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एफसीआई के बोरों में गेहूं बेचता मिला किसान
Updated Sun, 29 Apr 2018 02:36 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
बिना मंडी शुल्क के उपज बेचने वालों पर कृषि उत्पादन मंडी समिति सख्त है, लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते अधिकारी कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। शनिवार को समिति की टीम ने रायवाला में 10 कुंतल गेहूं से लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी, जिसमें एफसीआई (फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) के लेवल लगे बोरों में गेहूं लदा था, लेकिन किसान के राजनीतिक रसूख के चलते विभाग को उससे महज 2000 रुपये का जुर्माना वसूलकर उसे छोड़ना पड़ा।
जानकारी के मुताबिक मंडी समिति के अधिकारियों को रायवाला क्षेत्र में एफसीआई के बोरों में ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम गेहूं बेचने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टीम ने ट्रैक्टर-ट्रॉली और किसान को पकड़ लिया। इसके बाद उसे टीम सीधे ऋषिकेश मंडी कार्यालय ले आई। मंडी शुल्क नहीं देने और एफसीआई के बोरों में गेहूं मिलने पर विभागीय कार्रवाई शुरू हुई, तो किसान ने अपने संपर्क के राजनीतिज्ञों को मोबाइल से फोन घुमाने शुरू कर दिए। इसी बीच एक माननीय का फोन आने पर समिति के अधिकारियों को महज 1950 रुपये का शुल्क वसूल कर किसान को छोड़ना पड़ा।
दो लोगों से वसूला 11 हजार का जुर्माना
मंडी समिति के सहायक चंद्रशेखर के अनुसार शनिवार को रायवाला के अलावा आईडीपीएल व अन्य क्षेत्रों में भी चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसमें समिति की टीम ने दो वाहनों को 42 कुंतल गेहूं के साथ पकड़ा। बताया कि संबंधित लोगों से दस्तावेज नहीं मिलने पर 11 हजार रुपये का मंडी शुल्क वसूला गया है।
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बिना मंडी शुल्क के उपज बेचने वालों पर कृषि उत्पादन मंडी समिति सख्त है, लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते अधिकारी कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। शनिवार को समिति की टीम ने रायवाला में 10 कुंतल गेहूं से लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी, जिसमें एफसीआई (फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) के लेवल लगे बोरों में गेहूं लदा था, लेकिन किसान के राजनीतिक रसूख के चलते विभाग को उससे महज 2000 रुपये का जुर्माना वसूलकर उसे छोड़ना पड़ा।
जानकारी के मुताबिक मंडी समिति के अधिकारियों को रायवाला क्षेत्र में एफसीआई के बोरों में ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम गेहूं बेचने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टीम ने ट्रैक्टर-ट्रॉली और किसान को पकड़ लिया। इसके बाद उसे टीम सीधे ऋषिकेश मंडी कार्यालय ले आई। मंडी शुल्क नहीं देने और एफसीआई के बोरों में गेहूं मिलने पर विभागीय कार्रवाई शुरू हुई, तो किसान ने अपने संपर्क के राजनीतिज्ञों को मोबाइल से फोन घुमाने शुरू कर दिए। इसी बीच एक माननीय का फोन आने पर समिति के अधिकारियों को महज 1950 रुपये का शुल्क वसूल कर किसान को छोड़ना पड़ा।
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दो लोगों से वसूला 11 हजार का जुर्माना
मंडी समिति के सहायक चंद्रशेखर के अनुसार शनिवार को रायवाला के अलावा आईडीपीएल व अन्य क्षेत्रों में भी चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसमें समिति की टीम ने दो वाहनों को 42 कुंतल गेहूं के साथ पकड़ा। बताया कि संबंधित लोगों से दस्तावेज नहीं मिलने पर 11 हजार रुपये का मंडी शुल्क वसूला गया है।
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