फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   मासूमों के मामले में एडीजी के आदेश पर हुआ मुकदमा

मासूमों के मामले में एडीजी के आदेश पर हुआ मुकदमा

Wed, 23 May 2018 01:52 AM IST
Updated Wed, 23 May 2018 01:52 AM IST
विज्ञापन
मासूमों के मामले में एडीजी के आदेश पर हुआ मुकदमा
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
विज्ञापन

आईटी पार्क के पास 20 मई को झाड़ियों में मिले दो नवजातों के मामले में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अशोक कुमार के आदेश के बाद मंगलवार को राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने यह कदम मंगलवार को अमर उजाला में प्रकाशित ‘मासूम कहां से लाएं पैरोकार, पुलिस नहीं बनना चाहती पार्टी’ खबर का संज्ञान लेने के बाद उठाया। मुकदमा थानाध्यक्ष राजपुर अरविंद चौधरी ने खुद वादी बनकर अज्ञात के खिलाफ दर्ज कराया है।
बता दें 20 मई की शाम करीब छह बजे आईटी पार्क के पिछले गेट के पास झाड़ियों में दो नवजात मिले थे। मजदूरों और स्थानीय लोगों की सूचना पर 108 एंबुलेंसकर्मियों ने मासूमों को दून अस्पताल पहुंचाया था। मासूम अभी भी दून अस्पताल के नियोनेटल इंटेसिव केयर यूनिट में हैं। इस मामले में पुलिस वादी न मिलने की बात कहकर अभी तक मुकदमा दर्ज करने में टाल-मटोल कर रही थी। हालांकि राजपुर थानाध्यक्ष ने दून अस्पताल में अपना नाम मासूमों के अभिभावक के रूप में दर्ज कराया है। इसके बावजूद मुकदमा दर्ज करने में पुलिस प्रशासन आगे नहीं आ रहा था।
विज्ञापन

बहरहाल मंगलवार को अमर उजाला में ‘मासूम कहां से लाएं पैरोकार, पुलिस नहीं बनना चाहती पार्टी’ शीर्षक से प्रकाशित खबर के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अशोक कुमार ने संबंधित थानाध्यक्ष को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद थानाध्यक्ष राजपुर अरविंद चौधरी खुद वादी बने और अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 317 के तहत मुकदमा दर्ज कराया। एडीजी ने मामले का जल्द से जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए हैं। वहीं एसपी सिटी प्रदीप कुमार राय ने बताया कि मामले में आईटी पार्क को आने वाले सभी रूट के सीसीटीवी फुटेज चेक किए जा रहे हैं। इसके अलावा क्षेत्र विशेष के मोबाइल टावर पर आने वाली फोन कॉल का ब्योरा भी खंगाला जा रहा है। क्षेत्र के लोगों से अभी तक कोई विशेष जानकारी नहीं मिली है, लेकिन पूछताछ का दायरा बढ़ा दिया गया है। मासूमों के पास से मिले कपड़े को भी जांच के लिए भेजा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

बच्चों को गोद लेने के लिए आ रहे फोन
एसपी सिटी ने बताया कि लोग मासूमों को गोद लेने के लिए काफी उत्साहित हैं। इसी के चलते उनके पास अब तक करीब 100 से ज्यादा फोन आ चुके हैं। कई लोग लगातार अस्पताल से भी बच्चों की तबीयत को लेकर अपडेट ले रहे हैं। अस्पताल की ओर से मासूमों की हालत ठीक बताई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed