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इस हत्याकांड से हिल गई थी देहरादून की शांत वादियां, क्राइम पेट्रोल में दिखाया था केस, अब मिला इंसाफ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विकासनगर
Updated Wed, 28 Mar 2018 10:09 AM IST
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chakrata murder
- फोटो : file photo
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पर्यटक जोड़े के इस दिल दहलाने वाले हत्याकांड ने देहरादून जिले की शांत वादियों में बसे जौनसार बावर को हिला कर रख दिया था। शांत फिजाओं के लिए जाने वाले चकराता की छवि पूरे देश में धूमिल हो गई थी। कुछ दिन पहले सोनी टीवी पर प्रसारित होने वाले क्राइम पेट्रोल धारावाहिक में भी यह मामला दिखाया गया था।
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हत्यारोपी के खिलाफ सड़कों पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा था। आए दिन लोग सड़क पर उतर कर हत्यारोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे थे। थाने का घेराव कर हत्यारोपी को फांसी की सजा देने की मांग की जाने लगी थी। घटना के बाद से क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में भी तेजी से कमी आने लगी थी।
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परिजनों ने आरोपियों से अपने सारे नाते-रिश्ते समाप्त कर लिए थे। खत बनगांव की पंचायत ने आरोपियों के सामाजिक बहिष्कार का ऐलान कर दिया था। ग्रामीणों ने एक स्वर में आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की थी। परिजनों ने भी शर्मिंदगी जताते हुए आरोपियों से किसी भी प्रकार का रिश्ता न रखने की बात कही थी।
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क्या था पूरा मामला
double murder
22 अक्तूबर 2014 को मूल रूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाली युवती मोमिता अपने दोस्त अभिजीत पॉल पुत्र अतुल पॉल निवासी दमदम कलकत्ता पश्चिम बंगाल के साथ चकराता घूमने आई थी। युवती फाइन ऑर्ट की शिक्षक और अभिजीत पेंटर था।
दोनों दिल्ली में लीव इन रिलेशन में रहते थे। 23 अक्तूबर 2014 को उन्हें चकराता में चुंगी के पास मुख्य आरोपी बोलेरो चालक राजू दास पुत्र मोहन दास निवासी टुंगरोली मिला। दोनों ने टाइगर फॉल जाने के लिए वाहन बुक करने की बात कही। वाहन में लोखंडी की सवारियां थी।
राजू ने सवारियां छोड़कर उन्हें ले जाने की बात कही। वापस लौटने पर वाहन में पर्यटक जोड़े के साथ ही कुंदन दास पुत्र नैनू दास, बबलू पुत्र ध्यानू दास, गुड्डू दास पुत्र खानिया दास सभी निवासी टुंगरोली भी सवार हो गए। जिस पर पर्यटक जोड़े ने एतराज जताया।
दोनों दिल्ली में लीव इन रिलेशन में रहते थे। 23 अक्तूबर 2014 को उन्हें चकराता में चुंगी के पास मुख्य आरोपी बोलेरो चालक राजू दास पुत्र मोहन दास निवासी टुंगरोली मिला। दोनों ने टाइगर फॉल जाने के लिए वाहन बुक करने की बात कही। वाहन में लोखंडी की सवारियां थी।
राजू ने सवारियां छोड़कर उन्हें ले जाने की बात कही। वापस लौटने पर वाहन में पर्यटक जोड़े के साथ ही कुंदन दास पुत्र नैनू दास, बबलू पुत्र ध्यानू दास, गुड्डू दास पुत्र खानिया दास सभी निवासी टुंगरोली भी सवार हो गए। जिस पर पर्यटक जोड़े ने एतराज जताया।
दिल्ली और दून पुलिस की जांच में दोनों की हत्या की बात प्रकाश में आई
पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
राजू ने इन्हें रास्ते में छोड़ने की बात कही। इसके बाद सभी बोलेरो से टाइगर फॉल पहुंचे। वापसी में आरोपी युवकों की नीयत खराब हो गई।
