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पूर्व वैज्ञानिक से 85 लाख की ठगी में तीन गिरफ्तार
Updated Mon, 25 Dec 2017 01:41 AM IST
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पूर्व वैज्ञानिक से 85 लाख की ठगी में तीन गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
पुलिस ने बीमा पॉलिसी के नाम पर एफआरआई से सेवानिवृत्त वैज्ञानिक से 85 लाख रुपये ठगने के मामले में दिल्ली के त्रिलोकपुरी से तीन ठगाें को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि सरगना समेत दो लोग फरार बताए गए हैं।
सहायक पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि सेवानिवृत्त वैज्ञानिक एनके शुक्ला ने 17 दिसंबर को मुकदमा दर्ज कराया था कि उसके द्वारा तीन बीमा पालिसी कराई गई थीं, जिसे वह बंद कराना चाहते थे। आरोपी पॉलिसी मैच्यूर कराने का लालच देकर उनसे धन वसूलते रहे। 2013 से लेकर 2017 तक उनके द्वारा करीब 85 लाख रुपये हड़प लिए गए। आरोपियों ने अलग-अलग नंबर से नाम बदलकर बुजुर्ग शुक्ला से बात की थी। उस समय 17 लोगों के नाम बताए गए थे। आरोपियों की धरपकड़ के लिए एसओजी और वसंत विहार की संयुक्त टीम गठित की गई थी। पुलिस ने शनिवार को दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके से रोशन कुमार सिंह निवासी सरोनी बिहार, रमेश चंद निवासी कल्याणपुरी दिल्ली और विनय कुमार निवासी बिलग्राम हरदोई यूपी को दबोच लिया। इनके पास से पांच मोबाइल के अलावा 10 सिम बरामद हुए हैं। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह नोएडा के एक काल सेंटर में मोबाइल आपरेटर का काम करते थे। कंपनी द्वारा विभिन्न राज्यों का कस्टमर डाटा उपलब्ध कराया जाता था, जिसमें से वह कुछ डाटा चोरी कर लोगों को फोन कर पालिसी के नाम पर ठगते थे। इसी तरह उनके द्वारा सेवानिवृत्त वैज्ञानिक के साथ फ्राड किया है। गिरोह का सरगना सुनील और सोनू फरार हैं, जिनकी तलाश में दबिश चल रही है। एसएसपी ने एसओजी प्रभारी पीडी भट्ट, एसओ वसंत विहार संजय मिश्रा, उप निरीक्षक हरीश सिंह, जगदंबा प्रसाद, हेड कांस्टेबल सुशील कुमार, कांस्टेबल आशीष, डबल सिंह, इंद्र सिंह, मनोज तोमर, सुनील प्रकाश, देवेन्द्र, विपिन राणा और अमित को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
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ट्रू कालर में सीबीआई आने पर हुआ शक
देहरादून। सहायक पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपी विनय ने जिस नंबर से काल किया था, वह ट्रू कॉलर में सीबीआई का नंबर दर्शा रहा था। सीबीआई देखकर बुजुर्ग शुक्ला को शक हुआ, तब जाकर पुलिस से शिकायत की गई। आरोपियों के बैंक खातों को खंगाला जा रहा है, ताकि यह पता लग सके कि उनके द्वारा कितने लोगों से कितनी रकम वसूली गई है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
पुलिस ने बीमा पॉलिसी के नाम पर एफआरआई से सेवानिवृत्त वैज्ञानिक से 85 लाख रुपये ठगने के मामले में दिल्ली के त्रिलोकपुरी से तीन ठगाें को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि सरगना समेत दो लोग फरार बताए गए हैं।
सहायक पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि सेवानिवृत्त वैज्ञानिक एनके शुक्ला ने 17 दिसंबर को मुकदमा दर्ज कराया था कि उसके द्वारा तीन बीमा पालिसी कराई गई थीं, जिसे वह बंद कराना चाहते थे। आरोपी पॉलिसी मैच्यूर कराने का लालच देकर उनसे धन वसूलते रहे। 2013 से लेकर 2017 तक उनके द्वारा करीब 85 लाख रुपये हड़प लिए गए। आरोपियों ने अलग-अलग नंबर से नाम बदलकर बुजुर्ग शुक्ला से बात की थी। उस समय 17 लोगों के नाम बताए गए थे। आरोपियों की धरपकड़ के लिए एसओजी और वसंत विहार की संयुक्त टीम गठित की गई थी। पुलिस ने शनिवार को दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके से रोशन कुमार सिंह निवासी सरोनी बिहार, रमेश चंद निवासी कल्याणपुरी दिल्ली और विनय कुमार निवासी बिलग्राम हरदोई यूपी को दबोच लिया। इनके पास से पांच मोबाइल के अलावा 10 सिम बरामद हुए हैं। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह नोएडा के एक काल सेंटर में मोबाइल आपरेटर का काम करते थे। कंपनी द्वारा विभिन्न राज्यों का कस्टमर डाटा उपलब्ध कराया जाता था, जिसमें से वह कुछ डाटा चोरी कर लोगों को फोन कर पालिसी के नाम पर ठगते थे। इसी तरह उनके द्वारा सेवानिवृत्त वैज्ञानिक के साथ फ्राड किया है। गिरोह का सरगना सुनील और सोनू फरार हैं, जिनकी तलाश में दबिश चल रही है। एसएसपी ने एसओजी प्रभारी पीडी भट्ट, एसओ वसंत विहार संजय मिश्रा, उप निरीक्षक हरीश सिंह, जगदंबा प्रसाद, हेड कांस्टेबल सुशील कुमार, कांस्टेबल आशीष, डबल सिंह, इंद्र सिंह, मनोज तोमर, सुनील प्रकाश, देवेन्द्र, विपिन राणा और अमित को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
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ट्रू कालर में सीबीआई आने पर हुआ शक
देहरादून। सहायक पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपी विनय ने जिस नंबर से काल किया था, वह ट्रू कॉलर में सीबीआई का नंबर दर्शा रहा था। सीबीआई देखकर बुजुर्ग शुक्ला को शक हुआ, तब जाकर पुलिस से शिकायत की गई। आरोपियों के बैंक खातों को खंगाला जा रहा है, ताकि यह पता लग सके कि उनके द्वारा कितने लोगों से कितनी रकम वसूली गई है।
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