कुख्यात भूरा की फरारी के दोषी सिपाहियों पर मुकदमा
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कुख्यात बदमाश अमित उर्फ भूरा को बागपत में पेशी पर ले जाने वाले उत्तराखंड के पांच लापरवाह पुलिस कर्मियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है।
उधर, पुलिस की हिरासत से भागे भूरा की गिरफ्तारी पर पांच लाख रुपये के इनाम की घोषणा की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
वहीं, भूरा की तलाश में हुई ताबड़तोड़ दबिश बेनतीजा रही। फिलहाल पुलिस ने भूरा के करीबियों पर शिकंजा कसा है।
यूपी के अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था मुकुल गोयल ने मंगलवार को बागपत पहुंच कर मातहत अफसरों के साथ भूरा की गिरफ्तारी और लूटे गए असलहों की बरामदगी को लेकर पुलिस रणनीति की समीक्षा की।
इस बीच बागपत पेशी के दौरान भूरा का सहयोग करने वाले एक स्थानीय शख्स को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस महानिरीक्षक कानून-व्यवस्था सतीश गणेश ने इस मामले में सरकार का पक्ष रखते हुए बताया कि राज्य सरकार ने फरार अपराधी अमित उर्फ भूरा की गिरफ्तारी पर पांच लाख रुपए का इनाम रखने का विचार किया है।
इसकी औपचारिक घोषणा करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उत्तराखंड पुलिस ने भी भूरा पर एक लाख का इनाम घोषित किया हुआ है। उन्होंने बताया कि फरार अपराधी की तलाश के लिए बीस टीमें बनाई गई हैं।
बागपत पुलिस कर रही पुलिस कर्मियों से पूछताछ
आईजी मेरठ आलोक शर्मा को इस मामले में समन्वय बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई है। आलोक शर्मा हरियाणा, दिल्ली व उत्तराखंड पुलिस और यूपी पुलिस व यूपी एसटीएफ के साथ समन्वय बनाएंगे। आईजी ने बताया कि बागपत प्रकरण में उत्तराखंड के पांचों पुलिसकर्मियों के अलावा फरार अपराधी भूरा के अलावा नौ अज्ञात को नामजद किया गया है।
यह मुकदमा आईपीसी की धारा 395, 397, 307, 332, 353, 223, 224 व 341 के तहत दर्ज किया गया है।
ऐसे ही पुलिस ने उत्तराखंड पुलिस के पांचों कर्मियों के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 41 में नोटिस जारी किया है। हालांकि, यह पांचों अभी बागपत पुलिस के पास ही हैं और उनसे भी पूछताछ हो रही है।
आईजी कानून-व्यवस्था ने बताया कि आईजी मेरठ हरियाणा और दिल्ली पुलिस से समन्वय स्थापित कर यह पता करने की कोशिश कर रहे हैं कि अमित उर्फ भूरा के हरियाणा और दिल्ली में कौन-कौन करीबी हैं वह वहां कहां छिप सकता है।
बड़े अपराधियों की पेशी वीडियो कांफ्रेंस से
एडीजी कानून व्यवस्था मुकुल गोयल एक के बाद एक पुलिस अभिरक्षा से बदमाशों के फरार होने पर काफी चिंतित नजर आए। उन्होंने कहा कि बड़े अपराधियों की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग से कराए जाने पर काम किया जाएगा। यह कई जिलों में चल भी रही है।