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स्थानीय लोगों ने किया आईडीपीएल चौकी पर प्रदर्शन
Updated Wed, 13 Sep 2017 01:19 AM IST
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एम्स प्रशासन, डॉक्टर और सहकर्मियों के खिलाफ मुकदमा
-- एम्स में इलाज के दौरान हुई थी अरुण गौड़ की मौत,
-- स्थानीय लोगों द्वारा जलूस के बाद पुलिस ने की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। एम्स में उपचार के दौरान शिवाजीनगर निवासी अरुण गौड़ की मौत के मामले में आखिरकार आईडीपीएल चौकी पुलिस ने मृतक अरुण गौड़ के पिता जगदीश लाल गौड़ की तहरीर पर एम्स प्रशासन, डॉक्टर व सहायक कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। स्थानीय लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है। चौकी प्रभारी दीपक तिवारी ने बताया कि मामले में गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
एम्स के दोषी चिकित्सकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने मंगलवार को जुलूस निकाला। सैकड़ों की संख्या में लोग आईडीपीएल चौकी पहुंचे और चौकी के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि परिजनों की ओर से तहरीर देने के बावजूद पुलिस दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज न करके उन्हें बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने चौकी में अरुण गौड़ जिंदाबाद के साथ ही पुलिस प्रशासन व एम्स प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। इसके बाद जन दबाव के चलते मंगलवार को पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस अवसर पर भाजपा नेता ज्योति सजवाण, संतोष पांडेय, आशुतोष शर्मा, रविंद्र राणा, बीडीसी मेंबर राजेश राइटर, किशन सिंह नेगी, सुंदरी कंडवाल, प्रीति ध्यानी, आशा रौथाण, राजेश व्यास, रवि जैन, संजीव चौहान, अभिनव मलिक आदि मौजूद थे।
क्या है मामला :
बीते 20 अगस्त को अरुण गौड़ (38) की स्कूटी रपटने से पैर में हल्की चोट आ गई थी, जिसके बाद से अरुण का एम्स में उपचार चल रहा था। छह सितंबर को अरुण घर से अकेले अपने दुपहिया वाहन से एम्स में ड्रेसिंग कराने के लिए गया। मरहम पट्टी के बाद डॉक्टरों ने उसे इंजेक्शन लगाया, जिससे उसे एम्स परिसर में ही उल्टियां होनी शुरू हो गई। आनन-फानन में चिकित्सकों ने उसे इमरजेंसी में भर्ती करवाया, और परिजनों को फोन कर घटना की जानकारी दी। इसी बीच जब अरुण की हालत ज्यादा खराब होने लगी तो उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। शुक्रवार सुबह उपचार के दौरान अरुण गौड़ की मौत हो गई।
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-- एम्स में इलाज के दौरान हुई थी अरुण गौड़ की मौत,
-- स्थानीय लोगों द्वारा जलूस के बाद पुलिस ने की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। एम्स में उपचार के दौरान शिवाजीनगर निवासी अरुण गौड़ की मौत के मामले में आखिरकार आईडीपीएल चौकी पुलिस ने मृतक अरुण गौड़ के पिता जगदीश लाल गौड़ की तहरीर पर एम्स प्रशासन, डॉक्टर व सहायक कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। स्थानीय लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है। चौकी प्रभारी दीपक तिवारी ने बताया कि मामले में गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
एम्स के दोषी चिकित्सकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने मंगलवार को जुलूस निकाला। सैकड़ों की संख्या में लोग आईडीपीएल चौकी पहुंचे और चौकी के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि परिजनों की ओर से तहरीर देने के बावजूद पुलिस दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज न करके उन्हें बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने चौकी में अरुण गौड़ जिंदाबाद के साथ ही पुलिस प्रशासन व एम्स प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। इसके बाद जन दबाव के चलते मंगलवार को पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस अवसर पर भाजपा नेता ज्योति सजवाण, संतोष पांडेय, आशुतोष शर्मा, रविंद्र राणा, बीडीसी मेंबर राजेश राइटर, किशन सिंह नेगी, सुंदरी कंडवाल, प्रीति ध्यानी, आशा रौथाण, राजेश व्यास, रवि जैन, संजीव चौहान, अभिनव मलिक आदि मौजूद थे।
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क्या है मामला :
बीते 20 अगस्त को अरुण गौड़ (38) की स्कूटी रपटने से पैर में हल्की चोट आ गई थी, जिसके बाद से अरुण का एम्स में उपचार चल रहा था। छह सितंबर को अरुण घर से अकेले अपने दुपहिया वाहन से एम्स में ड्रेसिंग कराने के लिए गया। मरहम पट्टी के बाद डॉक्टरों ने उसे इंजेक्शन लगाया, जिससे उसे एम्स परिसर में ही उल्टियां होनी शुरू हो गई। आनन-फानन में चिकित्सकों ने उसे इमरजेंसी में भर्ती करवाया, और परिजनों को फोन कर घटना की जानकारी दी। इसी बीच जब अरुण की हालत ज्यादा खराब होने लगी तो उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। शुक्रवार सुबह उपचार के दौरान अरुण गौड़ की मौत हो गई।
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