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दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से छह लाख की ठगी
Updated Wed, 22 Aug 2018 02:04 AM IST
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दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से छह लाख की ठगी
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
बीमा पॉलिसी में रकम दोगुना करने का झांसा देकर जालसाजों ने दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रदीप भारती गुप्ता से छह लाख रुपये से ज्यादा की ठगी कर ली। प्राचार्य की शिकायत पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रदीप भारती गुप्ता की तहरीर के अनुसार उन्होंने एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस में एक पॉलिसी थी। कुछ दिन पहले उनके पास एक फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंश कंपनी का अधिकारी बताया और पॉलिसी होने की जानकारी दी। इस दौरान फोनकर्ता ने कथित अधिकारी उपासना सेठी से बात करने के लिए कहा। बातचीत के दौरान उपासना सेठी ने बीमा पॉलिसी की रकम को दोगुना करने की बात कही और सहमति देने पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो और एक कैंसिल चेक मांगा। इसके बाद उपासना ने एक लाख रुपये अपने खाते में जमा कराए। इसके बाद उपासना ने गाजियाबाद में किसी मैनेजर नितिन चौधरी से बात करने को कहा। नितिन चौधरी से संपर्क करने पर अलग-अलग तिथियों में विभिन्न खातों में कुल 5.02 लाख रुपये जमा कराए गए। इसके बाद नितिन ने 1.62 लाख रुपये और जमा कराने को कहा तो प्रदीप भारती ने मना कर दिया। इसके बाद जानकारी के लिए प्रदीप भारती ने एचडीएफसी बैंक से संपर्क किया तो पता चला कि नितिन चौधरी और उपासना सेठी नाम के कोई अधिकारी या कर्मचारी ही नहीं हैं। इंस्पेक्टर सूर्यभूषण नेगी ने बताया कि प्रदीप भारती गुप्ता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी गई है।
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
बीमा पॉलिसी में रकम दोगुना करने का झांसा देकर जालसाजों ने दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रदीप भारती गुप्ता से छह लाख रुपये से ज्यादा की ठगी कर ली। प्राचार्य की शिकायत पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रदीप भारती गुप्ता की तहरीर के अनुसार उन्होंने एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस में एक पॉलिसी थी। कुछ दिन पहले उनके पास एक फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंश कंपनी का अधिकारी बताया और पॉलिसी होने की जानकारी दी। इस दौरान फोनकर्ता ने कथित अधिकारी उपासना सेठी से बात करने के लिए कहा। बातचीत के दौरान उपासना सेठी ने बीमा पॉलिसी की रकम को दोगुना करने की बात कही और सहमति देने पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो और एक कैंसिल चेक मांगा। इसके बाद उपासना ने एक लाख रुपये अपने खाते में जमा कराए। इसके बाद उपासना ने गाजियाबाद में किसी मैनेजर नितिन चौधरी से बात करने को कहा। नितिन चौधरी से संपर्क करने पर अलग-अलग तिथियों में विभिन्न खातों में कुल 5.02 लाख रुपये जमा कराए गए। इसके बाद नितिन ने 1.62 लाख रुपये और जमा कराने को कहा तो प्रदीप भारती ने मना कर दिया। इसके बाद जानकारी के लिए प्रदीप भारती ने एचडीएफसी बैंक से संपर्क किया तो पता चला कि नितिन चौधरी और उपासना सेठी नाम के कोई अधिकारी या कर्मचारी ही नहीं हैं। इंस्पेक्टर सूर्यभूषण नेगी ने बताया कि प्रदीप भारती गुप्ता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी गई है।
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