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आदमखोर तेंदुए को दबोचने के लिए लगाए इंसानी पुतले
Updated Sat, 26 May 2018 02:08 AM IST
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आदमखोर तेंदुए को दबोचने के लिए लगाए इंसानी पुतले
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
राजाजी टाइगर रिजर्व में आदमखोर हो चुके तेंदुए को दबोचने के लिए पार्क प्रशासन ने इंसानी पुतले लगाए हैं। इन पुतलों पर पार्क निदेशक समेत कई कर्मचारियों का खून निकालकर छिड़का गया है। जैसे ही आदमखोर तेंदुआ इन पुतलों के पास आएगा, आसपास घात लगाए बैठी टीम ट्रैकुलाइज गन से बेहोश कर उसे धर दबोचेगी।
राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क में एक तेंदुआ आदमखोर हो चुका है। वह तेंदुआ एक साल के दर्जन भर लोगों की जान ले चुका है। उसे दबोचने के लिए अब प्रशासन की टीम ने पूरी ताकत झोंक दी है। तेंदुए को पकड़ने के लिए पार्क क्षेत्र में कई जगह इंसानी पुतले लगाए गए हैं। पार्क निदेशक सनातन सोनकर समेत कई अधिकारियों और कर्मचारियों का खून निकालकर इन पुतलों पर छिड़का गया है। इसके पीछे तर्क है कि तेंदुआ इंसानी खून की गंध सूंघकर इन पुतलों के पास आएगा और आसपास घात लगाए बैठी प्रशासन की टीम उसको ट्रैकुलाइज गन से बेहोश कर दबोच लेगी। पार्क निदेशक ने बताया कि पुतलोें के अलावा कई क्षेत्रों में पिजरे भी लगाए गए हैं, जिनमें सूअरों को रखा गया है। साथ ही मचानों पर कर्मचारियों को तैनात किया गया है। जिस क्षेत्र में आदमखोर तेंदुए की गतिविधियों को चिन्हित किया गया है। वहां आठ से अधिक तेंदुए हैं। ऐसे में सबसे बड़ी दिक्कत उसे पहचानने में आ रही है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
राजाजी टाइगर रिजर्व में आदमखोर हो चुके तेंदुए को दबोचने के लिए पार्क प्रशासन ने इंसानी पुतले लगाए हैं। इन पुतलों पर पार्क निदेशक समेत कई कर्मचारियों का खून निकालकर छिड़का गया है। जैसे ही आदमखोर तेंदुआ इन पुतलों के पास आएगा, आसपास घात लगाए बैठी टीम ट्रैकुलाइज गन से बेहोश कर उसे धर दबोचेगी।
राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क में एक तेंदुआ आदमखोर हो चुका है। वह तेंदुआ एक साल के दर्जन भर लोगों की जान ले चुका है। उसे दबोचने के लिए अब प्रशासन की टीम ने पूरी ताकत झोंक दी है। तेंदुए को पकड़ने के लिए पार्क क्षेत्र में कई जगह इंसानी पुतले लगाए गए हैं। पार्क निदेशक सनातन सोनकर समेत कई अधिकारियों और कर्मचारियों का खून निकालकर इन पुतलों पर छिड़का गया है। इसके पीछे तर्क है कि तेंदुआ इंसानी खून की गंध सूंघकर इन पुतलों के पास आएगा और आसपास घात लगाए बैठी प्रशासन की टीम उसको ट्रैकुलाइज गन से बेहोश कर दबोच लेगी। पार्क निदेशक ने बताया कि पुतलोें के अलावा कई क्षेत्रों में पिजरे भी लगाए गए हैं, जिनमें सूअरों को रखा गया है। साथ ही मचानों पर कर्मचारियों को तैनात किया गया है। जिस क्षेत्र में आदमखोर तेंदुए की गतिविधियों को चिन्हित किया गया है। वहां आठ से अधिक तेंदुए हैं। ऐसे में सबसे बड़ी दिक्कत उसे पहचानने में आ रही है।
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