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मासूम बच्चियों को कमरे में बंद कर बाप बन गया हैवान

Wed, 22 Jul 2015 09:10 AM IST
ब्यरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 22 Jul 2015 09:10 AM IST
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man strangled his own daughters.

उत्तराखंड के श्रीनगर क्षेत्र में मानसिक रूप से बीमार पिता ने अपनी दो मासूम बेटियों का गला घोंटने की कोशिश की। दोनों बेटियों को बेस अस्पताल श्रीकोट में भर्ती कराया गया है। यहां एक बेटी की हालत गंभीर बनी हुई है।

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दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करने वाले इस युवक का इन दिनों इंद्रेश अस्पताल देहरादून में इलाज चल रहा है। वह सोमवार को ही यहां लौटा था।

मंगलवार सुबह करीब सात बजे मानसिक रूप से बीमार मलेथा निवासी राम सिंह (38) ने अपनी दो बेटियों हिमानी (7) और सिमरन (5) का गला घोंट दिया।

उसकी पत्नी सरिता ने बताया कि हिमानी स्कूल जाने से पहले नाश्ता कर रही थी और छोटी बेटी सिमरन सो रही थी। राम सिंह बच्चों के कमरे में ही बैठा था। जबकि वह और उसकी सास किचन में थे।

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अचानक कमरे से आने लगी हिमानी की चीख

man strangled his own daughters.

सरिता ने बताया कि राम सिंह ने अचानक कमरा अंदर से बंद कर दिया। हिमानी के चिल्लाने पर वह कमरे की ओर दौड़ी, लेकिन कमरा बंद था। राम सिंह दोनों बेटियों के गले जोर से दबा रहा था।


काफी देर बाद राम सिंह ने दरवाजा खुद खोला। तब तक दोनों बेटियां बेहोश हो चुकी थी। ग्रामीण उन्हें बेस अस्पताल ले आए। यहां करीब साढ़े ग्यारह बजे सिमरन को होश आ गया था। जबकि हिमानी अब भी बेहोश है।

बच्चियों का उपचार कर रहे डा. व्यास कुमार राठौड़ का कहना है कि काफी समय तक बच्चियों के दिमाग में आक्सीजन नहीं जाने से वह बेहोश हुई हैं। सिमरन की स्थिति सामान्य है। जबकि हिमानी की स्थिति अभी गंभीर बनी हुई है।

मानसिक रूप से बीमार है रामसिंह

man strangled his own daughters.

राम सिंह की मां लक्ष्मी देवी ने बताया कि राम सिंह मानसिक रूप से बीमार है। वह सोमवार शाम को ही इंद्रेश अस्पताल देहरादून से लौटा था।

बताया गया कि राम सिंह कुछ दिन पहले घर से भाग गया था। जिसके बाद उसके भाई ने कोतवाली में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी, लेकिन दूसरे दिन ही राम सिंह कोतवाली पहुंच गया था। तब पुलिस वालों ने उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया था। लेकिन अब उसके ‌द्वारा किये गए कांड से पूरे घर के लोग घबराये हुए हैं।

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