भाई ने स्कूटी ले जाने से रोका, बहन ने दे दी जान
शायद ही ऐसा कोई घर हो जहां भाई-बहन के बीच नोंकझोंक न होती हो, लेकिन कोटद्वार क्षेत्र में भाई-बहन के विवाद ने परिवार की खुशियों पर ग्रहण लगा दिया।
भाई-बहन के बीच स्कूटी को लेकर हुए झगड़े में बहन इतनी खफा हुई कि उसने जहर खाकर अपनी जान दे दी। घटना से परिवार में कोहराम मच गया। एक छोटी सी बात पर एक किशोरी के आत्मघाती कदम उठाने से हर कोई स्तब्ध है। घटना शुक्रवार शाम करीब साढे़ छह बजे की है।
उत्तराखंड के पौड़ी जिले के घमंड गांव में बालम सिंह रावत पत्नी दमयंती देवी, बेटी वैशाली (17) और बेटा विशाल (20) के साथ रहते हैं।
वैशाली उमरावनगर स्थित बालभारती स्कूल में 11वीं की स्टूडेंट थी। वह ट्यूशन पढ़ने के लिए स्कूटी ले जाने लगी तभी उसके भाई विशाल ने स्कूटी ले जाने से रोका। कहा कि उसे जरूरी काम से जाना है। इसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हो गई।
स्कूटी ले जाने से रोकने पर वैशाली इतनी खफा हुई कि उसने घर के अंदर जाकर जहर खा लिया। जहर खाते ही उसकी तबियत बिगड़ने लगी।
उलटियां शुरू हुईं तो मां को बताया
मां ने पहले तो इसे सामान्य तकलीफ समझा, लेकिन जब उसे दर्द के साथ उलटी होनी शुरू हुई तो बहुत पूछने पर वैशाली ने कीटनाशक खाने की बात कही। परिजन उसे लेकर रात को सरकारी अस्पताल लाए। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कुछ दिन बाद दिवाली है। पूरा परिवार दिवाली की तैयारियों में जुटा हुआ था पर बेटी की मौत से पूरे परिवार में मातम छाया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटी की मौत से उसकी मां बदहवाश हालत में हैं।
लड़की के पिता अमृतसर की एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। घर का मामला होने के बावजूद परिजनों ने पोस्टमार्टम कराना ठीक समझा। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
छोटी सी कहासुनी पर आत्महत्या जैसा कदम उठा लेने से हर कोई स्तब्ध है। हर कोई यही बात करता रहा कि सहनशीलता और धैर्य की कमी से इस तरह की घटनाएं बढ़ने लगी है।