पकड़ा गया दून को दहलाने वाले हत्याकांड का आरोपी
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देहरादून स्थित जाखन में हुए डिप्लोमा इंजीनियर हत्याकांड का आरोपी को मुरादाबाद से पकड़ लिया गया है।
जाखन की पॉश कॉलोनी में एक इंस्टीट्यूट के मालिक के यहां ठहरे मुरादाबाद के डिप्लोमा इंजीनियर की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
बताया गया कि मृतक द्वारा आरोपी की मंगेतर को फोन पर परेशान करने को लेकर ही आरोपी ने इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी के पास से मोबाइल और खून से सने कपड़े बरामद कर लिए हैं। आरोपी ने सोते समय नीरज पर हमला किया था।
नीरज पर गला घोटने के साथ तवे और चाकुओं से अनगिनत प्रहार किए गए थे। हत्यारा दीवार पर उसके खून से ‘मेरी बहन के साथ रेप किया था’ लिखकर भी गया था। इसके पीछे पुलिस माथापच्ची में जुटी थी।
राजपुर रोड स्थित जाखन की अंसल ग्रीन विहार कॉलोनी में कारगी में सरस्वती पॉलीटेक्निक के नाम से इंस्टीट्यूट चलाने वाले ज्ञानेंद्र कुमार वर्मा ने दुबई गए एक परिवार की खाली कोठी को दो सितंबर को किराए पर लिया था।
तीन सितंबर को उनके संस्थान से जुड़ा रहा मुरादाबाद निवासी नीरज कुमार (23) उनके आवास पर आया था। नीरज को सेलाकुई की किसी फैक्ट्री में इंटरव्यू देना था। इसी बीच ससुर की तबियत बिगड़ जाने के कारण ज्ञानेंद्र अपनी पत्नी के साथ दिल्ली चले गए।
शनिवार देर रात डेढ़ बजे के करीब वापस आए तो दरवाजा नीरज द्वारा ही खोला गया था। रविवार सुबह साढे़ छह बजे के करीब नौकरानी मन्नू आई तो हत्या का पता चला। कमरे में नीरज की खून से लथपथ लाश पड़ी थी और पूरे कमरे में खून पसरा था।
हत्या में प्रयुक्त औजार भी वहीं पर पडे़ मिल गए। एसएसपी ने बताया कि नीरज ने रात में मैसेज के जरिए यह जानकारी दी थी कि घर पर उसके मामा का लड़का भी आया हुआ था। घटना के बाद से वह गायब है। पुलिस जांच में नाजायज रिश्तों के अलावा अन्य कारणों को लेकर पड़ताल में जुटी हुई थी।
नजदीकी रिश्तों में ढूंढा गया मोटिव
राजपुर रोड स्थित जाखन की पॉश कालोनी में हुई डिप्लोमा इंजीनियर की हत्या ने एक बार फिर शहर में सनसनी पैदा कर दी थी। हत्या करने के साथ हत्यारा कई सवाल भी छोड़ गया था। जिनके जवाब ढूंढना पुलिस के लिए भी टेढ़ी खीर लग रहा था।
नीरज के खून से कमरे की दीवार पर मेरी बहन के साथ रेप किया था, लिखने और ऊपर-नीचे क्रास के निशान बनाने का मकसद क्या है? इसको लेकर पुलिस एक राय नहीं थी।
पुलिस के दिग्गज दिमाग लड़ा रहे थे कि आखिर यह लिखकर हत्यारोपी क्या संदेश देना चाहता है। कुछ लोगों का मानना है कि पुलिस को गुमराह करने के लिए ऐसा किया गया है।
पुलिस जांच नजदीकी रिश्तों के ईद-गिर्द घूम रही थी। पुलिस मान रही है कि कत्ल को जिस ढंग से अंजाम दिया गया है, उससे यही लगता है कि आरोपी मृतक नीरज का करीबी था।
नीरज को भी उस पर विश्वास करता था। पुलिस जांच में परिवार में किसी तरह का विवाद नहीं मिला। पुलिस ने नीरज की पृष्ठभूमि भी खंगाली।
नीरज के कमरे के तीन दरवाजे
नीरज का जिस कमरे में कत्ल हुआ, उसके तीन दरवाजे थे। बाहरी तरफ खुलने वाला दरवाजा तो अंदर से बंद था, जबकि दूसरी तरफ का एक दरवाजा खुला था। इससे ही हत्यारे के बाहर निकलने की उम्मीद थी। हालांकि रास्ते में कहीं भी खून नजर नहीं आया। संभावना यह है कि आरोपी खून को साफ कर यहां से निकला है।
ज्ञानेंद्र ने बनाई खिचड़ी
दंपति देर रात डेढ़ बजे के करीब आवास पर पहुंची थी। एसएसपी पुष्पक ज्योति की मानें तो रात में ही ज्ञानेंद्र ने ही नीचे आकर खिचड़ी बनाई थी। अकेले थोड़ी खिचड़ी खाकर ज्ञानेंद्र सो गए थे।
रसोई भी निचले हिस्से में है। स्वाभाविक है कि इस काम में दो-ढ़ाई बजे गए होंगे। पुलिस मान रही है कि कत्ल इसके बाद ही हुआ है।