उन्होंने युवती से छेड़छाड़ शुरू कर दी। विरोध करने पर रस्सी से युवक की हत्या कर दी। शव को बोलेरो की पिछली सीट पर डाल दिया और लाखामंडल की ओर चल दिए। रास्ते में कार सवार युवकों ने युवती से बोलेरो में ही दुष्कर्म किया और चुन्नी से गला घोंट दिया।
इसके बाद दोनों के शवों को ठिकाने लगाने के लिए आगे बढ़ गए। अंधेरा होने पर लाखामंडल स्थित यमुना पुल से युवती के शव को नदी में फेंक दिया। नौगांव से दो किमी आगे जरदा खड्ड के पास युवक के शव को खाई में फेंक दिया और अपने-अपने घर लौट आए। दिल्ली और दून पुलिस की जांच में दोनों की हत्या की बात प्रकाश में आई।
उन्होंने युवती से छेड़छाड़ शुरू कर दी। विरोध करने पर रस्सी से युवक की हत्या कर दी। शव को बोलेरो की पिछली सीट पर डाल दिया और लाखामंडल की ओर चल दिए। रास्ते में कार सवार युवकों ने युवती से बोलेरो में ही दुष्कर्म किया और चुन्नी से गला घोंट दिया।
इसके बाद दोनों के शवों को ठिकाने लगाने के लिए आगे बढ़ गए। अंधेरा होने पर लाखामंडल स्थित यमुना पुल से युवती के शव को नदी में फेंक दिया। नौगांव से दो किमी आगे जरदा खड्ड के पास युवक के शव को खाई में फेंक दिया और अपने-अपने घर लौट आए। दिल्ली और दून पुलिस की जांच में दोनों की हत्या की बात प्रकाश में आई।
मोबाइल से पकड़ में आए थे आरोपी
प्रतीकात्मक फोटो
युगल हत्याकांड के खुलासे में मृतक युवक का मोबाइल एक अहम सुराग बन गया था। मुख्य आरोपी राजू दास ने हत्या के बाद मोमिता का मोबाइल अपने पास रख लिया था। उसने एक बार इस मोबाइल में अपना सिम डालकर कॉल की थी। पुलिस पहले से ही इस मोबाइल को सर्विलांस पर लगा रखी थी। एक्टिवेट होते ही मोबाइल पुलिस की रेंज में आ गया था। इसके बाद 10 नवंबर को दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने कत्ल का राज उगल दिया।
पूरा घटनाक्रम एक नजर में
22 अक्तूबर 2014- दिल्ली निवासी सैलानी जोड़ा (अभिजीत और उसकी प्रेमिका) चकराता घूमने आया।
23 अक्तूबर 2014- चकराता स्थित टाइगर फॉल घूमने के दौरान दोनों लापता हो गए।
29 अक्तूबर 2014- युवती के पिता ने दिल्ली के साकेत थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
30 अक्तूबर 2014- अभिजीत का शव नौगांव चौकी क्षेत्र में मिला।
10 नवंबर 2014- 10 नवंबर को पूछताछ में चालक राजूदास ने अपने साथियों बबलू, गुड्डू और कुंदन के साथ मिलकर हत्या की बात कबूली।
11 नवंबर 2014- आरोपियों की गिरफ्तारी पर उन्हें फांसी देने की मांग पर चकराता के लोगों ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया।
13 नवंबर 2014- डामठा उत्तरकाशी के पास यमुना नदी में युवती का शव मिला।
पूरा घटनाक्रम एक नजर में
22 अक्तूबर 2014- दिल्ली निवासी सैलानी जोड़ा (अभिजीत और उसकी प्रेमिका) चकराता घूमने आया।
23 अक्तूबर 2014- चकराता स्थित टाइगर फॉल घूमने के दौरान दोनों लापता हो गए।
29 अक्तूबर 2014- युवती के पिता ने दिल्ली के साकेत थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
30 अक्तूबर 2014- अभिजीत का शव नौगांव चौकी क्षेत्र में मिला।
10 नवंबर 2014- 10 नवंबर को पूछताछ में चालक राजूदास ने अपने साथियों बबलू, गुड्डू और कुंदन के साथ मिलकर हत्या की बात कबूली।
11 नवंबर 2014- आरोपियों की गिरफ्तारी पर उन्हें फांसी देने की मांग पर चकराता के लोगों ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया।
13 नवंबर 2014- डामठा उत्तरकाशी के पास यमुना नदी में युवती का शव मिला।