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बेरहमों ने 25 फीट की ऊंचाई से फेंक दिया मासूम
Updated Tue, 27 Nov 2018 02:19 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। बेरहमों ने चंद घंटे पहले जन्मी मासूम को 25 फीट ऊंचे पुल से नीचे बिंदाल नदी में फेंका गया था। घटना के बाद सोमवार को मौके पर पहुंची अमर उजाला टीम को इसके संकेत मिले हैं। जांच-पड़ताल में इस बात के भी संकेत मिले हैं कि नवजात को कहीं बाहर से लाकर यहां फेंका गया था। फेंकने वाले को इस इलाके की जानकारी भी है।
शहर के बीचों-बीच गुजरती बिंदाल नदी। इसके एक तरफ गोविंदगढ़ कॉलोनी और दूसरी तरफ झुग्गी-झोपड़ियां हैं। बच्ची के रोने की आवाज सबसे पहले नगर निगम के कर्मचारी कुलदीप ने सुनी थी। वह सुबह करीब पांच बजे अपने पशुओं को चारा देने घर से बाहर निकले थे। रोने की आवाज सुनकर वह नदी के कीचड़ से होते हुए बच्ची तक पहुंचे। बातचीत के दौरान कुलदीप ने वह जगह दिखाई जहां से बच्ची को फेंका गया होगा। पुल पर लगी जाली का एक हिस्सा कटा हुआ था। मासूम वहां से तकरीबन 25 फीट नीचे कूड़े करकट और कीचड़ में फेंकी गई थी। कुलदीप ने बताया कि जिस समय उसने मासूम को उठाया उस समय वह बेतहाशा रो रही थी। उसके हाथ-पैर टूटे हुए थे। उसे उसने पहले एक कपड़े से साफ किया। फिर महिला अस्पताल पहुंचाया। वहां उस मासूम ने दोपहर लगभग दो बजे दम तोड़ दिया।
लोगों में गुस्सा
इस घटना को लेकर लोगों में भारी गुस्सा भरा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मासूम बस्ती के लोगों में से किसी की नहीं है। शायद उसे बाहर से लाकर यहां नदी में फेंका गया है। लोग इस घटना को अंजाम देने वालों को बार-बार कोस रहे हैं।
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देहरादून। बेरहमों ने चंद घंटे पहले जन्मी मासूम को 25 फीट ऊंचे पुल से नीचे बिंदाल नदी में फेंका गया था। घटना के बाद सोमवार को मौके पर पहुंची अमर उजाला टीम को इसके संकेत मिले हैं। जांच-पड़ताल में इस बात के भी संकेत मिले हैं कि नवजात को कहीं बाहर से लाकर यहां फेंका गया था। फेंकने वाले को इस इलाके की जानकारी भी है।
शहर के बीचों-बीच गुजरती बिंदाल नदी। इसके एक तरफ गोविंदगढ़ कॉलोनी और दूसरी तरफ झुग्गी-झोपड़ियां हैं। बच्ची के रोने की आवाज सबसे पहले नगर निगम के कर्मचारी कुलदीप ने सुनी थी। वह सुबह करीब पांच बजे अपने पशुओं को चारा देने घर से बाहर निकले थे। रोने की आवाज सुनकर वह नदी के कीचड़ से होते हुए बच्ची तक पहुंचे। बातचीत के दौरान कुलदीप ने वह जगह दिखाई जहां से बच्ची को फेंका गया होगा। पुल पर लगी जाली का एक हिस्सा कटा हुआ था। मासूम वहां से तकरीबन 25 फीट नीचे कूड़े करकट और कीचड़ में फेंकी गई थी। कुलदीप ने बताया कि जिस समय उसने मासूम को उठाया उस समय वह बेतहाशा रो रही थी। उसके हाथ-पैर टूटे हुए थे। उसे उसने पहले एक कपड़े से साफ किया। फिर महिला अस्पताल पहुंचाया। वहां उस मासूम ने दोपहर लगभग दो बजे दम तोड़ दिया।
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लोगों में गुस्सा
इस घटना को लेकर लोगों में भारी गुस्सा भरा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मासूम बस्ती के लोगों में से किसी की नहीं है। शायद उसे बाहर से लाकर यहां नदी में फेंका गया है। लोग इस घटना को अंजाम देने वालों को बार-बार कोस रहे हैं।
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