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शिक्षकों ने बनवाई सीसीएस युनिवर्सिटी की फर्जी डिग्री
Updated Wed, 30 May 2018 01:52 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
फर्जी शिक्षक भर्ती प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी ने एक और खुलासा किया है। जांच में तीन ऐसे शिक्षकों के नाम सामने आए हैं जिन्होंने नौकरी के लिए मेरठ की चौधरी चरण सिंह युनिवर्सिटी (सीसीएस) की फर्जी बीएड की डिग्री प्रस्तुत की है। एसआईटी ने युनिवर्सिटी से जरूरी जानकारी जुटाने के बाद शिक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच के लिए पत्र भेजा है।
बता दें, बीते साल सितंबर से फर्जी शिक्षक प्रकरण की जांच की जा रही है। प्रकरण में 2013 से 2015 के बीच भर्ती हुए शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठे और दर्जनों शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण-पत्र फर्जी पाए गए हैं। मामले में अब तक प्रदेश के 11 जिलों में विभिन्न मुकदमे भी दर्ज किए जा चुके हैं। अब रुद्रप्रयाग जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों में तैनात तीन शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण-पत्र फर्जी पाए गए हैं। एसआईटी प्रभारी एएसपी श्वेता चौबे ने बताया कि इन शिक्षकों ने चौधरी चरण सिंह युनिवर्सिटी मेरठ की बीएड की अंकतालिका भर्ती प्रक्रिया में प्रस्तुत की थी। जांच में सीसीएस युनिवर्सिटी के कुल सचिव की ओर से जारी पत्र में इन अंकतालिकाओं के जाली होने का उल्लेख है। सीसीएस के कुलसचिव का पत्र मंगलवार को ही एसआईटी के मिला है। सभी शिक्षक साल 2014 में भर्ती हुए थे। इनमें से एक ऊखीमठ, एक अगस्तमुनि और एक सिखाड़ी ब्लॉक के प्राइमरी स्कूल में तैनात है। एएसपी चौबे ने बताया कि तीनों शिक्षकों की विभागीय जांच को शिक्षा निदेशालय को लिखा गया है।
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फर्जी शिक्षक भर्ती प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी ने एक और खुलासा किया है। जांच में तीन ऐसे शिक्षकों के नाम सामने आए हैं जिन्होंने नौकरी के लिए मेरठ की चौधरी चरण सिंह युनिवर्सिटी (सीसीएस) की फर्जी बीएड की डिग्री प्रस्तुत की है। एसआईटी ने युनिवर्सिटी से जरूरी जानकारी जुटाने के बाद शिक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच के लिए पत्र भेजा है।
बता दें, बीते साल सितंबर से फर्जी शिक्षक प्रकरण की जांच की जा रही है। प्रकरण में 2013 से 2015 के बीच भर्ती हुए शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठे और दर्जनों शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण-पत्र फर्जी पाए गए हैं। मामले में अब तक प्रदेश के 11 जिलों में विभिन्न मुकदमे भी दर्ज किए जा चुके हैं। अब रुद्रप्रयाग जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों में तैनात तीन शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण-पत्र फर्जी पाए गए हैं। एसआईटी प्रभारी एएसपी श्वेता चौबे ने बताया कि इन शिक्षकों ने चौधरी चरण सिंह युनिवर्सिटी मेरठ की बीएड की अंकतालिका भर्ती प्रक्रिया में प्रस्तुत की थी। जांच में सीसीएस युनिवर्सिटी के कुल सचिव की ओर से जारी पत्र में इन अंकतालिकाओं के जाली होने का उल्लेख है। सीसीएस के कुलसचिव का पत्र मंगलवार को ही एसआईटी के मिला है। सभी शिक्षक साल 2014 में भर्ती हुए थे। इनमें से एक ऊखीमठ, एक अगस्तमुनि और एक सिखाड़ी ब्लॉक के प्राइमरी स्कूल में तैनात है। एएसपी चौबे ने बताया कि तीनों शिक्षकों की विभागीय जांच को शिक्षा निदेशालय को लिखा गया है।
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