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राज्य आंदोलनकारियों ने किया मुख्यमंत्री आवास कूच
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
सात सूत्री मांगों के समर्थन में आंदोलन कर रहे राज्य आंदोलनकारी मंगलवार को चार बैरियर तोड़ कर सीएम आवास की ओर बढ़े। हालांकि सीएम आवास से करीब डेढ़ किलोमीटर पहले पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने में कामयाबी रही। इस दौरान आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोंकझोंक और झड़प हुई। इसके बाद आंदोलनकारी वहीं धरने पर बैठ गए।
राज्य आंदोलनकारियों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास कूच किया। हजारों आंदोलनकारियों का हुजूम जुलूस की शक्ल में परेड ग्राउंड से चला और चार बैरियर लांघते हुए हाथीबड़कला तक पहुंच गया। इस दौरान पुलिस ने हाथीबड़कला चौकी के सामने मजबूत सुरक्षा घेरा लगाकर सभी को रोक दिया। जहां आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच नोंकझोंक भी हुई। लगभग दो घंटे बाद आंदोलनकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री आवास पहुंचा, जहां मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि से वार्ता हुई। यहां से आश्वासन पाकर आंदोलनकारियों ने प्रदर्शन खत्म किया। इस दौरान राज्य आंदोलनकारी एवं जनकवि अतुल शर्मा के गीत को गाकर जयदीप सकलानी व प्रमिला रावत व सचिन थपलियाल ने आंदोलन को धार दी।
वर्षों बाद दिखी आंदोलनकारियों की इतनी भीड़
राज्य आंदोलनकारी देहरादून की सड़कों पर इतनी बड़ी संख्या में कई साल बाद दिखाई दिए। प्रदेश के सभी जिलों से हजारों की संख्या में आंदोलनकारी परेड ग्राउंड में जुटे थे। इसके बाद आंदोलनकारी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े।
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यहां रोके नहीं रुके आंदोलनकारी
पुलिस ने राज्य आंदोलनकारियों को कनक सिनेमा के पास बेरिकेडिंग लगाकर रोकना चाहा, लेकिन आंदोलनकारी सुरक्षा घेरा तोड़कर आगे बढ़ गए। इसके बाद सेंट जोजेफ्स एकेडमी के सामने भी आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास हुआ। ग्लोब चौक पर आंदोलनकारियों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई। हालांकि, कुछ देर बाद सब शांत हो गया और हुजूम आगे बढ़ गया। इसके बाद दिलाराम चौक पर भी पुलिस ने सुरक्षा घेरा लगाया हुआ था, लेकिन आंदोलनकारियों ने बेरिकेडिंग तोड़ दी और हाथीबड़कला चौकी के पास पहुंच गए। यहां एसडीएम प्रत्यूष सिंह और एसपी सिटी श्वेता चौबे के नेतृत्व में खड़ी पुलिस फोर्स आंदोलनकारियों को रोकने में कामयाब रही।
सीएम के आश्वासन के बाद लौटे आंदोलनकारी
हाथीबड़कला के पास आंदोलनकारियों का जुलूस सभा में तब्दील हो गया। आंदोलनकारी रविंद्र जुगरान, जेपी पांडेय आदि ने लगभग दो घंटे तक आंदोलनकारियों को संबोधित किया और अपनी मांगों को लेकर संघर्षरत रहने का आह्वान किया। लगभग साढ़े तीन बजे रविंद्र जुगरान, जगमोहन नेगी, प्रदीप कुकरेती, सावित्री नेगी आदि आंदोलनकारियों के साथ 11 लोगों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री आवास पहुंचा। यहां मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट से करीब 40 मिनट तक बातचीत हुई। आंदोलनकारी रविंद्र जुगरान ने बताया कि भट्ट ने मुख्यमंत्री की ओर से उन्हें सकारात्मक आश्वासन दिया है।
दो अधिकारी सुनेंगे बात
रविंद्र जुगरान ने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से आश्वासन मिला है कि सरकार के दो अपर सचिव स्तर के अधिकारी एक सप्ताह के भीतर उनसे बात करेंगे। इस दौरान उनकी मांगों को विस्तार से सुना जाएगा। इसके बाद जो भी नियम आदि बनने होंगे उन पर भी विचार होगा।
आंदोलनकारियों में हुई दो फाड़ की चर्चा, जुगरान ने किया इनकार
दरअसल, दोपहर करीब डेढ़ बजे आंदोलनकारियों में दो फाड़ होने की भी चर्चा शुरू हो गई। बताया जा रहा था कि कुछ आंदोलनकारी मंगलवार के प्रदर्शन को रोजगार कार्यालय तिराहे पर करने की बात भी कह रहे थे। हालांकि, पहले से कार्यक्रम हाथीबड़कला तक जाने का था। इस मामले में रविंद्र जुगरान ने बताया कि आंदोलनकारियों में दो फाड़ नहीं हुआ था। यह सब बातें निराधार हैं। उनका मंगलवार का प्रदर्शन सफल रहा और मुख्यमंत्री की ओर से भी उन्हें सकारात्मक आश्वासन मिला है।
