{"_id":"5a4007224f1c1b0a788b4bfe","slug":"191514145570-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूकेडी ने पहाड़ के गांधी को नमन किया","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
यूकेडी ने पहाड़ के गांधी को नमन किया
Updated Mon, 25 Dec 2017 01:29 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूकेडी ने पहाड़ के गांधी को नमन किया
ब्यूरो/अमर उजाला
विकासनगर। उत्तराखंड क्रांति दल ने पहाड़ के गांधी कहे जाने वाले इंद्रमणि बडोनी के जन्मदिवस पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
शहर अध्यक्ष जयकृष्ण सेमवाल ने कहा कि बडोनी का सपना पहाड़ी राज्य के समावेशी विकास का था, लेकिन राज्य निर्माण के बाद उनकी अवधारणा को सत्ताधारी दलों ने पीछे छोड़ दिया। राज्य गठन के बाद भाजपा और कांग्रेस का एक उद्देश्य सत्ता का सुख भोगना रह गया। राज्य का पानी और जवानी ही राज्य के काम नहीं आ पा रहे हैं। यूकेडी ने 24 दिसंबर 1992 को गैरसैंण को राज्य की राजधानी घोषित कर दिया था। राज्य गठन के 17 साल बाद भी भाजपा और कांग्रेस इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा सके हैं।
श्रद्धासुमन अर्पित करने वालों में पूर्व उपाध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती, जिलाध्यक्ष जगत सिंह चौधरी, देवेश्वरी बिडालिया, यशपाल गुसांई, मोहन प्रसाद नैनवाल, बीना पंवार, सीमा कुकरेती, अमजद, राधाकृष्ण लखेड़ा, चंदन सिंह सजवाण, सरोज मलासी, बच्ची राम, आत्माराम यादव, चंद्रशेखर गौड़ आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला
विकासनगर। उत्तराखंड क्रांति दल ने पहाड़ के गांधी कहे जाने वाले इंद्रमणि बडोनी के जन्मदिवस पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
शहर अध्यक्ष जयकृष्ण सेमवाल ने कहा कि बडोनी का सपना पहाड़ी राज्य के समावेशी विकास का था, लेकिन राज्य निर्माण के बाद उनकी अवधारणा को सत्ताधारी दलों ने पीछे छोड़ दिया। राज्य गठन के बाद भाजपा और कांग्रेस का एक उद्देश्य सत्ता का सुख भोगना रह गया। राज्य का पानी और जवानी ही राज्य के काम नहीं आ पा रहे हैं। यूकेडी ने 24 दिसंबर 1992 को गैरसैंण को राज्य की राजधानी घोषित कर दिया था। राज्य गठन के 17 साल बाद भी भाजपा और कांग्रेस इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा सके हैं।
श्रद्धासुमन अर्पित करने वालों में पूर्व उपाध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती, जिलाध्यक्ष जगत सिंह चौधरी, देवेश्वरी बिडालिया, यशपाल गुसांई, मोहन प्रसाद नैनवाल, बीना पंवार, सीमा कुकरेती, अमजद, राधाकृष्ण लखेड़ा, चंदन सिंह सजवाण, सरोज मलासी, बच्ची राम, आत्माराम यादव, चंद्रशेखर गौड़ आदि शामिल रहे।
विज्ञापन