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एनसीईआरटी के मानकों पर ही छपेंगी पुस्तकें
Updated Mon, 25 Dec 2017 01:53 AM IST
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एनसीईआरटी के मानकों पर ही छपेंगी पुस्तकें
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के मानकों से न्यूनतम पर पाठ्यक्रम पुस्तकें छापने पर विद्यालयी शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने मना कर दिया है। शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि एनसीईआरटी के मानकों का पूरी तरह से पालन किया जाए। परिषद ने जो व्यवस्था दी है, उसी का पालन किया जाएगा। इसके साथ ही दो सप्ताह समय सीमा बढ़ाकर 31 जनवरी, वर्ष 2018 तक पुस्तकों की छपाई का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने पहले बांस के अच्छी गुणवत्ता वाले कागज पर एनसीईआरटी की पुस्तकें छापने के निर्देश दिए थे। इसके लिए कागज और मुद्रण के लिए अलग-अलग टेंडर करके पुस्तकें छपवाई जानी थीं जिससे स्कूल-कालेजों के बुक बैंक में पुस्तकें बहुत दिनों तक सुरक्षित रखें और छात्र-छात्राएं लाभ उठाते रहें। बाद में एनसीईआरटी की पुस्तकों के लिए कागज और मुद्रण का एक ही टेंडर कर दिया गया। पुराने शासनादेश में संशोधन भी कर दिया गया।
शिक्षा मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एनसीईआरटी के मानकों का शत-प्रतिशत पालन किया जाए। इसके साथ ही सारा ध्यान समय सीमा के अंदर पुस्तकों के मुद्रण पर दिया जाए। तीन जनवरी तक टेंडर खोल दिए जाएं जिससे पुस्तकें 31 जनवरी तक छप कर तैयार हो जाएंगे। मंत्री ने पुस्तकों की छपाई का काम पूरा करने के लिए 15 दिन का समय और बढ़ा दिया गया। इसके पहले 15 जनवरी तक पुस्तकों की छपाई का काम पूरा करने के लिए कहा गया था। जो कंपनियां पुस्तकें टेंडर लेने के लिए दिलचस्पी दिखा रही हैं, उनने भी समय मांगा था।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के मानकों से न्यूनतम पर पाठ्यक्रम पुस्तकें छापने पर विद्यालयी शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने मना कर दिया है। शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि एनसीईआरटी के मानकों का पूरी तरह से पालन किया जाए। परिषद ने जो व्यवस्था दी है, उसी का पालन किया जाएगा। इसके साथ ही दो सप्ताह समय सीमा बढ़ाकर 31 जनवरी, वर्ष 2018 तक पुस्तकों की छपाई का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने पहले बांस के अच्छी गुणवत्ता वाले कागज पर एनसीईआरटी की पुस्तकें छापने के निर्देश दिए थे। इसके लिए कागज और मुद्रण के लिए अलग-अलग टेंडर करके पुस्तकें छपवाई जानी थीं जिससे स्कूल-कालेजों के बुक बैंक में पुस्तकें बहुत दिनों तक सुरक्षित रखें और छात्र-छात्राएं लाभ उठाते रहें। बाद में एनसीईआरटी की पुस्तकों के लिए कागज और मुद्रण का एक ही टेंडर कर दिया गया। पुराने शासनादेश में संशोधन भी कर दिया गया।
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शिक्षा मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एनसीईआरटी के मानकों का शत-प्रतिशत पालन किया जाए। इसके साथ ही सारा ध्यान समय सीमा के अंदर पुस्तकों के मुद्रण पर दिया जाए। तीन जनवरी तक टेंडर खोल दिए जाएं जिससे पुस्तकें 31 जनवरी तक छप कर तैयार हो जाएंगे। मंत्री ने पुस्तकों की छपाई का काम पूरा करने के लिए 15 दिन का समय और बढ़ा दिया गया। इसके पहले 15 जनवरी तक पुस्तकों की छपाई का काम पूरा करने के लिए कहा गया था। जो कंपनियां पुस्तकें टेंडर लेने के लिए दिलचस्पी दिखा रही हैं, उनने भी समय मांगा था।
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