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पुलिस को महिलाओं के प्रति संवेदनशील होने की जरूरत
Updated Sun, 22 Jul 2018 02:16 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
महिलाओं के विरुद्ध बढ़ रहे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लाइन में लैंगिक संवेदीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान महिला आयोग के सदस्यों ने पुलिसकर्मियों को महिलाओं के प्रति संवेदनशील रहने और उन्हें समानता की नजर से देखने के निर्देश दिए। साथ ही महिलाओं से हिंसा, छेड़छाड़ जैसी घटनाओं का संज्ञान लेकर तुरंत निस्तारण के निर्देश दिए गए।
शनिवार को राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक अनिल के रतूड़ी ने कहा कि समाज को व्यवस्थित करने में महिलाओं की अहम भूमिका है। महिलाओं के प्रति हिंसा विकृत मानसिकता से निकलती है। राष्ट्रीय महिला आयोग के सदस्य आलोक रावत ने महिला अपराधों में पुलिस की भूमिका के बारे में जागरूक किया। साथ ही महिला अपराधों पर कार्रवाई कर पीड़ित को जल्द न्याय दिलाने की अपील की। आयोग के विशेषज्ञ सर्वेश कुमार पांडे, कंचन खट्टर, नितीश चंदन, गीता राठी सिंह ने लिंग संबंधी मुद्दे, संवेदीकरण, घरेलू हिंसा, दहेज निषेध अधिनियम आदि की जानकारी दी।
कार्यक्रम में अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन राम सिंह मीणा, अपर पुलिस महानिदेशक अभिसूचना एवं सुरक्षा वी. विनय कुमार, पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था दीपम सेठ, पुलिस महानिरीक्षक कारागार पीवीके प्रसाद, पुलिस महानिरीक्षक पी.एम संजय गुंज्याल, महानिरीक्षक पीएसी एपी अंशुमन, पुलिस महानिरीक्षक सीआईडी अनंत राम चौहान, पुलिस महानिरीक्षक मुख्यालय जीएस मार्तोलिया, निदेशक यातायात केवल खुराना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती समेत अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
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महिलाओं के विरुद्ध बढ़ रहे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लाइन में लैंगिक संवेदीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान महिला आयोग के सदस्यों ने पुलिसकर्मियों को महिलाओं के प्रति संवेदनशील रहने और उन्हें समानता की नजर से देखने के निर्देश दिए। साथ ही महिलाओं से हिंसा, छेड़छाड़ जैसी घटनाओं का संज्ञान लेकर तुरंत निस्तारण के निर्देश दिए गए।
शनिवार को राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक अनिल के रतूड़ी ने कहा कि समाज को व्यवस्थित करने में महिलाओं की अहम भूमिका है। महिलाओं के प्रति हिंसा विकृत मानसिकता से निकलती है। राष्ट्रीय महिला आयोग के सदस्य आलोक रावत ने महिला अपराधों में पुलिस की भूमिका के बारे में जागरूक किया। साथ ही महिला अपराधों पर कार्रवाई कर पीड़ित को जल्द न्याय दिलाने की अपील की। आयोग के विशेषज्ञ सर्वेश कुमार पांडे, कंचन खट्टर, नितीश चंदन, गीता राठी सिंह ने लिंग संबंधी मुद्दे, संवेदीकरण, घरेलू हिंसा, दहेज निषेध अधिनियम आदि की जानकारी दी।
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कार्यक्रम में अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन राम सिंह मीणा, अपर पुलिस महानिदेशक अभिसूचना एवं सुरक्षा वी. विनय कुमार, पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था दीपम सेठ, पुलिस महानिरीक्षक कारागार पीवीके प्रसाद, पुलिस महानिरीक्षक पी.एम संजय गुंज्याल, महानिरीक्षक पीएसी एपी अंशुमन, पुलिस महानिरीक्षक सीआईडी अनंत राम चौहान, पुलिस महानिरीक्षक मुख्यालय जीएस मार्तोलिया, निदेशक यातायात केवल खुराना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती समेत अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
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