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अस्पताल का कर्मचारी ही निकला तारिफ का हत्यारा, जानिए पूरा मामला

Fri, 30 Jun 2017 11:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Fri, 30 Jun 2017 11:50 PM IST
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Disclosure in murder of patient death in nirvana drug rehab center

कोतवाली पुलिस ने निर्वाण संस्था के कर्मचारी को गिरफ्तार कर तारिफ हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने घटनास्थल से कत्ल में प्रयुक्त चाकू बरामद किया है।

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एसएसपी का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी ने अकेले ही तारिफ को मारने का दावा किया है लेकिन पुलिस इस मामले में अभी विवेचना कर सारे तथ्यों को सामने लाएगी। 
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एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने बहुउद्देश्यीय भवन में पत्रकारों को बताया कि हीरानगर में तारिफ की हत्या के बाद कोतवाली थाना प्रभारी नरेश सिंह चौहान के नेतृत्व में एसएसआई मनोहर सिंह दसौनी, अमर सिंह अधिकारी, घनश्याम रौतेला, बंशीधर जोशी, चालक नंदन सिंह को हत्यारों को गिरफ्तार करने के लिए लगाया गया था।
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पुलिस ने विवेचना के दौरान निर्वाण संस्था के मरीजों, कर्मचारियों और अन्य लोगों से पूछताछ की। बयानों के आधार पर शक होने के बाद पुलिस टीम ने निर्वाण संस्था के एंबुलेंस चालक उमेश बनकोटी को तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार कर्मचारी पिथौरागढ़ जिले के बनकोट गंगोलीहाट का मूल निवासी है।

वह निर्वाण नशा उन्मूलन केंद्र में रहता था। आरोपी ने पुलिस को बताया कि 23 जून की रात निर्वाण केंद्र से 13 मरीजों के फरार होने पर उसके  साथी तलाश में जुट गए थे। 

खुद को बचाने के ल‌िए क‌िया मर्डर

Disclosure in murder of patient death in nirvana drug rehab center

उमेश अपने साथी राजू के साथ एंबुलेंस से क्रियाशाला के समीप बगीचे के सामने तिराहे पर पहुंचा। इस बीच राजू दूसरी तरफ चला गया लेकिन उमेश को तारिफ बगीचे में मिल गया।

पकड़ते समय तारिफ ने उसके ऊपर चाकू से वार किया। बचाव करने के लिए उसने तारिफ के हाथ से चाकू छीनकर उस पर वार किया। तारिफ के गिरने पर उसने चाकू झाड़ियों में फेंक दिया था।

आवाज देकर उसने अपने साथी राजू को बुलाया। दोनों घायल तारिफ को उठाकर सड़क पर लाए। इस बीच निर्वाण के कर्मचारी जड़ौत और चंदू भी पहुंच गए थे। तारिफ को चंदू और जड़ौत के पास छोड़कर उमेश और राजू अन्य मरीजों को ढूंढने में लग गए।

इस बीच उमेश के पास संस्था की संचालिका रश्मि पंत का फोन आया। उसने तारिफ के मिलने की बात बताई। रश्मि पंत ने फोन कर तारिफ के जीजा को बुलाया।

उस समय तारिफ के शरीर से काफी खून बह रहा था। कर्मचारियों के सहयोग से तारिफ के जीजा उसे लेकर एसटीएच गए। डाक्टरों ने तारिफ को मृत घोषित कर दिया।

इसके बाद उमेश लगातार पुलिस को गुमराह करता रहा। सख्ती करने पर उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू क्रियाशाला के समीप बगीचे से बरामद किया।

एसएसपी का कहना है कि आरोपी की बातों पर पूरा यकीन नहीं किया जा सकता है। इस मामले में पुलिस अभी विवेचना कर पूरी तस्वीर सामने लाएगी। गिरफ्तार आरोपी को पुलिस ने अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। 

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