बेहद शातिर है मामा-भांजों का यह चोर गिरोह
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देहरादून पुलिस ने चोरी के गोरखधंधे में सक्रिय मामा-भांजों की तिकड़ी को बेनकाब कर चोरी की दो बड़ी घटनाओं का खुलासा किया है।
इसमें जाखन में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता और डालनवाला में कारोबारी के घर चोरी की घटना शामिल है। दोनों भांजे तो पुलिस की गिरफ्त में आ गए हैं, लेकिन मामा फरार है। इनमें एक इंजीनियरिंग का छात्र है, जबकि दूसरा इंटर पास।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पुष्पक ज्योति ने बताया कि एसओजी और राजपुर पुलिस ने स्टीफन मैसी उर्फ आचार्य और उसके छोटे भाई कैल्विन मैसी निवासी खमरिया जबलपुर मध्यप्रदेश को राजपुर रोड से गिरफ्तार कर लिया। इनका मामा बाबी जॉन निवासी नेपी टाउन जबलपुर चोरी की रिवाल्वर लेकर फरार है।
मामा-भांजों की तिकड़ी चोरी, नकबजनी, वाहन चोरी में माहिर है। स्टीफन मणिपुर यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग का छात्र है, जबकि छोटा भाई इंटर पास है। हल्द्वानी से चुराया गया एक लैपटॉप भी आरोपियों से बरामद हुआ है।
आरोपियों ने जबलपुर में 11 वाहन चोरी किए थे और जेल भी गए थे। फिलहाल तीनों ऊधमसिंह नगर में किराए का मकान लेकर रह रहे थे और खुद को वास्तु और अंक ज्योतिषी बताते थे।
लावारिस छोड़नी पड़ी थी कार
आरोपियों ने अधिशासी अभियंता के घर से चोरी किए रुपये में से 90 हजार की पुरानी कार खरीदी थी। दिसंबर में यह लोग पटेलनगर क्षेत्र में कार को लावारिस छोड़ कर फरार हो गए। उन्हें शक हो गया था कि पुलिस उनके पीछे है। यह कार पटेलनगर थाने में जमा है।
वास्तु शास्त्र में मास्टर है स्टीफन
स्टीफन मैसी चोरी के साथ वास्तु शास्त्र का भी अच्छा जानकार है। यह गुर उसने अपने पिता से सीखा था। वह वास्तु के अनुसार मकानों के नक्शे बनाता था, लेकिन उसे चोरी का धंधा ज्यादा रास आया।
सूट-बूट में करते थे चोरी
तीनों मामा-भांजे सूट-बूट पहनकर पहले कालोनियों का जायजा लेते थे। बंद मकान को चिह्नित करने के बाद कार को सड़क किनारे खड़ा कर देते थे। कैल्विन का काम कार में बैठकर निगरानी करना होता है।
स्टीफन और मामा बाबी जान अंदर जाकर हाथ साफ करते थे। खतरे की स्थिति कैल्विन मिस कॉल कर उन्हें सतर्क कर देता है। दूसरा यदि उन्हें कोई टोकता था तो तीनों अच्छी अंग्रेजी बोलकर उसका मुंह बंद कर देते थे।