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बदमाश अनुभव और उसके भाई रुद्राक्ष पर केस दर्ज

Sun, 20 Jan 2019 11:35 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sun, 20 Jan 2019 11:35 PM IST
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बदमाश अनुभव और उसके भाई रुद्राक्ष पर केस दर्ज
court
रुड़की। रुड़की कोर्ट में पेशी पर आए सुनील राठी के गुर्गे बदमाश अनुभव वशिष्ठ को खाने के डिब्बे में सिम छिपाकर देने और पुलिस से हाथापाई करने के मामले में पुलिस ने उसके भाई रुद्राक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही जेल में बंद अनुभव पर भी सिम मंगाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने सिम की आईडी चेक की तो रुद्राक्ष ने अपनी ही आईडी पर सिम लिया था।
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बदमाश सुनील राठी के गुर्गे अनुभव वशिष्ठ निवासी कंडी मोहल्ला मौलगंज, नगीना जिला बिजनौर ने 2011 में रुड़की जेलर की कार के नीचे बम रखा था। साथ ही उस पर हत्या समेत रंगदारी मांगने के कई मामले भी चल रहे हैं। वर्तमान में वह टिहरी जेल में बंद है। शनिवार को रुड़की रामनगर कोर्ट में रंगदारी के मामले में उसकी पेशी थी। इस दौरान उसका भाई रुद्राक्ष वशिष्ठ भी कोर्ट परिसर में मौजूद था। कोर्ट परिसर में रुद्राक्ष ने अभिनव को खाने का डिब्बा दिया था। सीआईयू ने डिब्बा चेक किया तो उसमें एक सिम रखा हुआ था। सिम मिलने पर पुलिस ने रुद्राक्ष को हिरासत में ले लिया था। इस दौरान रुद्राक्ष ने पुलिस के साथ हाथापाई कर दी थी। पुलिस ने अनुभव वशिष्ठ की कोर्ट में पेशी कराने के बाद उसे वापस टिहरी जेल भेज दिया था। जबकि उसके भाई रुद्राक्ष को पकड़कर कोतवाली ले आई थी। पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि अनुभव वशिष्ठ किसी से रंगदारी मांगने की फिराक में था। इसके चलते उसका भाई उसे सिम उपलब्ध कराना चाहता था। कोतवाली प्रभारी प्रदीप बिष्ट ने बताया कि अभिनव वशिष्ठ पर सिम मंगाकर रंगदारी मांगने की साजिश रचने जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। वहीं उसके भाई रुद्राक्ष वशिष्ठ के खिलाफ पुलिसकर्मियों से हाथापाई करने समेत अन्य मामलों में मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही आरोपी रुद्राक्ष को जेल भेज दिया है। जांच में सामने आया है कि रुद्राक्ष ने अपनी आईडी पर ही सिम खरीदा था। उन्होंने बताया कि रुद्राक्ष को बी वारंट पर लेकर यह जानकारी जुटाई जाएगी कि सिम से किस कारोबारी से रंगदारी मांगी जानी थी।
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रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस की तरफ से पूर्व में पहले भी गुर्गे पकड़े जा चुके हैं। पुलिस इनका नेटवर्क तोड़ने का काम लगातार करती आ रही है। सभी बदमाश फिलहाल जेल में बंद हैं। इनसे कौन मिलने आता है, नजर रखी जाती है।
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-जन्मेजय प्रभाकर खंडूड़ी, एसएसपी
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