{"_id":"7f521ef0ff4c263bfd326575313d043c","slug":"brother-killed-in-udham-singh-nagar-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर भाई की हत्या","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर भाई की हत्या
ब्यूरो / अमर उजाला, किच्छा(ऊधमसिंह नगर)
Updated Thu, 01 Jan 2015 03:19 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड के किच्छा में बहन के साथ छेड़छाड़ का विरोध करने पर पडो़स में रहने वाले छेड़छाड़ के आरोपी युवक के परिवार के चार-पांच सदस्यों ने बुधवार को एक भाई की पीट-पीट कर हत्या कर दी।
विज्ञापन
जबकि दूसरे भाई को गंभीर रूप से घायल कर दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों और अन्य लोगों ने शव को कोतवाली गेट पर रखकर प्रदर्शन किया। समाचार लिखे जाने तक आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं हो पाई थी।
विज्ञापन
बहन से अक्सर छेड़छाड़ करता था युवक
बंडिया निवासी मूल चंद का 18 वर्षीय पुत्र जितेंद्र शहर के मेन बाजार स्थित एक दुकान पर सेल्समैन था। बताया जा रहा है पड़ोस में रहने वाला युवक उसकी बहन से अक्सर छेड़छाड़ करता था। जिसका जितेंद्र विरोध करता था। बुधवार दिन में जितेंद्र दुकान से खाना खाने अपने बंडिया स्थित घर गया।
विज्ञापन
घर पर उस वक्त उसका भाई विक्की भी था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले छेड़छाड़ के आरोपी युवक के परिवार के चार-पांच सदस्य घर पर आ धमके। उन्होंने दोनों भाइयों को घेरकर बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। पिटाई के चलते जितेंद्र के सिर पर गंभीर चोट लगने पर वह जमीन पर गिर गया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पिटाई से विक्की के सिर और मुंह पर गंभीर चोटें आई हैं। इसी दौरान शोर- शराबा होने पर सभी आरोपी वहां से फरार हो गए। बाद में परिजनों ने शव को लाकर कोतवाली गेट पर रख दिया। परिजनों ने सभी आरोपियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई कर गिरफ्तारी की मांग की।
सूचना पर क्षेत्राधिकारी उत्तम सिंह नेगी समेत पुलिस दल और पुलभट्टा पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। उन्होंने परिजनों को शव हटाने को कहा लेकिन वे तैयार नहीं हुए। बाद में पुलिस टीम ने जबरन शव को किसी तरह अस्पताल पहुंचाया। समाचार लिखे जाने तक मृतक के परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अस्पताल में ही डटे हुए थे।