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प्यार ने खोली दर्दनाक ट्रिपल मर्डर की मिस्ट्री

Thu, 10 Dec 2015 02:58 PM IST
राकेश शर्मा/ अमर उजाला, देहरादून
राकेश शर्मा/ अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 10 Dec 2015 02:58 PM IST
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dehradun triple murder case workout.

इश्क के जुनून में तीन बेकसूरों की जान लेने वाले संजय पंत को अपने फुलप्रूफ प्लान पर पूरा विश्वास था।

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वो ठाने बैठा था कि पुलिस की किसी भी सख्ती के आगे वह टूटेगा नहीं। पुलिस का हर कोशिश जाया जा रही थी, आला अधिकारियों को समझ में नहीं आ रहा था इस हत्याकांड की गुत्थी कैसे सुलझे।

इधर देहरादून में बैठी टीम ने फौजी की पत्नी चंचल जोशी को टारगेट किया तो वह जरा सी सख्ती में संजय से अपने रिश्तों की बात कबूल ली। इसका पता चलते ही ऊधमसिंह नगर में पुलिस ने संजय को जब इस राज के बारे में बताया तो वह टूटता चला गया। दर्द में जुबां लड़खड़ाती चली गई और हलक सूख गया।
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दूसरे अपराधियों की तरह संजय पंत भी श्यामपुर के गार्ड राजेन्द्र जोशी उसकी मां कमला और बेटे भास्कर की हत्या को अंजाम देने के बाद मुतमईन हो गया था कि उसका कुछ नहीं होगा। शातिराना अंदाज में उसने पुलिस को गच्चा देने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
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जोशी परिवार की कार लावारिस मिलने के बाद से संजय पंत की राजेन्द्र के आवास पर चहल-कदमी बढ़ गई थी। पहली बार जब पुलिस कार की सूचना लेकर घर पहंची तो संजय पंत वहां मौजूद था। पहले पुलिस को लगा कि पड़ोसी होने के नाते वह जोशी परिवार का शुभचिंतक है, लेकिन अगली मुलाकात में उसने राजेंद्र जोशी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की तो पुलिस का माथा ठनका।

मोबाइल की डिटेल खंगाली गई तो उसकी भूमिका संदिग्ध नजर आई। पहली बार जब पुलिस संजय को पूछताछ के लिए थाने लाई तो उल्टा उसने पुलिस को कटघरे में खड़ा करने लगा। सख्ती दिखाई तो कहने लगा कि ‘पिटाई करने के लिए लाए हो, मैने कुछ नहीं किया है, चाहे जितना पीट लो, कुछ नहीं मिलेगा।

स्थानीय पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा तो उधम सिंह नगर पुलिस संजय पंत को अपने साथ ले गई। चार दिन तक हत्यारोपी पुलिस को छकाता रहा। सख्ती बढ़ी तो फौजी दीपक जोशी का नाम लेकर कहानी को दूसरा रूप देने की कोशिश की।

पहले पुलिस को भी उसकी बात पर यकीन हुआ लेकिन जब दीपक से पूछताछ की गई तो उसने खुद को बेकसूर बताया। उसकी लोकेशन भी घटना स्थल से कोसो दूर थी। इसके बाद पूरी तरह से पुलिस की जांच संजय पंत पर केंद्रित हो गई और उधर चंचल के कबूलनामे से सारी पिक्चर साफ हो गई।

पहले की दरिंदगी की हद पार, अब हो रहा पछतावा

फौजी की पत्नी के प्रेमी ने इश्क के जुनून में दरिंदगी की तो हदें ही पार कर दीं। प्रेमिका के जेठ, सास और भतीजे की नृशंस हत्या कर प्रेमी ने उन्हें ठिकाने भी लगाया, लेकिन जब होश आया तो प्रेमी को अपने किए पर पछतावा हो रहा है। कोतवाली में पुलिस हिरासत में पहुंचे संजय से जब इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बारे में पूछा तो वह फफक पड़ा और बोला, मेरी मत मारी गई थी।

बुधवार को रुद्रपुर से पुलिस तिहरे हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त श्यामपुर थाना प्रेमनगर देहरादून में रहने वाले फौजी दीपक जोशी के पड़ोसी व उसकी पत्नी चंचल के प्रेमी संजय पंत को सिसैया गांव के अनिल कुमार के साथ कोतवाली लेकर आई। पुलिस हिरासत में कोतवाली में बैठे संजय पंत से तीन लोगों की हत्या के पीछे का कारण मालूम किया तो उसने बरबस ही सब कुछ बोल डाला और फफक-फफक कर रोने लगा।

संजय ने बताया कि वह ग्रेजुएट है और होटल मैनेजमेंट का कोर्स करने के बाद आईएमए में कैटरिंग का काम करता था। लेकिन, चंचल के प्यार ने उसे अंधा कर दिया। मोहब्बत के आगे उसे कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। उसकी प्रॉपर्टी से प्यार नहीं था, बल्कि उसे पाना चाहता था।

हत्यारोपी संजय ने बताया कि उसके परिवार में मां, बड़ा भाई और एक बहन है। पिता तुलसी दत्त पंत की मौत हो चुकी है। रूंधे गले से संजय ने कहा कि इश्क के जुनून ने उसे अपराधी बना दिया। चंचल के पति दीपक जोशी के शारीरिक शोषण के आरोप पर उसने कहा कि वह चंचल से प्यार करता था। चंचल उसे प्यार करती थी या नहीं, इससे कोई मतलब नहीं। उसने तिहरे हत्याकांड पर पछतावा जताते हुए अपने हक में कुछ भी कहने से मना कर दिया।

हत्यारोपियों का निकला सितारगंज कनेक्शन
तिहरे हत्याकांड के मामले में मुख्य अभियुक्त संजय पंत को उसके घर में किराए पर रहने वाले सिसैया के महेश के भाई ने माउजर उपलब्ध कराई थी। महेश पिछले दो तीन सालों से देहरादून में रह रहा है। जिससे संजय का उसके परिवार से भी मिलना जुलना हो गया। अनिल सबसे बड़ा है।

उससे छोटा महेश जो देहरादून में एमआर है और फिर उससे छोटा भाई स्वास्थ्य विभाग में वार्ड ब्यॉय है। अनिल का परिवार साधन संपन्न है। चार-पांच एकड़ जमीन है। जिस पर अनिल खेती करता है। जबकि, पुलिस का कहना है कि देहरादून से सितारगंज तक तीनों को लाकर हत्या कराने में अनिल की भी मुख्य भूमिका है और उसी के बताए रास्तों से वह यहां तक पहुंचा।


गन शॉट इंजरी से हत्या की पुष्टि
तिहरे हत्याकांड में मारे गए राजेंद्र जोशी और उसकी मां कमला जोशी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का पुलिस ने बुधवार को खुलासा किया। एसएसआई प्रवीण सिंह ने बताया कि पीएम रिपोर्ट में दोनों की मौत गन शॉट इंजरी से होने की पुष्टि हुई है।

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