फर्जी सर्टिफिकेट पर बड़ी कार्रवाई, 43 कर्मियों की नौकरी से छुट्टी
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हरिद्वार के उत्तम शुगर मिल में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पा चुके 43 कर्मचारियों पर मिल प्रबंधन ने बड़ी कार्रवाई की है। इनमें से कानूनी कार्रवाई के डर से 14 कर्मियों ने खुद ही इस्तीफा दे दिया है। जबकि बाकी बचे 29 कर्मियों को 30 नवंबर तक हटा दिया जाएगा। इस बाबत मिल प्रबंधन की ओर से संबंधित कर्मियों को हटाए जाने के नोटिस जारी कर दिए हैं।
उत्तम शुगर मिल में नौकरी करने वाले कर्मचारियों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन संबधित परीक्षा बोर्ड व विश्वविद्यालयों से कराए जाने के दौरान 48 कर्मचारियों के प्रमाणपत्र फर्जी होने की जानकारी संबधित संस्थाओं ने दी थी। इस पर मिल प्रशासन ने इन सभी कर्मचारियों को लिखित सूचना देकर अपने शैक्षिक प्रमाणपत्रों के ठीक होने की पुष्टि कराने को कहा। इसके बाद पांच कर्मचारियों ने अपने प्रमाणपत्र वैध होने की पुष्टि करा दी।
बाकी 43 कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने का नोटिस थमा दिया गया था। इनमें से 14 कर्मियों ने तो मुकदमा दर्ज होने के भय से खुद ही नौकरी से इस्तीफा दे दिया है।
30 नवंबर तक 29 कर्मियों को छोड़नी होगी नौकरी
बचे हुए 29 कर्मियों को 30 नवंबर तक नौकरी छोड़नी होगी नहीं तो मिल प्रबंधन उन्हें संस्थान से बाहर का रास्ता दिखा देगा। मिल के उपाध्यक्ष वीके गुप्ता के अनुसार ज्यादातर कर्मियों को दिया गया समय समाप्त होने के होने के बाद नौकरी से हटा दिया गया है। बाकी को 30 नवंबर तक हटा दिया जाएगा।
कई सालों से कर रहे थे नौकरी
फर्जी प्रमाणपत्रों से कर्मचारी कई-कई सालों से नौकरी कर रहे थे। मिल प्रबंधन की माने तो इन सभी को ज्वाइनिंग के समय ही बता दिया गया था कि उनके द्वारा दी गई जानकारी जांच के दौरान झूठी पाए जाने पर उन्हें नौकरी से हटा दिया जाएगा। बावजूद इन कर्मियों ने अपने मूल प्रमाणपत्र कभी भी मिल प्रबंधन को नहीं दिखाए।
इसके बाद परीक्षा बोर्ड और विवि से सत्यापन कराया गया तो 43 मामले फर्जी साबित हुए। मिल प्रबंधन चाहे तो इन कर्मियों के खिलाफ आपराधिक मामले भी दर्ज करा सकता है। फिलहाल मिल प्रबंधन कानूनी पचड़े न पड़ते हुए इन्हें बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी कर चुका है।