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खुले विचारों वाली बेटी को मां ने उतारा मौत के घाट

Tue, 26 May 2015 03:09 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, काशीपुर (ऊधमसिंह नगर)
ब्यूरो / अमर उजाला, काशीपुर (ऊधमसिंह नगर) Updated Tue, 26 May 2015 03:09 PM IST
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brutal honor killing in uttarakhand.

उत्तराखंड में एक बेटी को खुले विचार रखने पर अपनी जान से ही हाथ धोना पड़ा। उसकी मां और दो भाइयों ने उसे तड़पा-तड़पा को मार दिया।

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साहिबा हत्याकांड के मामले जिस बात का अंदेशा था, वही निकला। मामला ऑनर किलिंग का ही था। पुलिस ने सोमवार को हत्याकांड का खुलासा कर दिया। मां और दो भाइयों ने उसकी हत्या कर घर के आंगन में शव दबा दिया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

बीते शनिवार को ढेला बस्ती निवासी नाजिर की विवाहिता बेटी रुखसार ने कोतवाली में अपनी मां भूरी, भाई नाजिम और आरिफ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि उन लोगों ने उसकी छोटी बहन साहिबा को मार कर आंगन में दफना दिया।
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तब पुलिस ने बताए गए स्थान से शव बरामद कर आरोपियों की धर-पकड़ के लिए टीम बनाई। टीम ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को कोतवाली में एएसपी कमलेश उपाध्याय ने पत्रकार वार्ता में साहिबा की हत्या का खुलासा करते हुए कहा कि वह खुले विचारों की थी, जो उसकी मां भूरी व भाइयों को पसंद नहीं था।
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नौ मई को साहिबा दो लड़कों के साथ घूमने चली गई। तो उसकी मां उसे रेलवे स्टेशन से वापस ले आई। इससे खफा होकर मां और दोनों बेटों ने साहिबा की हत्या की योजना बनाई।

अगली सुबह करीब चार बजे साहिबा जब सोयी थी। आरिफ ने उसके सिर पर पाटल मारा जब वह नहीं मरी तो मां ने छटपटा रही साहिबा के दोनों हाथ पकड़े और आरिफ ने गला घोंट दिया।

तीनों आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

brutal honor killing in uttarakhand.

फिर आंगन में गड्ढा खोद कर दफना दिया। सीओ ने बताया कि आरिफ को जींस टॉप पहन कर अपनी बहन का लड़कों के साथ घूमना पसंद नहीं था। ऑनर किलिंग के तीनों आरोपियों को पुलिस टीम ने सोमवार को दबोच लिया और धारा 145/15 धारा 302/201 के तहत गिरफ्तार कर लिया।

टीम में कोतवाल वीके जेठा, एसएसआई अरुण कुमार, एसआई एमएस धसौनी, एसआई अरुण कुमार, कांस्टेबल अवधेश कुमार, जगदीश भट्ट, मनोज पंत, हीरा सिंह, प्रकाश आदि थे।

मां को है पछतावा, भाई को नहीं
आरोपी भाई से पुलिस के पूछने पर उसने मारने की बात कबूली और कहा कि उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है और न ही फांसी का डर है। हालांकि बेटी की हत्यारी मां को अपनी करनी पर पछतावा है। वह खुद ही मानती है कि अब बहुत देर हो गई है।

साहिबा की मां ने बताया कि उसकी बेटी नशे की गोली खाने की आदी थी। गोली खाए बिना नहीं रह सकती थी। नशा करने पर ही वह लड़कों के साथ मौज मस्ती करने निकल जाती थी। लोगों ने बताया हत्यारोपी आरिफ भी नशेड़ी है। एक बार तो उसने पुलिस कर्मी की मामूली डांट पर उस पर पथराव कर दिया था।

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