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'पहले बेटी को मरने दिया, अब आरोपियों को बचा रही पुलिस'
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 10 May 2015 04:07 PM IST
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मुजफ्फरनगर की विवाहिता की दहेज के लिए हुई हत्या के मामले में पुलिस पर पहले लापरवाही का आरोप लगा था, अब परिजनों ने हत्या के आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया है।
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मुजफ्फरनगर के गांधी कॉलोनी निवासी लखविंदर कौर की शादी सात जुलाई 2014 को हरिद्वार जिले के सिडकुल थाना क्षेत्र के औरंगाबाद निवासी गुरप्रीत सिंह उर्फ रिंकू के साथ हुई थी। आरोप है कि ससुराल वाले उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। गुरप्रीत का देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में भी आवास है।
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कहा था, ससुराल वाले हत्या कर देंगे
13 अप्रैल 2015 की रात को दून के श्री महंत इंदिरेश अस्पताल के बाहर गर्भवती लखविंदर अपने पति की चलती बाइक से कूद गई थी। उस समय लखविंदर चिल्ला रही थी कि पति और ससुराल वाले उसकी हत्या कर देंगे। वह पति के साथ नहीं जाना चाहती थी।
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पुलिस मौके पर आई, लेकिन लखविंदर की बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। उसके अगले दिन 14 अप्रैल की सुबह लखविंदर औरंगाबाद में संदिग्ध परिस्थितियों में जल गई। उसे देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल भर्ती कराया गया, जहां कुछ घंटों बाद उसकी मौत हो गई थी।
मां ने दर्ज कराया था मुकदमा
लखविंदर की मां सुशीला देवी ने थाने में उसके पति समेत दस लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपी पति को तो जेल भेज दिया, लेकिन नौ आरोपी अब तक हाथ नहीं आए।
शनिवार को लखविंदर की मां सुशीला और भाई हरप्रीत ने सुभाष रोड पर पत्रकारों को बताया कि वे मुख्यमंत्री, डीजीपी और तमाम अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए।
उन्होंने उत्पीड़न को लेकर बनाई गई आडियो सीडी भी जारी की। सुशीला ने कहा कि बेटी के हत्यारों के खिलाफ कार्रवाई होने तक वह चुप नहीं बैठेगी।