रात में पत्नी को घुमाने ले गया, फिर दे डाली ऐसी खौफनाक मौत कि पुलिस के हाथ लगे सिर्फ शव के टुकड़े
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पति ने पत्नी की हत्या को इस खौफनाक तरीके से अंजाम दिया कि सुनकर रूह कांप जाए। हत्या के चार साल बाद अब जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र सिंह ने पत्नी की हत्या के आरोपी अभियुक्त को सश्रम आजीवन कारावास और पचास हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अदालत का फैसला आते ही पुलिस ने अभियुक्त को हिरासत में लेकर जिला कारागार पुरसाड़ी भेज दिया है। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक घटना 22 नवंबर 2014 की है। जोशीमठ थाने के अंतर्गत पाखी गांव निवासी अनिल किशोर तिवारी मोटरसाइकिल से अपनी पत्नी स्मृति को गोपेश्वर ले गया था।
रात करीब आठ बजे गांव वापस पहुंचने पर अनिल ने ग्रामीणों और परिजनों को बताया कि पीपलकोटी के पास बदरीनाथ हाईवे पर भनेरपाणी तोक में मोटरसाइकिल दुर्घटना में उसकी पत्नी कहीं गायब हो गई है।
ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर ढूंढ खोज की तो उन्हें न तो वहां दुर्घटना का कोई निशान मिला और न ही स्मृति का पता चल सका। अगले दिन 23 नवंबर को अनिल ने स्मृति के मायके उत्तरकाशी फोन कर अपने सास-ससुर को बताया कि उनकी बेटी टैक्सी में बैठकर कहीं चली गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए 24 नवंबर को स्मृति के माता-पिता गोपेश्वर पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को पूरे मामले से अवगत कराते हुए थाना जोशीमठ में अनिल के विरुद्ध स्मृति की हत्या की आशंका की रिपोर्ट दर्ज कराई।
रिपोर्ट दर्ज होने पर पुलिस हरकत में आई और 25 नवंबर को भनेरपाणी तोक में खाई से स्मृति का शव बरामद कर लिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्मृति की गला दबाकर हत्या करने और हत्या के बाद शव के टुकड़े करने की बात सामने आई थी।
मामले में अभियोजन की ओर से 15 गवाह पेश किए गए। बुधवार को लंबी बहस सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने हत्यारोपी पति को धारा 302 में दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कुलदीप बर्त्वाल ने पैरवी की।