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फर्नीचर खरीदने के नाम पर गबन
Updated Sat, 07 Jul 2018 02:12 AM IST
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फर्नीचर खरीदने के नाम पर गबन
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। समाज कल्याण विभाग में तत्कालीन आईटी सैल के प्रभारी ने कार्यालय के लिए फर्नीचर खरीदने के नाम पर 98 हजार रुपये गबन कर दिया। दूसरे प्रभारी के आने पर मामला उजागर हुआ तो निदेशालय ने मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए, जिस पर वर्तमान प्रभारी ने रायपुर थाने में तहरीर दी है। उन पर विभाग के कंप्यूटर से हार्ड डिस्क भी ले जाने का आरोप है। वहीं विभाग में चल रही चर्चाओं में कहा जा रहा है कि तत्कालीन प्रभारी इसके अलावा और भी गोलमाल कर गए हैं।
31 मार्च 2017 को तत्कालीन आईटी सैल के प्रभारी कांतिराम जोशी ने कार्यालय के लिए फर्नीचर खरीदने के नाम पर 98928 हजार रुपये खर्च कर दिए। जिसकी खरीद चकराता रोड स्थित भारत फर्नीचर शोरूम से करनी दर्शाई गई है, लेकिन आज तक ये फर्नीचर कार्यालय में नहीं पहुंचा है। न ही इसकी आमद सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है। जब आईटी सैल के प्रभारी बदले और नए प्रभारी ने चार्ज संभाला तब इस घोटाले का खुलासा हुआ। उन्होंने निदेशालय को पत्र लिखकर मामले से अवगत कराया।
इस पर निदेशालय ने कांतिराम जोशी को पत्र भेजकर स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन प्रभारी न ही फर्नीचर दिखा सके और न ही अपने जवाब से अफसरों को संतुष्ट ही कर पाए। जिस पर निदेशालय ने कांतिराम जोशी को गबन का दोषी माना। वहां से निर्देश मिलने पर पिछले दिनों आईटी सैल प्रभारी/जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर ने रायपुर थाने में कांतिराम जोशी के खिलाफ तहरीर दी है। जिसमें 98 हजार के गबन के साथ ही एक टीबी (टेराबाइट) की हार्ड डिस्क भी चोरी करने का आरोप लगाया गया है।
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इस संबंध में रायपुर थाना प्रभारी हेमेंद्र नेगी ने बताया कि मामले की जांच को आगे बढ़ाने के लिए विभाग से इस संबंध में कुछ दस्तावेज मांगे गए हैं, अभी तक विभाग ने दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए हैं। जैसे ही विभाग संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराएगा, जांच तेजी से शुरू कर दी जाएगी।
आखिर उस हार्ड डिस्क में क्या था
आईटी सैल के तत्कालीन प्रभारी कांतिराम जोशी पर कंप्यूटर की हार्ड डिस्क ले जाने का आरोप लगाया गया है। इस पर सवाल उठ रहे हैं कि कहीं उन्होंने और भी तो गोलमाल नहीं किए? जिनका विवरण उस हार्ड डिस्क में हो सकता है। वरना एक अधिकारी विभाग के कंप्यूटर की हार्ड डिस्क क्यों ले जाएगा? विभाग में चर्चाएं चल रही है कि यदि कांतिराम जोशी 98 हजार का गबन कर सकते हैं तो हो सकता है कि उन्होंने और भी बडे़ खेल किए हों। बरहाल, अभी मामले की जांच होनी बाकी है, जिसके बाद ही सच्चाई सामने आ सकती है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। समाज कल्याण विभाग में तत्कालीन आईटी सैल के प्रभारी ने कार्यालय के लिए फर्नीचर खरीदने के नाम पर 98 हजार रुपये गबन कर दिया। दूसरे प्रभारी के आने पर मामला उजागर हुआ तो निदेशालय ने मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए, जिस पर वर्तमान प्रभारी ने रायपुर थाने में तहरीर दी है। उन पर विभाग के कंप्यूटर से हार्ड डिस्क भी ले जाने का आरोप है। वहीं विभाग में चल रही चर्चाओं में कहा जा रहा है कि तत्कालीन प्रभारी इसके अलावा और भी गोलमाल कर गए हैं।
31 मार्च 2017 को तत्कालीन आईटी सैल के प्रभारी कांतिराम जोशी ने कार्यालय के लिए फर्नीचर खरीदने के नाम पर 98928 हजार रुपये खर्च कर दिए। जिसकी खरीद चकराता रोड स्थित भारत फर्नीचर शोरूम से करनी दर्शाई गई है, लेकिन आज तक ये फर्नीचर कार्यालय में नहीं पहुंचा है। न ही इसकी आमद सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है। जब आईटी सैल के प्रभारी बदले और नए प्रभारी ने चार्ज संभाला तब इस घोटाले का खुलासा हुआ। उन्होंने निदेशालय को पत्र लिखकर मामले से अवगत कराया।
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इस पर निदेशालय ने कांतिराम जोशी को पत्र भेजकर स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन प्रभारी न ही फर्नीचर दिखा सके और न ही अपने जवाब से अफसरों को संतुष्ट ही कर पाए। जिस पर निदेशालय ने कांतिराम जोशी को गबन का दोषी माना। वहां से निर्देश मिलने पर पिछले दिनों आईटी सैल प्रभारी/जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर ने रायपुर थाने में कांतिराम जोशी के खिलाफ तहरीर दी है। जिसमें 98 हजार के गबन के साथ ही एक टीबी (टेराबाइट) की हार्ड डिस्क भी चोरी करने का आरोप लगाया गया है।
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इस संबंध में रायपुर थाना प्रभारी हेमेंद्र नेगी ने बताया कि मामले की जांच को आगे बढ़ाने के लिए विभाग से इस संबंध में कुछ दस्तावेज मांगे गए हैं, अभी तक विभाग ने दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए हैं। जैसे ही विभाग संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराएगा, जांच तेजी से शुरू कर दी जाएगी।
आखिर उस हार्ड डिस्क में क्या था
आईटी सैल के तत्कालीन प्रभारी कांतिराम जोशी पर कंप्यूटर की हार्ड डिस्क ले जाने का आरोप लगाया गया है। इस पर सवाल उठ रहे हैं कि कहीं उन्होंने और भी तो गोलमाल नहीं किए? जिनका विवरण उस हार्ड डिस्क में हो सकता है। वरना एक अधिकारी विभाग के कंप्यूटर की हार्ड डिस्क क्यों ले जाएगा? विभाग में चर्चाएं चल रही है कि यदि कांतिराम जोशी 98 हजार का गबन कर सकते हैं तो हो सकता है कि उन्होंने और भी बडे़ खेल किए हों। बरहाल, अभी मामले की जांच होनी बाकी है, जिसके बाद ही सच्चाई सामने आ सकती है।