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सात सूत्री मांगों के समर्थन में आंदोलन कर रहे राज्य आंदोलनकारी मंगलवार को चार बैरियर तोड़ कर सीएम आवास की ओर बढ़े। हालांकि सीएम आवास से करीब डेढ़ किलोमीटर पहले पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने में कामयाबी रही। इस दौरान आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोंकझोंक और झड़प हुई। इसके बाद आंदोलनकारी वहीं धरने पर बैठ गए।
राज्य आंदोलनकारियों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास कूच किया। हजारों आंदोलनकारियों का हुजूम जुलूस की शक्ल में परेड ग्राउंड से चला और चार बैरियर लांघते हुए हाथीबड़कला तक पहुंच गया। इस दौरान पुलिस ने हाथीबड़कला चौकी के सामने मजबूत सुरक्षा घेरा लगाकर सभी को रोक दिया। जहां आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच नोंकझोंक भी हुई। लगभग दो घंटे बाद आंदोलनकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री आवास पहुंचा, जहां मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि से वार्ता हुई। यहां से आश्वासन पाकर आंदोलनकारियों ने प्रदर्शन खत्म किया। इस दौरान राज्य आंदोलनकारी एवं जनकवि अतुल शर्मा के गीत को गाकर जयदीप सकलानी व प्रमिला रावत व सचिन थपलियाल ने आंदोलन को धार दी।
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वर्षों बाद दिखी आंदोलनकारियों की इतनी भीड़
राज्य आंदोलनकारी देहरादून की सड़कों पर इतनी बड़ी संख्या में कई साल बाद दिखाई दिए। प्रदेश के सभी जिलों से हजारों की संख्या में आंदोलनकारी परेड ग्राउंड में जुटे थे। इसके बाद आंदोलनकारी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े।
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यहां रोके नहीं रुके आंदोलनकारी
पुलिस ने राज्य आंदोलनकारियों को कनक सिनेमा के पास बेरिकेडिंग लगाकर रोकना चाहा, लेकिन आंदोलनकारी सुरक्षा घेरा तोड़कर आगे बढ़ गए। इसके बाद सेंट जोजेफ्स एकेडमी के सामने भी आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास हुआ। ग्लोब चौक पर आंदोलनकारियों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई। हालांकि, कुछ देर बाद सब शांत हो गया और हुजूम आगे बढ़ गया। इसके बाद दिलाराम चौक पर भी पुलिस ने सुरक्षा घेरा लगाया हुआ था, लेकिन आंदोलनकारियों ने बेरिकेडिंग तोड़ दी और हाथीबड़कला चौकी के पास पहुंच गए। यहां एसडीएम प्रत्यूष सिंह और एसपी सिटी श्वेता चौबे के नेतृत्व में खड़ी पुलिस फोर्स आंदोलनकारियों को रोकने में कामयाब रही।
सीएम के आश्वासन के बाद लौटे आंदोलनकारी
हाथीबड़कला के पास आंदोलनकारियों का जुलूस सभा में तब्दील हो गया। आंदोलनकारी रविंद्र जुगरान, जेपी पांडेय आदि ने लगभग दो घंटे तक आंदोलनकारियों को संबोधित किया और अपनी मांगों को लेकर संघर्षरत रहने का आह्वान किया। लगभग साढ़े तीन बजे रविंद्र जुगरान, जगमोहन नेगी, प्रदीप कुकरेती, सावित्री नेगी आदि आंदोलनकारियों के साथ 11 लोगों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री आवास पहुंचा। यहां मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट से करीब 40 मिनट तक बातचीत हुई। आंदोलनकारी रविंद्र जुगरान ने बताया कि भट्ट ने मुख्यमंत्री की ओर से उन्हें सकारात्मक आश्वासन दिया है।
दो अधिकारी सुनेंगे बात
रविंद्र जुगरान ने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से आश्वासन मिला है कि सरकार के दो अपर सचिव स्तर के अधिकारी एक सप्ताह के भीतर उनसे बात करेंगे। इस दौरान उनकी मांगों को विस्तार से सुना जाएगा। इसके बाद जो भी नियम आदि बनने होंगे उन पर भी विचार होगा।
आंदोलनकारियों में हुई दो फाड़ की चर्चा, जुगरान ने किया इनकार
दरअसल, दोपहर करीब डेढ़ बजे आंदोलनकारियों में दो फाड़ होने की भी चर्चा शुरू हो गई। बताया जा रहा था कि कुछ आंदोलनकारी मंगलवार के प्रदर्शन को रोजगार कार्यालय तिराहे पर करने की बात भी कह रहे थे। हालांकि, पहले से कार्यक्रम हाथीबड़कला तक जाने का था। इस मामले में रविंद्र जुगरान ने बताया कि आंदोलनकारियों में दो फाड़ नहीं हुआ था। यह सब बातें निराधार हैं। उनका मंगलवार का प्रदर्शन सफल रहा और मुख्यमंत्री की ओर से भी उन्हें सकारात्मक आश्वासन मिला है।