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लाईनमैन चंद्रपाल की जौलीग्रांट अस्पताल में मौत
Updated Sun, 25 Feb 2018 02:08 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
सर्वहारानगर में बीते मंगलवार को ट्रांसफार्मर पर कार्य के दौरान झुलसे लाइनमैन चंद्रपाल (52) की शनिवार तड़के हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट में मौत हो गई। चंद्रपाल के शरीर का 45 प्रतिशत हिस्सा झुलसने के चलते राजकीय चिकित्सालय से हायर सेंटर रेफर किया था। इसके बाद से जौलीग्रांट अस्पताल में चंद्रपाल का इलाज चल रहा था।
संविदा पर तैनात चंद्रपाल (52) निवासी बैराज कॉलोनी, ऋषिकेश बीते मंगलवार को ट्रांसफार्मर पर कार्य के दौरान करंट से झुलस गया था। चंद्रपाल लगभग 45 प्रतिशत झुलस गया था। शनिवार सुबह चंद्रपाल ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। यह सूचना अस्पताल प्रबंधन ने डोईवाला कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। लाइनमैन चंद्रपाल की मौत से कर्मचारियों में शोक की लहर दौड़ गई। शनिवार शाम अधिशासी अभियंता डीपी सिंह व अन्य अधिकारी बैराज कॉलोनी स्थित चंद्रपाल के निवास पर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया।
आश्रितों को 80 हजार की फौरी मदद
ऊर्जा निगम ने लाइनमैन चंद्रपाल की मौत के बाद मृतक के आश्रितों को 80 हजार रुपये की फौरी मदद दी है। मुआवजे की तीन लाख 20 हजार की रकम आश्रितों को बाद में सौंपी जाएगी। अधिशासी अभियंता डीपी सिंह ने बताया कि चंद्रपाल की पत्नी पूनम रानी को फौरी सहायता का चेक सौंप दिया गया है। अवशेष धनराशि भी जल्द ही दे दी जाएगी।
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जांच का नहीं कुछ अता-पता
लाइनमैन चंद्रपाल की विद्युत लाइन की मरम्मत के दौरान करंट लगने से मौत के मामले में चल रही जांच का कुछ अता-पता नहीं है। डिवीजन ने जांच के लिए शासन के माध्यम से विद्युत निरीक्षक को पत्र लिखा था, लेकिन अभी तक जांच शुरू होने की पुष्टि नहीं हो पाई है।
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सर्वहारानगर में बीते मंगलवार को ट्रांसफार्मर पर कार्य के दौरान झुलसे लाइनमैन चंद्रपाल (52) की शनिवार तड़के हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट में मौत हो गई। चंद्रपाल के शरीर का 45 प्रतिशत हिस्सा झुलसने के चलते राजकीय चिकित्सालय से हायर सेंटर रेफर किया था। इसके बाद से जौलीग्रांट अस्पताल में चंद्रपाल का इलाज चल रहा था।
संविदा पर तैनात चंद्रपाल (52) निवासी बैराज कॉलोनी, ऋषिकेश बीते मंगलवार को ट्रांसफार्मर पर कार्य के दौरान करंट से झुलस गया था। चंद्रपाल लगभग 45 प्रतिशत झुलस गया था। शनिवार सुबह चंद्रपाल ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। यह सूचना अस्पताल प्रबंधन ने डोईवाला कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। लाइनमैन चंद्रपाल की मौत से कर्मचारियों में शोक की लहर दौड़ गई। शनिवार शाम अधिशासी अभियंता डीपी सिंह व अन्य अधिकारी बैराज कॉलोनी स्थित चंद्रपाल के निवास पर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया।
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आश्रितों को 80 हजार की फौरी मदद
ऊर्जा निगम ने लाइनमैन चंद्रपाल की मौत के बाद मृतक के आश्रितों को 80 हजार रुपये की फौरी मदद दी है। मुआवजे की तीन लाख 20 हजार की रकम आश्रितों को बाद में सौंपी जाएगी। अधिशासी अभियंता डीपी सिंह ने बताया कि चंद्रपाल की पत्नी पूनम रानी को फौरी सहायता का चेक सौंप दिया गया है। अवशेष धनराशि भी जल्द ही दे दी जाएगी।
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जांच का नहीं कुछ अता-पता
लाइनमैन चंद्रपाल की विद्युत लाइन की मरम्मत के दौरान करंट लगने से मौत के मामले में चल रही जांच का कुछ अता-पता नहीं है। डिवीजन ने जांच के लिए शासन के माध्यम से विद्युत निरीक्षक को पत्र लिखा था, लेकिन अभी तक जांच शुरू होने की पुष्टि नहीं हो पाई है।