फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   man arrested in kidnap Conspiracy

अपहरण की साजिश कर दोस्तों को फंसाने चला था डेयरी मालिक

Tue, 21 Feb 2017 08:19 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 21 Feb 2017 08:19 PM IST
विज्ञापन
man arrested in kidnap Conspiracy
arrest - फोटो : demo pic

प्रेमनगर में अपहरण का नाटक कर दोस्तों का फंसाने की साजिश रचने वाले डेयरी मालिक दिनेश पांथरी को पुलिस ने मुंबई से बरामद कर लिया।

विज्ञापन


आरोपी एक होटल में वेटर का काम कर रहा था, लेकिन फोन के जरिए परिवार के संपर्क में था। पांथरी लाखों की कर्जदारी होने पर खुद ही गायब हो गया और परिजनों के साथ मिलकर लेनदारों को फंसाने की साजिश रच दी। पुलिस ने झूठी साजिश रचने और अमानत में खयानत के आरोप में डेयरी मालिक को भाई और पिता के साथ मंगलवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
विज्ञापन

 
पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह ने मंगलवार को बहुचर्चित दिनेश पांथरी अपहरण की झूठी कहानी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि डेयर मालिक दिनेश पांथरी 19 जुलाई की रात गायब हो गया था। अगले दिन उसकी गुमशुदगी दर्ज हुई तो पुलिस जांच में जुट गई। परिजनों ने कई दिन हंगामा कर अनहोनी की आशंका जताई।
विज्ञापन
विज्ञापन


परिजनों की आशंका पर पुलिस ने गुमशुदगी को अपहरण की धारा में तरमीम कर तीन दोस्तों को नामजद कर लिया था। एसओजी और प्रेमनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने इन दोस्तों से कई दौर की पूछताछ की, लेकिन ऐसा कोई तथ्य नहीं मिला, जिससे उनकी संलिप्तता उजागर हो सके।

पुलिस जांच में आया कि दिनेश पांथरी पर लाखों का कर्जा हो गया था, इसलिए वह खुद ही गायब हो गया। परिजनों द्वारा आरोपित किए जाने के कारण पुलिस ने इन तीनों दोस्तों का नार्को टेस्ट भी कराया था। यहां से भी कोई क्लू नहीं मिला। 
एसपी सिटी अजय सिंह ने बताया कि सर्विलांस के जरिए यह साफ हुआ कि दिनेश पांथरी सकुशल है और मुंबई में छिपा है। 
परिजनों से वह फोन के जरिए संपर्क में है। पुलिस टीम को मुंबई भेजा गया। दो दिन की कवायद के बाद दिनेश को पश्चिमी मुंबई से सकुशल बरामद किया गया। दिनेश यहां एक होटल में वेटर का काम कर रहा था। पूछताछ में दिनेश ने बताया कि कमेटी के काम में नुकसान होने के कारण 50 लाख रुपये का कर्जा हो गया था।

दबाव बढ़ने के कारण वह दून से पहले दिल्ली गया और वहां से मुंबई चला गया। दिनेश पांथरी ने पत्राचार के माध्यम से पहले परिजनों से संपर्क साधा था। बाद में मोबाइल से अक्सर बात कर लेता था। परिजनों ने पुलिस से यह बात छिपाए रखी।  प्रेमनगर निवासी नितेश शर्मा आदि की तरफ से दिनेश पांथरी, उसके पिता राम कृष्ण पांथरी, भाई रमेश पांथरी, नरेश पांथरी, गणेश और बच्चीराम के खिलाफ साजिश के तहत झूठे आरोप लगाने, रकम वापस न करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया।डेयरी मालिक दिनेश पांथरी उसके पिता रामकृष्ण और भाई गणेश पांथरी को गिरफ्तार कर लिया गया। 

लावारिस शव को लिया था पहचान
एसपी सिटी अजय सिंह ने बताया कि विकासनगर में बरामद हुए एक लावारिस शव को भी परिजनों ने दिनेश पांथरी का बता दिया था। किसी तरह का साक्ष्य न मिलने के कारण पुलिस ने उनके दावे को नकार दिया था। उधर नितेश शर्मा आदि ने मंगलवार को मीडिया के सामने आकर पुलिस का आभार जताया। उनका कहना था कि परिजनों ने उन्हें फंसाने की पूरी तैयारी कर ली थी। दिनेश पांथरी की बरामदगी से पूरा सच सामने आ गया। 

सीबीआई जांच की संस्तुति
दिनेश पांथरी के परिजनों ने कई दिन तक प्रदर्शन कर पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठा दिए थे। परिजनों की मांग पर तत्कालीन एसएसपी सदानंद दाते ने सीबीआई जांच की संस्तुति भी कर दी थी, क्याेंकि उन्होंने बिना साक्ष्य के नामजद लोगों को जेल भेजने से साफ मना कर दिया था। 


पुलिस टीम को पुरस्कार
एसपी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वीटी अग्रवाल की तरफ से टीम में शामिल एसओ प्रेमनगर नरेश राठौड, एसओजी प्रभारी अशोक राठौड, उप निरीक्षक मानवेन्द्र सिंह, कांस्टेबल सुनील मलिक, राजकुमार, प्रमोद कुमार और संतोष को ढाई हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। 

पांथरी अब लडे़गा चुनाव 
पुलिस हिरासत में डेयरी मालिक दिनेश पांथरी ने स्वीकार किया कि कर्जदारों पर दबाव बढ़ाने के लिए उसने यह नाटक रचा था। इसी वजह से बिना किसी को बताए मुंबई चला गया। कमेटी और दूसरे कारोबार में नुकसान की वजह से उसे यह कदम उठाना पड़ा था। अब वह जमानत पर बाहर आने के बाद चुनाव लड़ने का इरादा रखता है। यह वक्त बताएगा कि वह किस पद के लिए चुनाव लड़ेगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed