर फायर स्टेशन के पास, दिल्ली) और मोंटी (पुत्र राजपाल निवासी शकरपुर मंडावली, दिल्ली) को दिल्ली से हिरासत में लेकर सोमवार सुबह हरिद्वार पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
जतिन बीए द्वितीय वर्ष का छात्र है और मोंटी दुकान चलाता है। एसएसआई पंकज देवरानी ने बताया कि पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
घटना में शामिल अन्य 11 युवकों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीम दिल्ली के लिए रवाना हो गई है।
दिल्ली पुलिस की सख्ती से खुला केस
बेटे को खो चुके शिक्षक पिता का आरोप है कि जब वे दिल्ली पहुंचे तब भी दोस्त बताने को तैयार नहीं थे कि प्रतीक उनके साथ हरिद्वार आया था।
मंडावली थाने में जब पुत्र की गुमशुदगी दर्ज कराई तब दोस्तों ने मुंह खोला। पिता का आरोप है पुत्र को वे लावारिस छोड़कर क्यों चले आए, ये दोस्तों की गलत नीयत को दर्शाता है।
इंजीनियरिग की कर चुका था पढ़ाई
बैकिंग की तैयारी कर रहा प्रतीक इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर चुका था और आगरा में कुछ समय तक उसने नौकरी भी की थी। लेकिन नौकरी के साथ सरकारी नौकरी की तैयारी संभव न होने पर वह नौकरी छोड़कर चार माह पूर्व तैयारी के लिए दिल्ली चला गया था।