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राज्य निर्माण सेनानी मंच का सचिवालय कूच
Updated Sat, 30 Dec 2017 01:22 AM IST
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राज्य निर्माण सेनानी मंच का सचिवालय कूच
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी मंच ने आंदोलनकारी चिह्नित करने की प्रक्रिया 2008 में जारी शासनादेश के अनुरूप करने समेत सात सूत्रीय मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। इस मांग को लेकर उन्होंने सचिवालय कूच किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया गया। इसके बाद आंदोलनकारियों ने वहीं धरना शुरू कर दिया।
मंच के केंद्रीय अध्यक्ष नंदा बल्लभ पांडे ने मांग की कि उत्तराखंड में आरक्षण आर्थिक आधार पर किया जाए। कहा कि रामपुर तिराहे के दोषियों को सजा दिलाने के लिए सरकार मजबूती से पैरवी कराए। संरक्षक एमएस रावत ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों को राज्य निर्माण सेनानी का दर्जा दिया जाए और आश्रितों को रोजगार मुहैया कराया जाए। केंद्रीय संरक्षक मुकेश चंदोला ने कहा कि पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए शिक्षा, चिकित्सा और रोजगार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिला मुख्यालयों में शहीद स्मारक निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि सात सूत्रीय मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी मंच ने आंदोलनकारी चिह्नित करने की प्रक्रिया 2008 में जारी शासनादेश के अनुरूप करने समेत सात सूत्रीय मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। इस मांग को लेकर उन्होंने सचिवालय कूच किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया गया। इसके बाद आंदोलनकारियों ने वहीं धरना शुरू कर दिया।
मंच के केंद्रीय अध्यक्ष नंदा बल्लभ पांडे ने मांग की कि उत्तराखंड में आरक्षण आर्थिक आधार पर किया जाए। कहा कि रामपुर तिराहे के दोषियों को सजा दिलाने के लिए सरकार मजबूती से पैरवी कराए। संरक्षक एमएस रावत ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों को राज्य निर्माण सेनानी का दर्जा दिया जाए और आश्रितों को रोजगार मुहैया कराया जाए। केंद्रीय संरक्षक मुकेश चंदोला ने कहा कि पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए शिक्षा, चिकित्सा और रोजगार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिला मुख्यालयों में शहीद स्मारक निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि सात सूत्रीय मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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