{"_id":"5a9da60f4f1c1b28428b8b80","slug":"101520281103-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जांच कमेटी ने खो दिए शैक्षिक प्रमाण-पत्र दिए","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जांच कमेटी ने खो दिए शैक्षिक प्रमाण-पत्र दिए
Updated Tue, 06 Mar 2018 01:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
राज्य सूचना आयुक्त राजेंद्र कोटियाल ने कृषि निदेशक को उप निदेशक जलागम प्रबंधनअजय कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। राज्य सूचना आयोग की ओर से कहा गया है कि तत्कालीन कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी ने कृषि विभाग की जांच कमेटी को नियुक्ति एवं शैक्षिक प्रमाण-पत्रों के मूल अभिलेख दिए और कमेटी सदस्य सचिव ने खो दिए।
कृषि विभाग में कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी सहसपुर रहे हरीशंकर पांडे ने तीन फरवरी 2017 को कृषि विभाग से विभिन्न 17 बिंदुओं पर सूचना मांगी थी, लेकिन विभाग की ओर से उन्हें जो सूचनाएं उपलब्ध कराई गईं उससे वे संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने पहली अपील 30 मार्च 2017 को और दूसरी अपील 18 अप्रैल 2017 को आयोग में दायर की। इसके बाद आयोग की ओर से 16 बिंदुओं की सूचना उपलब्ध कराई र्गई, लेकिन 17वें बिंदु की सूचना नहीं दी गई। इस पर अपील करने वाले अधिकारी ने कहा कि जांच कमेटी की ओर से उनके नियुक्ति एवं शैक्षिक प्रमाण-पत्रों के 22 मूल अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। आयोग ने मामले की सुनवाई के बाद दिए फैसले में कहा कि किसी भी व्यक्ति के शैक्षणिक एवं नियुक्ति संबंधी मूल अभिलेख मूल्यवान संपत्ति हैं। जिनको गुम किया जाना आपराधिक कृत्य है। मामले में उप निदेशक कृषि जलागम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए। आयोग ने फैसले की एक प्रति वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी भेजी है।
---
मेरी नियुक्ति एवं शैक्षिक प्रमाण-पत्रों की जांच के लिए विभाग की ओर से जांच बैठाई गई थी। जांच कमेटी ने मेरे नियुक्ति एवं शैक्षिक प्रमाण-पत्रों के 22 मूल अभिलेख मुझे आज तक वापस नहीं लौटाए हैं। आरटीआई के तहत मांगने के बावजूद कोई नतीजा नहीं निकला।
विज्ञापन
-हरीशंकर पांडे, अपीलार्थी
---
संयुक्त कृषि निदेशक की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई थी। मैं इस कमेटी में सदस्य था, मैंने प्रमाण-पत्रों का अवलोकन किया, लेकिन कोई प्रमाण अपने पास नहीं रखे, कमेटी के बजाय अकेले मेरे खिलाफ इस तरह का आदेश हुआ है।
-अजय कुमार, उप निदेशक
---
मुझे अभी आदेश की प्रति नहीं मिली है। मैं उप निदेशक का नियुक्ति अधिकारी नहीं हूं, संबंधित अधिकारी के खिलाफ शासन स्तर से ही कोई कार्रवाई की जा सकती है।
-गौरी शंकर, निदेशक कृषि
विज्ञापन
राज्य सूचना आयुक्त राजेंद्र कोटियाल ने कृषि निदेशक को उप निदेशक जलागम प्रबंधनअजय कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। राज्य सूचना आयोग की ओर से कहा गया है कि तत्कालीन कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी ने कृषि विभाग की जांच कमेटी को नियुक्ति एवं शैक्षिक प्रमाण-पत्रों के मूल अभिलेख दिए और कमेटी सदस्य सचिव ने खो दिए।
कृषि विभाग में कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी सहसपुर रहे हरीशंकर पांडे ने तीन फरवरी 2017 को कृषि विभाग से विभिन्न 17 बिंदुओं पर सूचना मांगी थी, लेकिन विभाग की ओर से उन्हें जो सूचनाएं उपलब्ध कराई गईं उससे वे संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने पहली अपील 30 मार्च 2017 को और दूसरी अपील 18 अप्रैल 2017 को आयोग में दायर की। इसके बाद आयोग की ओर से 16 बिंदुओं की सूचना उपलब्ध कराई र्गई, लेकिन 17वें बिंदु की सूचना नहीं दी गई। इस पर अपील करने वाले अधिकारी ने कहा कि जांच कमेटी की ओर से उनके नियुक्ति एवं शैक्षिक प्रमाण-पत्रों के 22 मूल अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। आयोग ने मामले की सुनवाई के बाद दिए फैसले में कहा कि किसी भी व्यक्ति के शैक्षणिक एवं नियुक्ति संबंधी मूल अभिलेख मूल्यवान संपत्ति हैं। जिनको गुम किया जाना आपराधिक कृत्य है। मामले में उप निदेशक कृषि जलागम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए। आयोग ने फैसले की एक प्रति वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी भेजी है।
विज्ञापन
---
मेरी नियुक्ति एवं शैक्षिक प्रमाण-पत्रों की जांच के लिए विभाग की ओर से जांच बैठाई गई थी। जांच कमेटी ने मेरे नियुक्ति एवं शैक्षिक प्रमाण-पत्रों के 22 मूल अभिलेख मुझे आज तक वापस नहीं लौटाए हैं। आरटीआई के तहत मांगने के बावजूद कोई नतीजा नहीं निकला।
विज्ञापन
-हरीशंकर पांडे, अपीलार्थी
---
संयुक्त कृषि निदेशक की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई थी। मैं इस कमेटी में सदस्य था, मैंने प्रमाण-पत्रों का अवलोकन किया, लेकिन कोई प्रमाण अपने पास नहीं रखे, कमेटी के बजाय अकेले मेरे खिलाफ इस तरह का आदेश हुआ है।
-अजय कुमार, उप निदेशक
---
मुझे अभी आदेश की प्रति नहीं मिली है। मैं उप निदेशक का नियुक्ति अधिकारी नहीं हूं, संबंधित अधिकारी के खिलाफ शासन स्तर से ही कोई कार्रवाई की जा सकती है।
-गौरी शंकर, निदेशक कृषि