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गंगा बैराज में गेट पर पेंट करते नदी में गिरा पेंटर
Updated Mon, 12 Feb 2018 01:44 AM IST
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ब्यूरो/ऋषिकेश। गंगा बैराज में गेट पर पेंट कर रहा विकासनगर निवासी एक पेंटर नदी में गिरकर बह गया। पुलिस ने जल पुलिस के जवानों की मदद से गंगा में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन देर शाम तक उसका कोई सुराग नहीं लग पाया। पुलिस ने पेंटर के परिजनों को इस बाबत सूचित कर दिया है। लक्ष्मणझूला थाना पुलिस के मुताबिक इन दिनों बैराज में गेटों की पेटिंग और रिपेयरिंग का काम चल रहा है। रविवार को विकासनगर स्थित सुंजाग्रंट निवासी पेंटर नौशाद 25 पुत्र रिशाद गेट नंबर 8 पर पेंट कर रहा था। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वह गंगा में गिरकर बह गया। साथी पेंटरों की सूचना पर निगमकर्मी मौके पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी।
बैराज पहुंची पुलिस ने नौशाद की तलाश में नदी में जल पुलिस के जवानों के माध्यम से अभियान चलाया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूडब्ल्यूपीएनएल) के अधिशासी अभियंता राज कुमार भी कर्मचारियों की सूचना पर मौके पर पहुंचे। उन्होंने पेंटिंग और रिपेयरिंग में लगे श्रमिकों को सुरक्षा के सभी उपकरणों का इस्तेमाल करने के लिए कहा। उपनिरीक्षक वैभव गुप्ता ने बताया कि देर शाम तक तलाशी अभियान में नौशाद का पता नहीं चल पाया। घटना के बाबत उसके परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
लाइफ जैकेट पहनी होती, तो बच जाती जान
ऋषिकेश। बैराज के गेट नंबर-8 पर पेंटिंग कर रहे श्रमिक नौशाद ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नौशाद गंगा में गिरते ही आंखों से ओझल हो गया। सिर्फ उसकी चप्पल ही ऊपर आई, इसके बाद नौशाद का गंगा में दूर-दूर तक कोई पता नहीं लगा।
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निगम की लापरवाही आई सामने
ऋषिकेश। यूडब्ल्यूपीएनएल बैराज में अंडर स्लूज गेट नंबर-1 को बदलवा रहा है। इसके साथ ही अन्य गेटों पर पेंटिंग का कार्य भी कराया जा रहा है, लेकिन गेटों की पेंटिंग आदि में लगे श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर निगम के अधिकारी गंभीर नहीं हैं। ऐसे में गेट पर पेंटिंग कर रहे श्रमिकों द्वारा सुरक्षा उपकरण का इस्तेमाल नहीं करने की वजह से ही रविवार को उक्त हादसा हुआ।
क्या कहते हैं अधिकारी
रिपेयरिंग और पेंटिंग में लगे श्रमिकों को काम करते वक्त सुरक्षा उपकरण उपयोग में लाने के लिए पहले ही निर्देश जारी किए गए थे। बावजूद वह लापरवाही बरत रहे हैं। संबंधित एजेंसी के अधिकारियों को इस बाबत सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
- राज कुमार, अधिशासी अभियंता, यूडब्ल्यूपीएनएल।
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बैराज पहुंची पुलिस ने नौशाद की तलाश में नदी में जल पुलिस के जवानों के माध्यम से अभियान चलाया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूडब्ल्यूपीएनएल) के अधिशासी अभियंता राज कुमार भी कर्मचारियों की सूचना पर मौके पर पहुंचे। उन्होंने पेंटिंग और रिपेयरिंग में लगे श्रमिकों को सुरक्षा के सभी उपकरणों का इस्तेमाल करने के लिए कहा। उपनिरीक्षक वैभव गुप्ता ने बताया कि देर शाम तक तलाशी अभियान में नौशाद का पता नहीं चल पाया। घटना के बाबत उसके परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
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लाइफ जैकेट पहनी होती, तो बच जाती जान
ऋषिकेश। बैराज के गेट नंबर-8 पर पेंटिंग कर रहे श्रमिक नौशाद ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नौशाद गंगा में गिरते ही आंखों से ओझल हो गया। सिर्फ उसकी चप्पल ही ऊपर आई, इसके बाद नौशाद का गंगा में दूर-दूर तक कोई पता नहीं लगा।
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निगम की लापरवाही आई सामने
ऋषिकेश। यूडब्ल्यूपीएनएल बैराज में अंडर स्लूज गेट नंबर-1 को बदलवा रहा है। इसके साथ ही अन्य गेटों पर पेंटिंग का कार्य भी कराया जा रहा है, लेकिन गेटों की पेंटिंग आदि में लगे श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर निगम के अधिकारी गंभीर नहीं हैं। ऐसे में गेट पर पेंटिंग कर रहे श्रमिकों द्वारा सुरक्षा उपकरण का इस्तेमाल नहीं करने की वजह से ही रविवार को उक्त हादसा हुआ।
क्या कहते हैं अधिकारी
रिपेयरिंग और पेंटिंग में लगे श्रमिकों को काम करते वक्त सुरक्षा उपकरण उपयोग में लाने के लिए पहले ही निर्देश जारी किए गए थे। बावजूद वह लापरवाही बरत रहे हैं। संबंधित एजेंसी के अधिकारियों को इस बाबत सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
- राज कुमार, अधिशासी अभियंता, यूडब्ल्यूपीएनएल।